एक digital ध्वजवाहक
(इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भाषण)
मान्यवर अध्यक्ष,
माननीय प्रधानमंत्री,
सम्मानित अतिथि गण,
उद्योग जगत और नवप्रवर्तक साथियों,
स्टार्टअप्स, युवा प्रतिभाएँ,
और मेरे प्यारे देशवासियो —
नमस्कार!
आज इस मंच पर खड़ा होकर मैं सिर्फ बोलने नहीं आया — मैं एक विज़न, एक आह्वान, एक दायित्व के साथ आया हूँ। मेरा यह विश्वास है — भारत ने अब सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं देखा है, वह एक डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है। और इस परिवर्तन की अग्नि धारा में हम सब — सरकार, उद्योग, शोधकर्ता, नवप्रवर्तक और आम जनता — एक डिजिटल ध्वजवाहक बनने की राह पर हैं।
जब हम “ध्वजवाहक” की सोचें, तो हमारे मन में वीर और अग्रदूत का रूप उभरता है — जो अगली कतार में खड़ा होता है, जो आदर्शों को आगे ले जाता है। आज, डिजिटल ज़माने में, ध्वज का रूप बदला है — यह अब नेटवर्क, कनेक्टिविटी, डाटा प्रणाली, साइबर सुरक्षा और नवाचार की मशाल बन गया है। इस ध्वज को हम सब मिलकर ऊँचा लहराएँगे — भारत को विश्व के डिजिटल मानचित्र पर अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने के लिए।
1. विषय और संदर्भ: “Innovate to Transform”
इस वर्ष के India Mobile Congress (IMC 2025) के लिए हमने विषय चुना है — “Innovate to Transform”।
इस विषय का मूल मंत्र है — केवल परिवर्तन के प्रति अपेक्षा रखना ही पर्याप्त नहीं है; हमें नवाचार को हथियार बनाना होगा, जिससे समाज, अर्थव्यवस्था, जीवन—हर क्षेत्र में रूपांतरण हो।
5G, 6G, IoT, AI, उपग्रह संचार — ये सभी सिर्फ तकनीकी शब्द नहीं हैं, बल्कि वे माध्यम हैं जिनके जरिए हम हर गाँव, शहर, उद्योग, किसान, छात्र तक डिजिटल पहुँच ले जाएंगे।
IMC 2025 में हम 1,000 से अधिक उपयोग‑मामले (use‑cases) प्रदर्शित करेंगे, स्टार्टअप्स, निवेशक, शोधकर्ता एक मंच पर मिलेंगे — नवाचार और सहयोग की शक्ति को जगाने के लिए।
2. भारत की प्रगति: कहानी, आंकड़े और गर्व
जब हम पीछे मुड़कर देखें, तो हमारी डिजिटल यात्रा संसार के लिए प्रेरणा बन चुकी है:
भारत में लगभग 1.2 अरब मोबाइल उपभोक्ता हैं।
इंटरनेट उपयोगकर्ता संख्या करीब 970 मिलियन पहुँच चुकी है।
भारत के डेटाप्लान की दरें विश्व स्तर पर सबसे सस्ती मानी जाती हैं।
एक समय था जब एक जीबी डेटा का उपयोग महंगा था — आज वह सिर्फ कुछ रुपये में उपलब्ध है।
भारत ने घरेलू 4G स्टैक विकसित किया — और अब हम 5G का विस्तार कर रहे हैं।
हम 6G तकनीकों और पेटेंटों में शीर्ष देशों में शामिल हो रहे हैं।
हमारे डिस्पोजेबल स्ट्रक्चर — जैसे DPI (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर), UPI, JAM — वे मॉडलों ने विश्व स्तर पर पहचान बनाई है।
ये सब उपलब्धियाँ हमें गर्व देती हैं — लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। हम उस क्षितिज की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ भारत न केवल तकनीकी उपयोगकर्ता बने, बल्कि तकनीकी निदेशक, निर्माता, और प्रेरक बने।
3. चुनौतियाँ: सपने केवल तभी सच होंगे जब हम बाधाएँ पहचानें
हमारा मार्ग आसान नहीं होगा। कुछ चुनौतियाँ सामने हैं, जिन्हें हम स्वीकार कर, पार करना है:
(A) डिजिटल खाई (Digital Divide)
भारत के कई हिस्से, विशेषकर ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्र, अभी भी विश्वसनीय कनेक्टिविटी से वंचित हैं। यह असमानता हमें स्वीकार नहीं करनी चाहिए — हर गांव, हर नागरिक का हक है कनेक्टेड भविष्य का।
(B) साइबर सुरक्षा, गोपनीयता और डेटा सुरक्षा
जैसे ही हम डिजिटल रूप से खुलते हैं, हम संवेदनशील हो जाते हैं — डेटा लीक, साइबर-आक्रमण, पहचान धोखाधड़ी आदि जोखिम बढ़ जाते हैं। हमें “भरोसा” बनाना है, न कि डर।
(C) उत्पाद एवं उपकरण क्षमता
अगर हम ध्वजवाहक बनना चाहते हैं, तो हमें “Make in India” को जीवित करना होगा। उपकरणों, घटकों, चिप्स, टावरों — हर स्तर पर हमारी विनिर्माण शक्ति को मजबूत करना होगा।
(D) नीति एवं विनियमन बाधाएँ
पुराने नियम, जटिल लाइसेंसिंग प्रक्रियाएँ, समय लेने वाली मंज़ूरी — ये सब नवाचार की गति को धीमा करते हैं। हमें उन्हें तोड़ना और नए, सहायक नियम लाने होंगे।
(E) वैश्विक प्रतिस्पर्धा और मानक निर्माण
दुनिया भर के देश इस दौड़ में हैं। हमें सिर्फ तकनीकी उन्नत नहीं, बल्कि नीति, मानक, वैश्विक नेतृत्व में भी आगे रहना होगा।
4. हमारा मार्ग, हमारी रणनीति — इस ध्वज को ऊँचा लेकर चलने की दिशा
यहाँ मैं कुछ रणनीतिक दिशा बताना चाहूँगा जिनके सहारे हम वास्तव में “ध्वजवाहक” बन सकते हैं:
4.1. कनेक्टिविटी का विस्तार
6G और अगली पीढ़ी नेटवर्क — शोध, परीक्षण और मानक तैयार करना।
उपग्रह संचार (Satellite connectivity) — ऐसी दूरस्थ जगहों को जोड़ना जहाँ जमीन-आधारित नेटवर्क संभव न हो।
गाँवों, कस्बों तक कर्व (backhaul) नेटवर्क, फाइबर, टावरों की तैनाती — हर कोना कनेक्ट करना।
4.2. आत्मनिर्भर नवाचार, उत्पाद और उत्पादन
भारतीय उपकरण निर्माताओं को प्रोत्साहन देना — डिजाइन, निर्माण, स्केलिंग।
“भारत पैवेलियन” जैसे प्लेटफार्मों को समर्थन देना — विश्व मंच पर भारत के नवाचार दिखाने के लिए।
स्टार्टअप्स और SMEs को सुविधाएँ देना — निवेश, अनुकूल लाइसेंस, ऋण सहायता आदि।
4.3. डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और भरोसा
मजबूत एन्क्रिप्शन, डेटा गोपनीयता कानून, निगरानी तंत्र।
उपभोक्ता हित संरक्षण — शिकायत निवारण, पारदर्शिता।
“विश्वास” को बनाना — नागरिकों को बताना कि उनकी सूचना सुरक्षित है।
4.4. नीति सुधार और सहयोग
नियमों को सरल बनाना, समीक्षा करना और नवाचार के अनुकूल बनाना।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल अपनाना — उद्योग और सरकार मिलकर आगे बढ़ें।
वैश्विक मानकों निर्माण में भागीदारी — भारत की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुनाना।
4.5. समावेश एवं डिजिटल साक्षरता
हर आयु वर्ग, हर पिछड़े क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा एवं प्रशिक्षण।
कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा सेवा डिजिटल पहुँच — ताकि लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
“कोई बचे न बचे” — यह भावना हमें आगे ले जाएगी।
5. विशेष योजनाएँ, घोषणाएँ एवं पहलें
इस मंच पर, मैं कुछ विशेष योजनाएँ और पहलें साझा करना चाहता हूँ जिन्हें हम लागू करने का संकल्प लेते हैं:
IMC 2025 Application (AI‑Powered)
हमने IMC 2025 का ऐप लॉन्च किया है, जिसमें AI-आधारित सुझाव, नेटवर्किंग सत्र, सत्रों की लाइव स्ट्रीमिंग, कार्यक्रम अनुसूची आदि सुविधाएँ शामिल हैं।
यह ऐप हमें यह याद दिलाता है कि हम डिजिटल अनुभवों को भी नवाचारी और उपयोगकर्ता केंद्रित बनाएँ।कनेक्ट करना समुदायों से
IMC इस बार सिर्फ तकनीकी विषयों पर नहीं, बल्कि यह दिखाएगा कि कैसे किसान, MSME, स्कूल, पिछड़े इलाके डिजिटल रूप से जुड़ सकते हैं।
हम 30 से अधिक मंत्रालयों को इस सम्मेलन से जोड़ेंगे।Sanchar Mitra Scheme
यह योजना युवाओं को “digital राजदूत” बनाने की है — उन्हें प्रशिक्षण देना, नेटवर्किंग अवसर देना और उन्हें तकनीकी जागरूकता का नेतृत्वकर्ता बनाना।Sanchar Sathi पोर्टल और नकली कनेक्शन हटाना
हमने लगभग 3.4 करोड़ नकली मोबाइल कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट किया है, ताकि नेटवर्क को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाए।घरेलू 4G स्टैक और स्वदेशी टेक्नोलॉजी
हम भारत को आत्मनिर्भर दूरसंचार क्षेत्र में ले जाना चाहते हैं — घरेलू 4G स्टैक विकसित किया जाना इसका संकेत है।
6. आह्वान: यह यात्रा हमारी साझा जिम्मेदारी
यह ध्वजवाहक यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं है — यह हम सबकी साझा यात्रा है।
उद्योग जगत, मैं आपसे आग्रह करता हूँ — निवेश करें भारत की नवाचार क्षमता में, हल निकालें, उपकरण बनाएं, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करें।
स्टार्टअप्स, युवा, यह आपका समय है — बड़े सपने देखें, जोखिम लें, नए रास्ते खोलें।
सरकार (केंद्र, राज्य, स्थानीय स्तर) — बाधाएँ कम करें, समर्थन दें, नीति‑सहयोग बनाएं।
नागरिक, आपका विश्वास, आपकी भागीदारी, आपकी समीक्षा — ये सब इस ध्वज को ऊँचा रखेंगी।
हम मिलकर कहेंगे:
“भारत — एक डिजिटल राष्ट्र, भारत — आत्मनिर्भर, भारत — नवोन्मेषी।”
कल्पना करें — एक दिन जब हर घर में तेज इंटरनेट होगा, हर बच्चा digital शिक्षा प्राप्त करेगा, हर किसान digital उपकरण से सशक्त बनेगा — तब यह ध्वज हमारी साझी यात्रा की निशानी बनेगा।
7. समापन — ध्वज वाहक बनने का प्रण
तो आज, इस मंच पर, मैं आप सब से एक प्रण लेता हूँ:
हम उपयोगकर्ता से आगे बढ़ेंगे — हम digital निर्माता बनेंगे।
हम सिर्फ सेवा उपयोग नहीं करेंगे — हम सेवा बांटेंगे।
हम सुरक्षा की माँग नहीं करेंगे — हम संरक्षक बनेंगे।
हम हर नागरिक को जोड़ेंगे — हर क्षेत्र को digital शक्ति देंगे।
जब हम सब मिलकर इस ध्वज को समर्पित करेंगे — digital भारत सिर्फ एक नारा नहीं, दृष्टि बन जाएगा।
धन्यवाद! जय हिंद!
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