गाजियाबाद, 03 अक्टूबर ( जिला एमएमजी अस्पताल में पिछले दो दिन तक मरीजों और
स्टाफ को पीने का पानी नसीब नहीं हुआ। रविवार देर शाम नगर निगम के टैंकर पहुंचने के बाद
मकीजों के परिजों ने व्रत खोला और अस्पताल में रह रहे स्टाफ के परिवारों को पानी मिल सका।
ट्यूबवेल फुंकने की वजह से अस्पताल में पानी की किल्लत हुई।
जिला एमएमजी अस्पताल के परिसर में नगर निगम की ट्यूबवेल और अस्पताल का निजी नलकूप
लगा हुआ है। इनसे पूरे अस्पताल परिसर और स्टाफ क्वार्टर्स में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
लेकिन अस्पताल का निजी ट्यूबवेल एक माह से बंद पड़ा है। इस वजह से पानी की आपूर्ति का पूरा
लोड नगर निगम के ट्यूबवेल पर आ गया। शनिवार की शाम को नगर निगम के नलकूप की मोटर
भी फूंक गई। इससे पूरी पानी आपूर्ति प्रभावित हो गई। हालांकि वार्ड में समर्सिबल से पानी आपूर्ति हो
रही है। लेकिन पुराना महिला अस्पताल और स्टाफ क्वार्टर पिछले तीन दिनों से पानी की किल्लत से
जूझ रहे हैं।
टैंकर पहुंचने से मिली राहत
रविवार की शाम जब पानी ना मिलने से अस्पताल परिसर में हाहाकार मच गया तो नगर निगम से
संपर्क कर दो पानी के टैंकर मंगवाए गए। एक टैंकर को स्टाफ क्वार्टर के पास खड़ा किया गया
जबकि दूसरा टैंकर पुरानी महिला अस्पताल में पीछे लगाया गया। टैंकर पहुंचने के बाद पुराना महिला
अस्पताल में स्टाफ क्वार्टर में महिलाओं ने व्रत खोला। टैंकर की वजह से फिलहाल स्टाफ और मरीजों
को पेयजल मिल रहा है। लेकिन अभी तक किल्लत का कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका है।
20 स्टाफ परिवार रहते हैं
अस्पताल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का परिवार रहता है।
करीब 20 परिवार यहां निवास
करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले एक साल से अस्पताल की नलकूप की मोटर फूंकी पड़ी
है। इसे ठीक कराने के लिए प्रबंधन को कई बार कहा जा चुका हैं। लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ऐसे में नगर निगम की टयूबवेल की मोटर फुंकने से पेयजल आपूर्ती भिलकुल ठप हो गई। जिससे
यहां रहने वाले परिवारों को काफी परेशानी की सामना करना पड़ा।
जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ मनोज चतुर्वेदी का कहना है कि नगर निगम की ट्यूबवेल
खराब होने की सूचना स्थानीय पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों को दे दी गई है। जल्दी
नलकूप की मोटर को रिपेयर कराकर पानी आपूर्ति कराई जाएगी।

