नई दिल्ली, 20 अगस्त । राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बीते 11 अगस्त को केएन काटजू मार्ग
इलाके में एक युवक की धारदार हथियार से हत्या के मामले में पुलिस ने उसी के साथी को गिरफ्तार किया है।
हत्या ड्रग्स पीते हुए किसी विवाद को लेकर की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि 11 अगस्त
को केएन काटजू मार्ग पुलिस को एक ड्रग पेडलर मुख्तार सिंह उर्फ बिट्टी का शव सरदार कॉलोनी, सेक्टर -16
रोहिणी,मुनक नहर के पीछे खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला था। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
मौके पर कॉलर सोहन लाल उर्फ मोनू मिला। जिसने शव की पहचान अपने छोटे भाई मुख्तार सिंह उर्फ बिटी के
रूप में की। मृतक के गले पर धारदार हथियार से किये कई घाव थे।
मृतक के गले से काफी खून बह रहा था।
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
शव को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम के
बाद परिजनों को सौंप दिया। आरोपितों को पकड़ने का जिम्मा एएटीएस सेल को दिया गया।
एसआई अनिल सरोहा
की देखरेख में वारदात के रूट पर लगे 80 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। मृतक के परिजनों और
दोस्तों से पूछताछ की गई। सौ से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई। साथ ही अंतिम बार उसके साथ रहे
व्यक्तियों और उनकी कॉल डिटेल को भी खंगाला गया।
मुनक नहर की ओर जाने वाली गली में लगे एक कैमरे के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने पर पता चला कि
मृतक मुख्तार सिंग उर्फ बिटी को तीन लोगों के साथ देखा गया। जिनसे अलग-अलग पूछताछ की गई। अंतिम बार
देखे गए चुनमुन उर्फ सुरजीत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। उसको घटना स्थल के पास लगे
सीसीटीवी फुटेज को दिखाया गया।
सीसीटीवी फुटेज में सुरजीत के हाथ में खून से सना सफेद शर्ट मिला। जिसके
बाद सुरजीत ने हत्या करने की बात मान ली।
पूछताछ करने पर पता चला कि वह नशे का आदी है और घटना के
दिन मृतक और चुनमुन के बीच झगड़ा हुआ था
जब वे दोनों ड्रग्स ले रहे थे। बाद में सुरजीत ने तेज धार वाले
कांच की मदद से मुख्तार सिंह उर्फ बिट्टी की गर्दन पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद वह मौके से
फरार हो गया। आरोपित चुनमुन के कब्जे से खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं।

