नई दिल्ली, 08 अगस्त दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि आजादी के
75वें वर्ष में मुफ्त सरकारी कल्याण सेवाओं को मजबूत करने के बजाए ऐसी सुविधाओं को सौगात करार देकर
उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। एक ऑनलाइन पत्रकार वार्ता के दौरान केजरीवाल ने केंद्र से हर घर को
मुफ्त अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, 300 यूनिट बिजली प्रदान करने और ‘बेरोजगारी भत्ता’ देने की मांग की। उन्होंने
कहा, ‘‘कुछ लोग मुफ्त शिक्षा, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के प्रावधान को ‘रेवड़ी’ या सौगात कहते हैं। देश
में सरकारी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के प्रावधानों के खिलाफ देश में माहौल
बनाया जा रहा है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हम देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और हमें ऐसी
सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनानी चाहिए, लेकिन हम उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं।’’ दिल्ली के
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी चीजों का विरोध करने वालों को ‘गद्दार’ कहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों ने
अपने दोस्तों के 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। ऐसे लोगों को गद्दार करार दिया जाना चाहिए और
उनके खिलाफ जांच की जानी चाहिए।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने लोगों को वोट के लिए मुफ्त उपहार
देने की ‘रेवड़ी संस्कृति’’ के खिलाफ आगाह किया था और कहा था कि यह देश के विकास के लिए ‘‘बहुत
खतरनाक’’ है।

