राहुल और प्रियंका गांधी ने नए साल के लिए Delhi की स्मॉग से दूर रणथंभौर का रुख किया
Delhi की सर्दियों में हर साल घना कोहरा और जहरीली स्मॉग छा जाती है। सड़कों पर लोग खांसते नजर आते हैं, आंखों में जलन होती है और सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अब ज़रा सोचिए—इस सब से दूर साफ हवा, खुले जंगल और बाघों की दहाड़। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा नया साल 2026 रणथंभौर नेशनल पार्क में मनाने की योजना बना रहे हैं। यह फैसला दिखाता है कि बड़े नेता भी राजधानी की खराब हवा से राहत चाहते हैं।
Delhi प्रदूषण संकट: पलायन की वजह
हर सर्दी में Delhi “स्मॉग ट्रैप” बन जाती है। गाड़ियों, फैक्ट्रियों और पराली जलाने से निकला धुआं ठंडी हवा में फंस जाता है। 2025 के अंत में NCR के कई इलाकों में AQI 400 तक पहुंच गया—जो “गंभीर” श्रेणी है।
स्कूल बंद, दफ्तर वर्क-फ्रॉम-होम, और मास्क रोज़मर्रा की जरूरत बन जाते हैं। डॉक्टर फेफड़ों और दिल पर खतरे की चेतावनी देते हैं। ऐसे में साफ हवा की तलाश स्वाभाविक है।
क्यों नेता शांत जगह चुनते हैं
Delhi में नेताओं के लिए निजी समय मिलना मुश्किल होता है। छुट्टियों में भीड़ और सुरक्षा चिंता बढ़ जाती है।
रणथंभौर जैसे सुरक्षित और सीमित प्रवेश वाले स्थान:
शांति और निजता देते हैं
सुरक्षा प्रबंधन आसान होता है
पर्यावरण के प्रति संदेश भी जाता है

रणथंभौर: सर्दियों का आदर्श ठिकाना
राजस्थान के दिल में स्थित रणथंभौर भारत के प्रमुख टाइगर रिज़र्व्स में से एक है।
400 वर्ग किमी में फैला पार्क
70 से अधिक बाघ
सर्दियों में 10–15°C का सुहावना मौसम
सूखी घास और झीलों के कारण बाघ दर्शन के बेहतर मौके
यह 1973 से प्रोजेक्ट टाइगर का हिस्सा है और संरक्षण के प्रयासों का बड़ा उदाहरण है।
वन्यजीव पर्यटन और संरक्षण
दिसंबर-जनवरी में सफारी का अनुभव खास होता है। पेड़-पौधे कम होने से जानवर आसानी से दिखते हैं।
भारत में बाघों की संख्या 2006 के 1,400 से बढ़कर आज 3,000 से ज्यादा हो चुकी है—इसमें ऐसे पार्कों की बड़ी भूमिका है। आपकी यात्रा भी संरक्षण में योगदान देती है।
पहुंच और ठहरने की सुविधा
Delhi से जयपुर फ्लाइट, फिर 2 घंटे ड्राइव
या सवाई माधोपुर तक ट्रेन (पार्क से 10 किमी)
ताज सवाई, ओबेरॉय वान्यविलास जैसे लक्ज़री रिसॉर्ट्स
शांति, सुरक्षा और प्रकृति के साथ आराम
शहर से दूर, प्रकृति के करीब
प्रकृति में समय बिताने से तनाव कम होता है—यह विज्ञान भी मानता है।
रणथंभौर की साफ हवा, खुले आसमान और शांत वातावरण दिल्ली की घुटन से बिल्कुल उलट अनुभव देता है। दिन में 20°C तक तापमान और रात में हल्की ठंड—परफेक्ट ब्रेक।
जंगल में नया साल
यहां शोर-शराबे वाली पार्टियां नहीं होतीं।
तारों के नीचे कैंडल-लाइट डिनर
आतिशबाजी नहीं (जानवरों की सुरक्षा के लिए)
लोक संगीत, बोनफायर और सादगी
कई बॉलीवुड सितारे भी यहां सुकून के लिए आ चुके हैं।
अगर आप भी ऐसा ब्रेक चाहते हैं
सफारी 2–3 महीने पहले बुक करें
सर्दियों के लिए लेयर्ड कपड़े रखें
भरोसेमंद गाइड चुनें
प्रति दिन लगभग ₹10,000 का बजट रखें
पार्क नियमों का पालन करें
जिम्मेदार इको-टूरिज्म अपनाएं
प्लास्टिक से बचें
वन्यजीवों से दूरी रखें
स्थानीय गाइड और समुदाय का समर्थन करें
राहुल और प्रियंका गांधी का रणथंभौर जाना एक साफ संदेश देता है—स्वास्थ्य सबसे ऊपर। Delhi की प्रदूषित हवा से दूर, प्रकृति की गोद में नया साल मनाना न सिर्फ सुकून देता है, बल्कि सही विकल्प भी है।
आप भी ऐसा कर सकते हैं। स्मॉग में फंसे रहने की बजाय साफ हवा चुनिए। रणथंभौर जैसी जगहें आपको नया साल, नई सांस और नई ऊर्जा दे सकती हैं।
तो देर किस बात की? 2026 का स्वागत प्रकृति के साथ कीजिए।
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