नई दिल्ली, 03 अक्टूबर । परिवहन विभाग की तरफ से की जा रही कार्रवाई से नाराज
स्कूल कैब चालकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। स्कूल ट्रांसपोर्ट एकता
यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में कैब चालक प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। इसके
बाद धरने पर बैठकर मुख्यमंत्री से मिलने की मांग रखी।
सीएम आवास से जुड़े अधिकारी ज्ञापन लेने
पहुंचे। उनके सामने यूनियन के पदाधिकारियों ने एक-एक करके अपनी मांगें गिनाई।
यूनियन के अध्यक्ष रामचंद्र ने कहा कि कोरोना काल में सभी को भारी नुकसान हुआ। उसके बाद
स्कूल खुले तो परिवहन विभाग ने स्कूल कैब के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। राजधानी में बीते
पांच वर्षों से अगर स्कूल कैब के तौर पर व्यावसायिक वाहनों की खरीद नहीं हुई तो उसमें भी सरकार
की नाकामी है। एक अगस्त को परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के साथ यूनियन पदाधिकारियों की
बात हुई, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे हमारी कैब को जब्त करने और चालान
काटने का अभियान तेज कर दिया गया। हमने दो प्रमुख मांगें रखी। सबसे पहले सरकार स्कूल कैब
में नई गाड़ियों की खरीद को मंजूरी और पुरानी निजी गाड़ियों को व्यावसायिक में परिवर्तित करने की
अनुमति दे।
दूसरी जब तक यह काम नहीं हो जाता तब तक स्कूल कैब के खिलाफ कोई कार्रवाई न
की जाए।

