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एयर पोर्ट पर बोर्डिंग पास मिलने के बाद विनय टर्मिनल 3 पर आकर बैठ गया।

सोचने लगा कि 2 साल बीत गए गार्गी से मिले।जाने कहां होगी?कैसी होगी?तभी एक स्मार्ट,सुंदर लड़की बोर्डिंग पास लिए आगे की सीट पर आकर बैठ गई विनय की तरफ पीठ करके।वह उसके कंधे पर हाथ रख कर बोला”Hi कैसी हो?तुम 2साल बाद भी बिल्कुल नहीं बदली।पहले जैसी ही हो।
“नहीं उम्र में 2साल और जुड़ गए।तुम अपनी सुनाओ।शादी वादी हुई?बच्चे कितने हैं? गार्गी ने कहा।”जब शादी ही नहीं हुई तो बच्चे कहां?” वह सोचने लगी कि कितना धीरज है विनय में और इसके मां बाप बिल्कुल अलग।
दोनों एक साथ पढ़े,जॉब लगी एक हैदराबाद तो दूसरा बंगलोर।शादी की बात चली तो विनय के घर वालों ने डेस्टिनेशन वेडिंग,7 सीटर गाड़ी,अघोषित दहेज की मांग कर दी जो गार्गी के घर वालों के बूते के बाहर था।विनय की जानकारी में भी नहीं था। तब उसने कहा था “घर के लोगों की रजामंदी रहे ये बहुत है।”तब गार्गी ने कहा था”लेकिन मेरे पैरेंट्स इतना नहीं कर सकते”वह विनय के घर वालों की शर्त नहीं बता पाई।और वह अनजान रहा।बात बढ़ते बढ़ते काफी बढ़ गई।गार्गी ने अपना मोबाइल नंबर बदल दिया।मां बाप को भरोसा दिया कि सब ठीक है।
सब सुनकर विनय उठा थोड़ी दूर जाकर फोन किया और आकर बैठ गया।
“हां तो तुम अपनी सुनाओ कहां तक पहुंची”?”मैं?मैं तो जहां पर थी वहीं हूं।प्यार तुम्हीं से करती हूं और शादी किसी से नहीं करूंगी”।जीने के लिए इतना काफी है”उसने विनय को जवाब दिया।

चलो अच्छा है “वह बोला।

तभी फोन की घंटी बजी।वह एयर पोर्ट से बाहर निकल गई घर पहुंची तो देखा विनय के मां बाप बैठे थे।देखते ही गार्गी को गले लगा लिया और बोले”बेटी!2 साल बीत गए अबतक विनय की हंसी नहीं लौटी।मुझे माफ कर दो।अब सिर्फ शादी होगी वो भी जैसे तुम चाहोगी। जिसमें विनय खुश रहे।
तभी विनय गाड़ी से उतरा।सभी उसे देख कर अवाक रह गए।विनय ने गार्गी को गले से लगा लिया और दोनों हंसने लगे….