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लखनऊ, 16 जून । सेना भर्ती अभियान ‘अग्निपथ’ को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का
आरोप लगाते हुये

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गुरूवार को कहा कि सेना में नई भर्ती के प्रारूप
को लेकर युवा वर्ग निराश और बेचैन है,

इसके मद्देनजर सरकार को अल्प अवधि की इस नौकरी के लिये किये
गये फैसले पर पुर्नविचार करना चाहिये।

सुश्री मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा “ सेना में काफी लम्बे समय तक भर्ती लम्बित रखने के बाद अब
केन्द्र ने सेना में चार वर्ष अल्पावधि वाली ’अग्निवीर’ नई भर्ती योजना घोषित की है,

उसको लुभावना व लाभकारी
बताने के बावजूद देश का युवा वर्ग असंतुष्ट एवं आक्रोशित है।

वे सेना भर्ती व्यवस्था को बदलने का खुलकर विरोध
कर रहे हैं।”

उन्होने कहा “ इनका मानना है कि सेना व सरकारी नौकरी में पेंशन लाभ आदि को समाप्त करने के लिए ही
सरकार सेना में जवानों की भर्ती की संख्या को कमी के साथ-साथ मात्र चार साल के लिए सीमित कर रही है, जो

घोर अनुचित तथा गरीब व ग्रामीण युवाओं व उनके परिवार के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।”
बसपा अध्यक्ष ने कहा “

देश में लोग पहले ही बढ़ती गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी एवं सरकार की गलत नीतियों व
अहंकारी कार्यशैली आदि से दुःखी व त्रस्त हैं,

ऐसे में सेना में नई भर्ती को लेकर युवा वर्ग में फैली बेचैनी अब
निराशा उत्पन्न कर रही है। सरकार तुरन्त अपने फैसले पर पुनर्विचार करे, बीएसपी की यह माँग।”

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने पिछले मंगलवार को अग्निपथ भर्ती योजना का ऐलान किया था।

योजना के तहत
सेना के तीनो अंगों यानी थल,नभ और जल सेना में चार साल के लिये युवाओं की भर्ती की जायेगी।

इन रणबांकुरों
को अग्निवीर का नाम दिया जायेगा।

चार साल बाद अग्निवीरों को सार्टिफिकेट और वेतन के एक अंश के रूप में
मोटी रकम देकर विदा किया जायेगा।

सरकार का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ सैन्य बलों की ताकत में
इजाफा होगा बल्कि युवा वर्ग में राष्ट्र प्रेम की भावना और मजबूत होगी।

इस योजना को लेकर हालांकि देश के
अलग अलग भागों से मिलीजुली प्रतिक्रियायें मिल रही है।