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नोएडा, 23 अगस्त अब कक्षा आठ पास करने के बाद शिक्षा से दूर रहने वाले छात्र अफसरों की नजर
से बच नहीं पाएंगे। नौवी में दाखिला न लेने वाले छात्र यूनीक आईडी नंबर से पहचाने जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग

ने 8वीं पास के बाद नौंवी में दाखिला ना लेने वाले विद्यार्थियों का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।

बता दें कि हर वर्ष कक्षा-6, 9, 11 में काफी विद्यार्थी ड्रॉपआउट करते हैं। यह विद्यार्थी आगे की पढ़ाई क्यों नहीं
करते इस बारे में शिक्षा विभाग के पास कोई जानकारी नहीं होती। अबतक आगरा, मथुरा, मैनपुरी, एटा और

कासगंज में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या काफी घटी है। ऐसे में
गौतमबुद्ध नगर के 511 परिषदीय विद्यालयों में भी करीब 10 हजार विद्यार्थियों ने इस वर्ष आठवीं पास की है।

आठवीं पास करने वाले सभी विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है या नहीं, बीएसए स्तर से इसकी पड़ताल की जा रही

है। बीएसए ने भी स्कूलों से आठवी के नौंवी में हो रहे दाखिलों का विवरण मांगा है। हालांकि, जिले में सितंबर तक

दाखिला प्रक्रिया जारी रहती है। स्कूलों में कक्षा 9वीं में दाखिले की वर्तमान स्थिति को जानने के लिए उन्होंने
माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय हाईस्कूलों को भी पत्र लिखा है। बीएसए ने बताया कि रिकॉर्ड यदि खराब होगा

तो जिन विद्यार्थियों ने दाखिला नहीं लिया है उनकी यूनिक आईडी के माध्यम से जानकारी जुटाई जाएगी। आईडी
के माध्यम से उन्होंने कहां दाखिला लिया है

या फिर वह अभी पढ़ रहे है या नहीं इस बारे में जानकारी मिल
जाएगी। उनके घर का पता लेकर आगे की पढ़ाई के लिए जागरूक किया जाएगा।

इसलिए छोड़ देते हैं विद्यार्थी पढ़ाई
खासतौर पर ऐसी स्थिति तब आती है जब आठवीं के बाद कक्षा नौ में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को घर के

नजदीक सरकारी स्कूल नहीं मिलता। नोएडा के दिल्ली से सटे होने के चलते काफी बच्चे वहां के स्कूलों में भी रुख
करते हैं। सेक्टर-6, 7, 8, 9 व 10 में सबसे ज्यादा झुग्गी-झोपड़िया हैं। यहां रहने वाले अधिकांश विद्यार्थी कोंडली,

मयूर विहार आदि के स्कूलों में दाखिला लेते हैं, वह पैदल ही स्कूल चले जाते हैं। जबकि इन सेक्टरों में कोई
सरकारी स्कूल नहीं है। राजकीय स्कूलों की जिले में कमी है। कुछ छात्र आगे की पढ़ाई का खर्च वहन न करने के

चलते कामकाज पर लग जाते हैं। विभाग अब ऐसे ही विद्यार्थियों का पता लगाकर उन्हें नौंवी में दाखिला
दिलाएगा।

यह होती है यूनिक आईडी
बेसिक शिक्षा विभाग डिजिटल की तरफ बढ़ रहा है। शिक्षकों ने विद्यालय में नामांकित सभी छात्रों का ऑनलाइन

नामांकन व रजिस्ट्रेशन प्रेरणा पोर्टल पर कराया है। प्रेरणा पोर्टल पर नामांकित सभी छात्रों को एक यूनिक नंबर
दिया गया है, इसी को यूनिक आईडी भी कहते हैं।

परिषदीय विद्यालयों से इस वर्ष करीब 10 हजार के करीब विद्यार्थियों ने आठवीं पास की है। माध्यमिक स्कूलों से
भी काफी छात्र पास हुए। पास विद्यार्थियों के सापेक्ष नौंवी में कितने दाखिला हुए, इसी का रिकार्ड तैयार होगा।

ड्रापआउट छात्रों ने पढ़ाई क्यों छोड़ी है, इसका पता लगाया जाएगा और उन्हें दाखिला दिलाया जाएगा।
-ऐश्वर्या लक्ष्मी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी