नई दिल्ली, 23 जून दिल्ली में सात वर्षों से चल रहे भूमि घोटाले के मामले में अधिकारियों के खिलाफ
कार्रवाई हुई है।
सूत्रों की मानें तो सरकारी स्वामित्व वाली जमीन को निजी हाथों में सौंपने का काम वर्ष 2015 के
जून से चल रहा था,
जिसकी जानकारी मिलने के बाद उप राज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से उक्त अधिकारियों के
खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर उप राज्यपाल ने एक दिन पहले तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इन
अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
सूत्रों की मानें तो यह पूरा मामला वर्ष 2015 से चल
रहे भूमि घोटाले से संबंधित हैं, जिसमें अलग-अलग समय पर अधिकारियों द्वारा सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों
में सौंपा गया। सूत्रों की मानें तो उत्तरी जिले के झंगोला गांव में स्थित जमीनों से यह मामला संबंधित हैं। उपरोक्त
जमीनें जिस व्यक्ति की थीं, वह विभाजन के बाद पाकिस्तान चला गया था। जिसके बाद उक्त जमीनों को खाली
संपत्ति घोषित कर दिया गया था और केन्द्र सरकार के स्वामित्व में निहित कर दिया गया था। सूत्रों की मानें तो
इस संबंध में जून 2015, जून 2019, नवंबर 2019 और जून 2021 में अलग-अलग अधिकारियों ने आर्थिक लाभ
के बदले ऐसे निर्णय दिए जो सरकारी संपत्ति को निजी स्वामित्व में दिए जाने वाले थे। इसी के चलते उप राज्यपाल
की ओर से उपरोक्त कार्रवाई की गई।

