शिकारपुर : नगर के शबा फार्म हाउस पहासू रोड़, किसान मजदूर एकता राष्ट्रीय एकता अखंडता की रक्षा और संविधानिक अधिकारों की रक्षा पर प्रस्ताव अध्यक्ष,
और प्रतिनिधि साथियों हमारा यह सम्मेलन गौर करता है कि देश की आजादी की लड़ाई में मजदूर वर्ग की अग्रणी भूमिका रही थी सफाई मजदूरों की भूमिका को इस लड़ाई में कम करके नहीं आंका जा सकता इन लड़ाइयों के दबाव में मजदूरों
को सहूलियतें और सुरक्षा प्रदान करने वाले कानून बने राज्य सरकारें समय-समय पर शासनादेश जारी करने को विवश हुई वर्षों लम्बे चलने वाले आन्दोलनों के परिणामस्वरूप हमारे वेतन के भुगतान की व्यवस्था वित्त आयोग से हुई सफाई
कर्मचारियों की पक्की नौकरी और अन्त में पेंशन व्यवस्था का लाभ मिला हमारा यह सम्मेलन नोट करता है कि देश में उदारीकरण की नीतियों का लाभ पूंजीपतियों को पहुंचाने का काम सरकारों द्वारा किया जा रहा है पूंजीपतियों का मुनाफा
मजदूरों का शोषण तेज करके और आम जनता पर महंगाई घोपकर, कल्याणकारी योजनाओं में कटौती करके ही बढ़ाया जा सकता है इसी व्यवस्था के चलते हुए नगर निगमों, नगर पालिका, नगर पंचायतों में पक्की (स्थाई नौकरी) की गर्ती पर
कल्याणसिंह, सरकार द्वारा 30 वर्ष पूर्व लगाई गई रोक आज तक जारी है रिटायरमेन्ट के चलते स्थाई पद रिक्त हो रहे है उनको संविदा कर्मचारियों से भरा जाना चाहिए था लेकिन नहीं भरा जा रहा परिणामत स्थाई कर्मचारी मुट्ठी भर संख्या में
रह गये है कुछ कर्मचारी संविदा पर कार्यरत है कुल संख्या का 80 प्रतिशत भाग ठेका या आऊटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत है यह सम्मेलन इस बात पर गहरी चिंता प्रकट करता है कि जनपद में सफाई कर्मचारी दयनीय स्थिति में जीवन
यापन कर रहे है आबादी की वृद्धि के अनुसार भर्ती नहीं होने से कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है उन्हें शासनादेश अनुसार वेतन तक नहीं दिया जाता ई.एस.आई. कार्ड नहीं दिये जाये ई.पी.एफ की राशि अधिकारियों और ठेकेदारों की
मिली भगत के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है सब सरकारों द्वारा चलाई जा रही मजदूर विरोधी नीतियों के चलते ही सम्भव हो पा रहा है सम्मेलन का यह मानना है कि सरकार की मजदूर किसान विरोधी नीतियों खिलाफ देश भर में
आन्दोलन हो रहे है 28-29 मार्च की अखिल भारतीय हड़ताल इसका ताजा उदाहरण है इस एकता को तोड़ने के उद्देश्य से हिन्दु गुरिलम, मन्दिर-मस्जिद के नाम पर जहरीला प्रचार किया जा रहा है खतरनाक बात यह है कि इन जहरीले
अभियानों को सरकार की शह मिल रही है। दूसरी ओर गीडिया का बड़ा हिस्सा इसे और तेज करने का काम कर रहा है सम्मेलन यह बात पुनः दोहराता है कि एक ओर तो मेहनतकश हिस्से साम्प्रदायिक विचारों की गिरफ्त में आ रहे है वहीं
सरकार मजदूरों के बने बनाये कानूनों को खत्म कर चुकी है जो हमारे संवैधानिक अधिकारों पर हमला है साम्प्रदायिक ताकतों के मजबूत होने, किसान मजदूर एकता के कमजोर होने से राष्ट्रीय एकता अखंडता खतरे में पढ़ेगी यह सम्मेलन
अपने प्रतिनिधियों और सदस्यों को अवगत कराना चाहता है कि बुलन्दशहर जनपद में सी.आई.टी.यू. किसान सभा और सी.पी.आई. (एम.) द्वारा रोजी रोटी, भाईचारा जनतंत्र बचाओ देश बचाओ एक वर्ष का अभियान चलाया जा रहा है जो कि
शहीद भगत सिंह के जन्मदिन 28 सितम्बर 2022 से लेकर पूरे एक वर्ष 28 सितम्बर 2023 तक चलेगा अभियान का उद्घाटन 28 सितम्बर 2022 को मेरठ रोड स्थित शान्ति दीप गार्डन गिझौरी निकट ताजपुर में होगा सम्मेलन आहवान
करता है कि किसान मजदूर एकता को मजबूत करने और अपनी हकों की आवाज को सुरक्षित रखने के लिए इस
अभियान में आगे बढ़ कर हिस्सेदारी करे 28 सितम्बर 2022 को शान्ति दीप गार्डन, गिझौरी मेरठ रोड बुलन्दशहर पर 11 बजे सुबह पहुंच कर भगतसिंह जन्म दिवस समारोह को सफल बनायें ।


