गाजियाबाद, 25 जुलाई स्वर्णजयंती पुरम की ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में रहने वाले दो बच्चों की डायरिया
से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभाग सतर्कता बरत रहे है।
स्वास्थ्य विभाग इलाकें में कैंप लगाकर
स्थानीय लोगों को दवाईयां दे रहा है।
इसके अलावा सोमवार को भी टीम ने पानी के 6 और सैंपल लिए है। वहीं,
जीडीए और नगर निगम पानी के टैंकर भेज रहा है।
बता दें कि 20 व 21 जुलाई को दोनों दिन के अंतराल में डायरिया से दो बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्हें उल्टी व
दस्त की शिकायत थी। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में रहने वाले बच्चों समेत कई लोगों का अभी भी इलाज
चल रहा है। बताया जा रहा है कि कॉलोनी में बीते लगभग चार माह से हालत खराब थे। स्थानीय निवासियों ने
इसकी शिकायत जीडीए और नगर निगम से भी की थी,
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि समय रहते
कार्रवाई की जाती, तब दोनों बच्चों की जान बच सकती है।
अब इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है। इसकी जांच अभी नहीं हो सकी है। अब कॉलोनी में डायरिया फैलने
और दो बच्चों की मौत के बाद अधिकारियों ने वहां राहत और सुधार कार्य करने शुरु किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने
सोमवार को भी तक कॉलोनी में हेल्थ कैंप लगाया।
जिला संक्रामक रोग अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि
हेल्थ कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई और दवाएं दी गईं।
कॉलोनी में रहने वाले 6 बच्चों समेत 15 अस्पतालों में भर्ती थे, जिनमें से 6 को सोमवार को छुट्टी दे दी गई। शेष
रोगियों की हालत भी स्थिर है। कॉलोनी में जिस टंकी से पानी की सप्लाई होती है, उससे स्वास्थ्य विभाग की टीम
ने 6 स्थानों से पानी के सैंपल लिए गए हैं। जिनकी रिपोर्ट बुधवार को आएगी। अब तक 24 सैंपल लिए जा चुके हैं,
जिनमें से 6 की रिपोर्ट फेल आ चुकी है। सोमवार को कॉलोनी में सफई व्यवस्था जारी रही और पानी के टैंकर
भी भेजे गए।
363 में से 112 नमूने फेल : जिले में पेयजल आपूर्ति की स्थिति यह है कि बीते छह महीने में लिए गए 363
नमूनों के सापेक्ष 112 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में पुष्टि की गई है। जिसका
कारण सीवर लाइन से पानी की पेयजल लाइन कर मिलना भी है। दूषित पेयजल से डायरिया होने का खतरा होता
है।

