श्रीनगर, 27 अगस्त । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी कार्यसमिति के सदस्य तारिक कर्रा ने शनिवार
को कहा कि श्री गुलाम नबी आजाद ने पार्टी से इस्तीफा देकर यह साबित कर दिया
कि वह ‘विविधता के विचार के
खिलाफ’ थे और उन्होंने यह काम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘इशारों’ पर किया है।
श्री कर्रा ने कहा कि कांग्रेस, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में श्री आजाद के इस्तीफा देने के बावजूद लोगों को बांटने
के किसी भी प्रयास का मुकाबला करेगी।
उन्होंने कहा,“लोकप्रिय धारणा और अतीत में हुई घटनाएं स्पष्ट रूप से
बताती हैं कि भाजपा के इशारे पर जम्मू-कश्मीर को विभाजित करने का निर्णय लिया गया था।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में लोगों को बांटने के लिए कई कदम उठाए हैं। भाजपा को लगता
था उन्होंने जो विखंडन की प्रक्रिया शुरू की थी
, वह सफल नहीं हुयी है। इसलिए भाजपा एक बार फिर एक नए
राजनीतिक दल के रूप में या सुविधा के माध्यम से विखंडन करने में सफल हुयी है।”
उल्लेखनीय है कि श्री आजाद ने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को लिखे पांच
पृष्ठ के तीखे पत्र में आजाद ने आरोप लगाया
कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत के लिए लड़ने की इच्छाशक्ति
और क्षमता दोनों खो दी है।
कांग्रेस नेता कर्रा ने कहा कि श्री आजाद के इस्तीफे में उनके लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा,
“आजाद साहब को राज्यसभा में प्रधानमंत्री द्वारा नवनिर्मित सौहार्द के तहत अश्रुपूर्ण विदाई दी गई और यह पूरी
कहानी बताती है। उस समय प्रधानमंत्री ने कहा था कि श्री आजाद बर्बाद नहीं होंगे और उन्हें जल्द ही एक विशेष
मिशन और विशिष्ट कार्य के लिए नियुक्त किया जाएगा। इसलिए मेरे लिए उनके इस्तीफे में कोई आश्चर्य की बात
नहीं है।” उन्होंने कहा, “श्री आजाद के त्यागपत्र में कहीं भी वैचारिक मतभेदों का उल्लेख नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध
रूप से व्यक्तिगत आधार पर है और प्रतीत होता है,
जो पार्टी की विचारधारा के साथ उनके मतभेदों को इंगित
करता है।”

