इंडिया सावधान न्यूज
नैनीताल। अधिवक्ताओं के मामले में एसडीएम की कार्यशैली को लेकर नैनीताल बार के आंदोलनरत अधिवक्ताओं का प्रदर्शन आज दूसरे दिन भी जारी रहा।
गुरुवार को अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। इस दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए
सचिव दीपक रूवाली ने कहा कि साथी अधिवक्ता के मामले में प्रशासन व एसडीएम ने जिस तरह अपने मातहतों को आदेश जारी किये उसका अधिवक्ता संघ घोर विरोध करता है।
क्योंकि वह आदेश न्यायिक और प्रशासनिक रूप से सही नहीं है।
उन्होंने कहा की एक तथाकथित व्यक्ति द्वारा आत्मदाह की धमकी देने पर प्रशासन कार्यवाही की बजाय अपने मातहतों अधिकारियों के साथ अधिवक्ता के घर पहुंच जाता है
जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
जब तक इस मामले का समाधान नहीं किया जाता तब तक लगातार इस न्यायालय का लगातार विरोध जारी रहेगा।
वहीं हल्द्वानी बार के पूर्व अध्य्क्ष रहे गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि हल्द्वानी बार इस मामले में पूर्णतया नैनीताल बार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। नैनीताल बार जो भी फैसला लेगी वह उसे मंजूर होगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार उल्टे सीधे आदेश जारी किये जा रहे हैं
जो कतई स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
इस मामले में पूर्व सचिव व अधिवक्ता मनीष मोहन जोशी ने कहा एसडीएम द्वारा मामले में असंवैधानिक आदेश जारी किया गया है जो सरासर गलत है।
एसडीएम द्वारा लगातार ऐसे आदेश जारी किये जा रहे हैं जिसका एकजुट होकर विरोध किया जायेगा।
इस दौरान बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रूवाली, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सुयाल, हल्द्वानी बार के पूर्व अध्य्क्ष गोविंद सिंह बिष्ट, पूर्व सचिव मनीष मोहन जोशी,
बलवंत सिंह थलाल, ज्योति प्रकाश सिंह बोरा, उपसचिव किरन आर्य, दयाकिशन पोखरिया, एमबी ढेला, गिरीश जोशी, अनिल हर्नवल, निखिल बिष्ट, शिवांशु जोशी,
गिरीश बहुखंडी, दीपक साह, गिरीश खोलिया, नितेन्द्र प्रसाद, सुंदर मेहरा, समीर, हेमा आर्य आदि अधिवक्ता मौजूद थे।

