कार्रवाई की आवश्यकता: अवैध घुसपैठ एक चुनौती-Amit
बिहार की भौगोलिक स्थिति इसे संवेदनशील बनाती है। नेपाल के साथ खुली सीमा, नदियों और ग्रामीण रास्तों के कारण निगरानी जटिल हो जाती है। सीमावर्ती जिलों जैसे किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार को विशेष निगरानी क्षेत्र माना जाता है।
सरकारी दृष्टिकोण के अनुसार, अवैध आव्रजन से तीन प्रमुख चुनौतियाँ सामने आती हैं:
सुरक्षा जोखिम – तस्करी और संभावित आपराधिक नेटवर्क
सामाजिक दबाव – स्थानीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ
आर्थिक प्रभाव – असंगठित क्षेत्र में मजदूरी पर असर
सरकार की नीति रूपरेखा: पहचान और निष्कासन
केंद्र सरकार ने अवैध प्रवासियों की पहचान और निष्कासन के लिए बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई है।
तकनीकी उपाय
ड्रोन निगरानी
बायोमेट्रिक सत्यापन
डिजिटल डाटाबेस से पहचान मिलान
रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर फेस रिकग्निशन पायलट परियोजनाएँ
कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (CIBMS) जैसी तकनीकों के माध्यम से निगरानी को मजबूत किया जा रहा है।

कानूनी ढांचा और प्रवर्तन
Foreigners Act के तहत प्रक्रियाओं को तेज करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
त्वरित सुनवाई
संदिग्ध किरायेदारों की अनिवार्य सूचना
सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई
गृह मंत्रालय और राज्य प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत किया गया है।
बिहार दौरे के दौरान प्रमुख संदेश
पटना में संबोधन के दौरान Amit शाह ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में सत्यापन अभियान तेज करने और मासिक प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उनका संदेश था कि कानून का पालन सख्ती से होगा, लेकिन किसी भी निर्दोष नागरिक के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

केंद्र–राज्य समन्वय
केंद्र सरकार और बिहार प्रशासन के बीच संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
साप्ताहिक समीक्षा बैठकें
साझा खुफिया जानकारी
सीमा क्षेत्रों में संयुक्त गश्त
आधुनिक उपकरणों के लिए केंद्रीय सहायता
यह सहयोग प्रवर्तन को अधिक प्रभावी बनाता है।
सीमा सुरक्षा को और मजबूत करना
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
संवेदनशील इलाकों में बाड़ और फ्लडलाइट
नदी मार्गों पर विशेष निगरानी
रात्रि गश्त में वृद्धि
इन उपायों का उद्देश्य घुसपैठ के संभावित मार्गों को बंद करना है।

नागरिक अधिकारों की सुरक्षा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी कार्रवाई में वैध नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
बहु-स्तरीय दस्तावेज सत्यापन
अपील की व्यवस्था
कानूनी सहायता
महिला अधिकारियों द्वारा परिवार मामलों की जांच
सुरक्षित सीमाएँ, सुरक्षित भविष्य
Amit शाह का बिहार दौरा अवैध आव्रजन के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत है। तकनीक, कानूनी सुधार और केंद्र–राज्य समन्वय के माध्यम से सीमाओं को अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास जारी है।
आगे आने वाले महीनों में सत्यापन अभियान और निगरानी उपाय तेज हो सकते हैं। उद्देश्य स्पष्ट है—राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और नागरिकों के हितों की रक्षा करना।
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