नई दिल्ली, 05 अगस्त । विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने प्रस्तावित कोटपा (सिगरेट और अन्य
तंबाकू उत्पाद अधिनियम) संशोधन विधेयक 2020 को मानसून सत्र में ही संसद में पेश करने का अनुरोध किया है।
सांसदों तथा स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने यहां एक कार्यक्रम में तंबाकू नियंत्रण नीतियों को मजबूत बनाने
के उपायों पर विचार विमर्श किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तंबाकू से संबंधित बीमारियों
और कैंसर से बचाने के लिए उठाये जाने वाले कदमों तथा योजनाओं पर चर्चा की गयी।
वक्ताओं ने कहा कि तंबाकू
का सेवन लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है
क्योंकि देश में तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण सालाना 13
लाख से अधिक लोग मारे जाते हैं।
राज्यसभा सांसद मुजीबुल्ला खान ने कहा, “ धूम्रपान न केवल धूम्रपान करने वालों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि
धूम्रपान न करने वालों को भी नुकसान पहुंचाता है,
जब वे सेकेंड हैंड स्मोक के संपर्क में आते हैं। तंबाकू से अर्जित
आय की तुलना में तंबाकू से संबंधित बीमारियों के उपचार में बहुत अधिक खर्च होता है।
नई पीढ़ी को तंबाकू की
लत के जाल में पड़ने से बचाने के लिए कोटपा को मजबूत करना बेहद जरूरी है।”
लोकसभा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा, “हमें एक स्वस्थ राष्ट्र के लिए कानून को मजबूत करने की आवश्यकता
है। भारत में तंबाकू के उपयोग को कम करने के लिए एक सख्त कानून और इसका प्रभावी कार्यान्वयन महत्वपूर्ण
है। हालांकि कानून सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन यह अभी भी जारी है। तंबाकू का
पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को बचाना है।”
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले सांसदों ने सर्वसम्मति से इस संशोधन विधेयक को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन
दिया।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के साथ-साथ युवाओं के बीच तंबाकू के उपयोग पर अंकुश लगाने की दिशा में
काम करके सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
प्रस्तावित कोटपा (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) संशोधन विधेयक, 2020 में प्रभावी दंड और
जुर्माना लगाने, खुली सिगरेट की खुदरा बिक्री पर रोक लगाने, 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों
की बिक्री पर रोक लगाने, दुकान में विज्ञापन पर नियंत्रण रखने और पूर्ण धूम्रपान मुक्त वातावरण बनाने के लिए
होटल तथा रेस्तरां के साथ-साथ हवाईअड्डे के लाउंज में निर्दिष्ट धूम्रपान क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगाने जैसे प्रावधान हैं।
कार्यक्रम में सुश्री सुलता देव, सुजीत कुमार, निरंजन बिशी, सुश्री ममता मोहंता, ठाकोर जुगल लोखंडवाला और अन्य
सांसदों ने भी हिस्सा लिया।

