इंडिया सावधान न्यूज़
लखनऊ सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी मुखिया ओपी राजभर और शिवपाल सिंह यादव को समाजवादी पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता ,
प्राप्त जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से आज दो पत्र जारी किए गए जिसमें एक पत्र सपा मुखिया अखिलेश यादव के चचा शिवपाल यादव दूसरा ओपी राजभर को दोनों ही पत्रों में अलग अलग भाषा का इस्तेमाल
किया गया है शिवपाल सिंह यादव के पत्र संख्या 1188/2022 है शिवपाल सिंह यादव को जारी पत्र में माननीय शिवपाल सिंह यादव जी अगर आपको लगता है कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वहां जाने के लिए आप स्वतंत्र हैं सिर्फ दो लाइन में
शिवपाल यादव को पार्टी गठबंधन से बाहर का रास्ता दिखा दिया ,वहीं दूसरा पत्र ओपी राजभर को
पत्रांक संख्या 1199/2022 जारी करते हुए
कहा कि श्री ओमप्रकाश राजभर जी समाजवादी पार्टी लगातार भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ रही है आपका भारतीय जनता पार्टी के साथ गठजोड़ है
और भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं अगर आपको लगता है कि कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वहां जाने के लिए आप स्वतंत्र हैं।
मगर दोनों पत्रों में आप देखिए एक को माननीय कर संबोधन किया गया तो वहीं ओपी राजभर को मात्र श्री से ही काम चला दिया गया, समाजवादी पार्टी जिस उरूज़ और मकाम पर पहुंच चुकी थी शायद भविष्य में इस मुकाम को भी छू सके
समाजवादी पार्टी अपने अस्तित्व को खोती हुई नजर आ रही है अभी दो लोगों को बाहर कर रास्ता तय किया है अब पार्टी फाउंडर आज़म खां का को लेकर भी चर्चाएं गर्म होती नज़र आ रही हैं? जबकि ओपी राजभर को भारतीय जनता पार्टी
पहले ही तोहफे के रूप में वाई श्रेणी की सुरक्षा दे चुकी है, जबकि ओपी राजभर ने अपनी जुबान से भाजपा के साथ जाने
का कोई भी औपचारिक या अनौपचारिक व्यान नहीं दिया है। मगर यह कहना गलत नहीं होगा कि “बड़े बे आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले बहुत निकले मेरे अरमां लैकिन फिर भी कम निकले”

