अतीक अहमद और उसके भाई अरशद की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस की मौजूदगी में प्वाइंट ब्लैंक रेंज से हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं
यूपी पुलिस ने माफिया नेता अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के मारे जाने का घटनाक्रम जारी किया. विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार द्वारा जारी बयान के अनुसार अतीक और अशरफ को शाहगंज क्षेत्र स्थित मोतीलाल नेहरू क्षेत्रीय अस्पताल में शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया गया, जहां मीडियाकर्मी लगातार दोनों से बात करने का प्रयास कर रहे थे. इस दौरान तीन युवकों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
प्रयागराज में हुई अतीक और अशरफ की हत्या पर कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा कि ये घटना उत्तर प्रदेश के कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह है. उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है, सुरक्षा घेरे में किसी की हत्या हो जाना बड़ा सवाल है. सरकार को तत्काल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और पुलिस कस्टडी में कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है.
प्रयागराज में शनिवार शाम तीन हमलावरों की ताबड़तोड़ गोलियों का शिकार हुए माफिया-राजनेता पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के शवों को रविवार रात यहां के कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद अतीक और अशरफ के शव शाम करीब साढ़े छह बजे कब्रिस्तान लाए गए. उन्होंने बताया कि रीति रिवाजों के बाद दोनों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. उन्होंने बताया कि इस दौरान मृतकों के चंद दूर के रिश्तेदार ही इस मौके पर मौजूद रहे. कोई भी करीबी रिश्तेदार यानी अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और उसके नाबालिग बेटे एहजान और अबान में से कोई भी मौजूद नहीं रहा.
प्रयागराज में मेडिकल चेकअप के लिए ले जाते समय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस दौरान दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी, अतीक अहमद को 8 गोलियां लगी थीं.
प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को सुपुर्द ए खाक किया गया. परिवार की मौजूदगी में दोनों के शव दफन किए गए.
अतीक अशरफ को कब्रिस्तान लाने से पहले दोनों को नहलाया गया होगा. कब्रिस्तान में दोनों जनाजे के लिए नमाज एक साथ अदा की जाएगी, दोनों भाई को दो कब्रों में दफ्न किया जाएगा. दफ्न के बाद दुआ होगी और उसके बाद सभी लोग अपने अपने घरों को लौट जाएंगे.
प्रयागराज में कसारी मसारी कब्रिस्तान के बाहर भारी सुरक्षा तैनात है जहां अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ के शवों को दफनाया जाएगा. अतीक के दोनों नाबालिग बेटों को भी कब्रिस्तान लाया गया है.
गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ के शव को कसारी मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा. कड़ी सुरक्षा के बीच उनके शवों को कब्रिस्तान लाया गया.
अतीक अहमद की हत्या में बजरंग दल का नाम लेकर अफवाह उड़ाई जा रही हैं जो, पूर्णतः भ्रामक हैं. हत्या करने वाले कौन हैं, इसकी जांच यूपी सरकार करा रही है. सत्य सामने आ ही जायेगा.
अतीक अहमद और अशरफ जिस कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, वहां अतीक के छोटे बेटों के साथ उसकी बहनें भी पहुंच गई हैं.
अतीक अहमद के दोनों बेटे एहजम और अबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया, जहां अतीक और अशरफ को थोड़ी देर में दफनाया जाएगा.
कब्रिस्ता लाए गए अतीक अहमद और अशरफ के शव. कुछ ही देर में परिजनों की मौजूदगी में शवों को दफनाया जाएगा.
अतीक, अशरफ हत्याकांड पर अखिलेश यादव के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान का बड़ा पलटवार. कहा- सपा सरकार में विधायक मारे गए, अखिलेश का 2017 से पहले का समय जनता भूली नहीं है. प्रयागराज की घटना दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन बड़ा मैसेज गया. युवा एक वक्त में चुनना चाहते थे माफियागिरी. अब माफिया गर्दी से मतलब नहीं.
माफिया अतीक अहमद और अशरफ का पोस्टमार्टम होने के बाद उनका शव प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान पहुंचा है. अब थोड़ी देर में अतीक-अशरफ को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
अतीक-अशरफ हत्याकांड में अब तक कि जांच में यही पता चला है कि तीनो आरोपी कॉन्ट्रैक्ट किलर है. ये तीनों एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे, तीनों अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं. इन तीनो को एक साथ लाकर, रेकी करवाने, होटल में रुकवाने, विदेशी हथियार देकर, मीडिया का फर्जी आईडी कार्ड-बूम और कैमरा देकर अतीक-अशरफ की हत्या के लिए भेजने वाले मास्टरमाइंड की पड़ताल करने में यूपी पुलिस जुटी हुई है.
माफिया अतीक अहमद और अशरफ का पोस्टमार्टम हो गया है. इन दोनों की बॉडी को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपा गया है, इन दोनों को सुपुर्दे-ए-खाक कसारी मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा. पोस्टमार्टम के बाद मिली जानकारी सूत्रों के मुताबिक अतीक के बॉडी में 8 गोलियां मिली हैं.
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारने वाले तीनों आरोपियो को 14 दिन की जेल में भेजा गया है. माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर अरुण मौर्य, सन्नी सिंह और लवलेश तिवारी को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया था.
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारने वाले तीनों आरोपियो को 14 दिन की न्यायिक हिरासत मे भेजा गया है. माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर अरुण मौर्य, सन्नी सिंह और लवलेश तिवारी को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया था.
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को मारने वाले तीनों आरोपियो को 14 दिन की न्यायिक हिरासत मे भेजा गया है. माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर अरुण मौर्य, सन्नी सिंह और लवलेश तिवारी को प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया था.
अतीक अहमद और अशरफ का आपराधिक इतिहास बेहद क्रूर रहा है. अतीक अहमद के खिलाफ 79 से अब तक 101 मुकदमा दर्ज हुए जबकि अशरफ के खिलाफ 57 मुकदमे दर्ज थे. इस नाते इनसे पीड़ितों और दुश्मनों की संख्या काफी थी. इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि 2005 में राजू पाल की हत्या के बाद पुलिस जब राजू पाल की बॉडी को लेकर जा रही थी तो उसने 56 किलोमीटर तक उसका पीछा किया था और मेडिकल कॉलेज में डेड बॉडी पर गोलियां चलाई थीं.
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या करने वाले तीनों शूटर, सनी, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य की कोर्ट में पेशी हुई है. इन तीनों आरोपियों ने अतीक-अशरफ को पुलिस के सामने गोली मारी थी.
माफिया अतीक अहमद का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है. यहां पर 5 डॉक्टरों के पैनल ने अतीक का पोस्टमार्टम किया है और वीडियोग्राफी के साथ अतीक का पोस्टमार्टम हुआ है. वहीं अशरफ का पोस्टमार्टम अभी भी जारी है.
अतीक के ससुर और बहनोई कब्रिस्तान पहुंच गए हैं और उन्हें अतीक-अशरफ के शव को सौंपा जायेगा. अतीक और अशरफ को प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा और कब्र भी खोद दी गई है.
प्रयागराज पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अतीक अहमद और असरफ को कल शनिवार (15 अप्रैल) को प्रिजन वैन में असद की कब्र पर फूल चढ़ाने के लिए चुप चाप लाया गया था. पुलिस अतीक और अशरफ को करीब सुबह 11: 30 बजे के आस-पास चुप-चाप पुलिस सिर्फ 2 मिनट के लिए लेकर आई थी.
अतीक अहमद और अशरफ को पुलिस के सामने गोली मारने वाले तीनों आरोपियों की थोड़ी देर में कोर्ट में पेशी होगी. अतीक-अशरफ की हत्या करने के बाद तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश जंगल राज की गिरफ्त में फंस चुका है. यहां कानून और संविधान का शासन नहीं है. अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है, सड़कों पर खुलेआम हत्यायें हो रही है. अपराधी बेखौफ हैं, अपराधियों को सत्ताधारी पार्टी का संरक्षण मिला हुआ है. अखिलेश यादव ने कहा कि मीडिया के सामने सुनियोजित तरीके से पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच हत्या सरकार की नाकामी हैं.
हमीरपुर के थाना कुरारा का हिस्ट्रीशीटर और अतीक ब्रदर्स हत्या कांड का आरोपी सनी सिंह को थाना कुरारा पुलिस ने पांच दिन पहले लापता लिस्ट में शामिल किया था. सनी शूटर सिंह पर थाना कुरारा में 17 गंभीर मामले दर्ज हैं. थाना कुरारा में हिस्ट्रीशीटर की लिस्ट में शूटर सनी सिंह का नाम 13वें नंबर पर सुमार है.
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी लवलेश तिवारी के परिजनों से पुलिस अधीक्षक ने पूछताछ की है. कल शनिवार (15 अप्रैल) रात अतीक और उसके भाई अशरफ के हमले में लवलेश शामिल था. आरोपी लवलेश का परिवार कोतवाली क्षेत्र के क्योटरा मोहल्ले में रहता है.
प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को लेकर सांसद असदुद्दीन ओवैसी भड़के हुए हैं. AIMIM नेता ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा- “अतीक दूसरे मुस्लिम पूर्व सांसद हैं जिनकी निर्मम हत्या कर दी गई. एहसान जाफरी को 2002 में गुजरात में एक भीड़ ने बेरहमी से मार डाला था और आज यह अतीक है. पुलिस हिरासत में गोली मार कर हत्या.”
गृह विभाग द्वारा कमीशन ऑफ इनक्वायरी एक्ट 1952 के तहत 15 अप्रैल को प्रयागराज में हुई अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के घटनाक्रम की विस्तृत जांच हेतु न्यायिक आयोग गठित किया गया. इसके लिए गृह विभाग द्वारा औपचारिक आदेश निर्गत किए गए हैं, तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग दो महीने के अंदर पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपेगा.
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की मौत पर बीजेपी हाईकमान का भी कड़ा रुख है. बीजेपी हाईकमान इस मसले की पल पल की जानकारी ले रहा है और हाईकमानव नेताओं की बयानबाजी को लेकर नाखुश है. वहीं मंत्री स्वतंत्र देव के ट्वीट और मंत्री सुरेश खन्ना की बाइट से भी बीजेपी हाइकमान नाखुश है. इसके साथ ही सभी नेताओं को इस मसले पर मीडिया से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या जिगाना पिस्टल से की गई है. इस जिगाना पिस्टल का चित्रकूट जेल शूटआउट में इस्तेमाल हुआ था, आरोपी सनी के चित्रकूट जेल शूटआउट के लिंक की भी जांच हो रही है.
अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज के पड़ोसी जिले चित्रकूट की पुलिस ने आमजनमानस से अपील की है. पुलिस ने अपील करते हुए कहा कि वॉट्सएप, फेसबुक और ट्विटर आदि पर किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाएं. प्रयागराज में माफिया डॉन अतीक अहमद व भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के बाद पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू है. चित्रकूट पुलिस किसी भी प्रकार चूक नही करना चाहती है, चित्रकूट पुलिस ने संवेदनशील इलाके में गश्त बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर सूचनार्थ पोस्टर जारी कर आमजनमानस से सौहार्द कायम रखने की अपील की है.
प्रयागराज माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या करने वाले तीनों शूटर को कुछ देर में पुलिस कोर्ट में पेश करेगी. अतीक-अशरफ को मारने वाले तीनों शूटर रेलवे स्टेशन के नजदीक किसी लॉज में रुके हुए थे.
गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या करने वाले तीन हमलावरों ने अत्याधुनिक जिगाना पिस्तौल का इस्तेमाल किया था, जो भारत में प्रतिबंधित हैं. गौरतलब है कि जिगाना एक अर्ध-स्वचालित पिस्तौल है जो तुर्की की बन्दूक निर्माण कंपनी टीआईएसएएस द्वारा निर्मित है. उक्त पिस्तौल का उत्पादन 2001 में शुरू हुआ था और यह मूल डिजाइन वाली तुर्की की पहली पिस्तौलों में से एक है.
शूटर सनी सिंह और सुंदर भाटी का दोस्ताना जिला कारागार हमीरपुर से शुरू हुआ था. कुछ महीनों बाद जिला कारागार में सुंदर भाटी और शूटर सनी सिंह के बीच किसी बात को लेकर जमकर कहासुनी हुई थी. दोनों के बीच कहासुनी के बाद जेलर ने प्रशासनिक आधार पर शूटर सनी सिंह को कानपुर कारागार में ट्रांसफर किया था. कुछ हफ्तों बाद सुंदर भाटी को भी सोनभद्र कारागार में ट्रांसफर किया गया था. वहीं शूटर सनी सिंह हमीरपुर जिला कारागार में लगभग 520 दिन रहा था और उसके बाद कानपुर कारागार ट्रांसफर किया गया था.


