Arvind Kejriwal और Bhagwant Mann ने धूरी में मनाई महाशिवरात्रि: पंजाब की विरासत पुनर्जीवन का प्रतीक
पंजाब के संगरूर ज़िले के हृदय में स्थित धूरी में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व विशेष बन गया, जब दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्राचीन मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। फरवरी 2026 के इस आयोजन ने आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं की उपस्थिति और जयकारों के बीच यह स्पष्ट दिखा कि आम आदमी पार्टी स्थानीय परंपराओं से गहरा जुड़ाव दर्शाना चाहती है। वातावरण में धूप, भक्ति और उम्मीद का सुंदर संगम महसूस हो रहा था।
महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित प्रमुख हिंदू पर्व है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल व दूध चढ़ाकर आशीर्वाद मांगते हैं। उत्तर भारत में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है।
पंजाब में यह त्योहार सिख और हिंदू परंपराओं के बीच सामंजस्य का प्रतीक भी है। परिवार एकत्र होकर भजन-कीर्तन और जागरण करते हैं। हाल के वर्षों में आई बाढ़ और कृषि संबंधी चुनौतियों के बाद इस पर्व ने लोगों को एकजुट होने का अवसर दिया।
धूरी: एक महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि-Arvind
Dhuri, जो Sangrur ज़िले में स्थित है, एक ऐतिहासिक नगर है। यहां का 200 वर्ष पुराना मंदिर अपनी शिल्पकला और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इस स्थान का चयन ग्रामीण क्षेत्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिल्ली और पंजाब के नेतृत्व का एक साथ यहां उपस्थित होना राजनीतिक और सामाजिक एकता का संकेत भी था। स्थानीय लोगों ने इसे अपने क्षेत्र के महत्व की मान्यता के रूप में देखा।

मंदिर दर्शन और पूजा-विधि-Arvind
सुबह मंदिर की घंटियों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दोनों नेता सादे सफेद कुर्तों में पहुंचे और शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक किया। बेलपत्र और दीप अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में भजन गा रही थीं और बच्चे फूलमालाएं लिए खड़े थे। सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद माहौल आत्मीय और उत्साहपूर्ण रहा।
सांस्कृतिक संरक्षण पर संयुक्त बयान
पूजा के बाद दोनों मुख्यमंत्रियों ने पंजाब की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संकल्प दोहराया। भगवंत मान ने कहा कि “विरासत हमारी पहचान है।” अरविंद केजरीवाल ने सभी धर्मों के सम्मान और समानता की बात कही।
सरकार ने धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष निधि बढ़ाने और सुविधाओं के आधुनिकीकरण की योजना पर प्रकाश डाला।
धूरी और संगरूर के लिए विकास योजनाएं
कार्यक्रम के दौरान धूरी को पटियाला से जोड़ने वाली नई सड़क परियोजना की घोषणा की गई। पेयजल आपूर्ति विस्तार, नए विद्यालयों की स्थापना और स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन की योजनाएं भी सामने रखी गईं।
सरकार की मुफ्त बिजली योजना और किसानों के लिए राहत कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया। इन पहलों को स्थानीय जनता ने सराहा।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
यह संयुक्त उपस्थिति आगामी चुनावों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे आम आदमी पार्टी की सांस्कृतिक जुड़ाव और विकासोन्मुख छवि को बल मिला है। मीडिया और सोशल मीडिया पर इस आयोजन की व्यापक चर्चा हुई।
धूरी में महाशिवरात्रि का यह आयोजन आस्था, संस्कृति और शासन के समन्वय का उदाहरण बना। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विकास की राह पर आगे बढ़ना संभव है।
मुख्य बिंदु
विरासत संरक्षण: धार्मिक स्थलों के लिए बढ़ी हुई निधि।
स्थानीय विकास: सड़क, जल, शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाएं।
सामाजिक एकता: सभी धर्मों के प्रति सम्मान का संदेश।
राजनीतिक रणनीति: सांस्कृतिक जुड़ाव के माध्यम से जनविश्वास मजबूत करना।
यह आयोजन दर्शाता है कि परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल सकती हैं, और पंजाब अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सहेजते हुए विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

