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नई दिल्ली, 01 सितंबर (। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि

बिजली उत्पादन संयंत्रों में कोयला भंडार पिछले महीने बढ़कर करीब तीन करोड़ टन पहुंच गया। इससे
मानसून के दौरान कोयले की कमी की आशंका दूर हुई है।

सरकार इस साल गर्मियों के दौरान बिजलीघरों में ईंधन संकट गहराने की स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं
होने देने के लिये कोयला भंडार बनाने के लिये सभी प्रयास कर रही है।

कोल इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘…बिजलीघरों में कोयला भंडार 29 अगस्त तक करीब तीन करोड़ टन
रहा। एक साल पहले इसी महीने में ईंधन भंडार 1.12 करोड़ टन था।

कोल इंडिया ने कहा कि कंपनी से आपूर्ति बढ़ने से बिजलीघरों में ईंधन भंडार की स्थिति बेहतर हुई
है।

कंपनी के अनुसार, ‘‘अगस्त में कोयले का भंडार 2020 को छोड़कर छह साल के उच्चस्तर पर है।

महामारी और उसकी रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन’ के कारण उत्पन्न नरमी से भंडार उस
समय 3.77 करोड़ टन पर आ गया था।

कोल इंडिया ने कहा कि कंपनी के खदानों के परिसर में 3.1 करोड़ टन का कोयला भंडार है जबकि
तीन करोड़ टन बिजलीघरों में हैं। इसके अलावा एक करोड़ टन से अधिक कोयला निजी वॉशरी,

बंदरगाहों, निजी उपयोग वाले बिजली संयंत्रों आदि जगहों पर हैं। इसको देखते हुए अभी कोयले का
पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

इसके अलावा, बिजली क्षेत्र को

चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में कोयले की आपूर्ति भी बढ़कर
24.33 करोड़ टन पहुंच गयी है।

कोल इंडिया का उत्पादन भी अप्रैल-अगस्त के दौरान 21 प्रतिशत बढ़कर 25.33 करोड़ टन रहा। एक
साल पहले इसी अवधि में यह 20.92 करोड़ टन से अधिक था।