कानपुर, 18 अगस्त चकेरी थानाक्षेत्र के अहिरवां स्थित इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन (डिपो) पर दो
दिन से वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे परिचालकों पर पुलिस ने गुरुवार को लाठीचार्ज कर खदेड़ा। आरोप
है कि महिला परिचालकों को भी लात-घूंसों से पीटा है। प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है। कर्मचारियों की
हड़ताल से ई-बस का संचालन पूरी तरह ठप है, जिसकी वजह से 20 हजार से अधिक यात्री परेशान हैं।
जनपद में चलने वाली इलेक्ट्रिक बस का डिपो अहिरवां में बना है। इसमें कार्यरत चालक और परिचालकों ने बताया
कि वे एक निजी कंपनी के जरिए लगाए गए हैं। उनका आरोप है कि कई माह का उन्हें वेतन नहीं मिला। मजबूर
होकर जब वे धरने पर बैठे तो कंपनी ने 15 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। वे अपने साथियों की बहाली और
वेतन की मांग को लेकर दो दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। गुरुवार को पुलिस ने उन्हें धरना समाप्त करने के लिए
दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस पर उन लोगों की पुलिस से तीखी नोक-झोंक हुई तो भारी संख्या में मौजूद पुलिस
कर्मियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाओं से भी लात-घूंसों से मारा और अभद्रता की।
पुलिसकर्मियों ने लाठी चार्ज कर सभी को प्रदर्शन स्थल से खदेड़ दिया। इस मामले में पुलिस के अधिकारियों का
कहना है कि भीड़ को हटाने के लिए लाठियां भांजी गई हैं।
इस प्रकरण को लेकर डिपो के नोडल अधिकारी राहुल सिंह का कहना है कि परिचालक और चालकों की ओर से कुछ
मांगें रखी गई थीं जो स्वीकार ली गई हैं, लेकिन वे लोग वेतन निर्धारित करने व स्थायी की मांग पर अड़े थे।
हालांकि दैनिक यात्रियों की असुविधा के मद्देनजर ई-बसों का संचालन बिना परिचालकों के शुरू करा दिया गया है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की कोई पंजीकृत यूनियन नहीं है।

