बदायूं पुलिस का घिनौना चेहरा सामने आया युवक को बिजली के करंट के झटको के साथ गुप्तांग में डाला डंडा, सात पुलिस कर्मियों पर मुकद्दमा दर्ज
,एसएसपी ने निलंबित कर दिए विभागीय जांच के आदेश..
इंडिया सावधान न्यूज़ मजहर अंसारी
लखनऊ बदायूँ थाना अलापुर के थाना क्षेत्र अंतर्गत ककराला पुलिस चौकी पर विगत दो मई को कस्बे के वार्ड संख्या बारह का रहने वाला रिहान को पुलिस पकड़ कर ककराला चौकी ले गई
,ककराला चौकी पर पुलिस ने अपना वोह घिनौना रूप अपनाया जिस से इंसान तो क्या शैतान भी शरमा जाए,
प्राप्त जानकारी के अनुसार ककराला निवासी रिहान को विगत दो मई को पुलिस अपने साथ उठाकर ककराला चौकी ले गई जहां पर उसके साथ बेरहमी के साथ मारपीट की गई, और फिर उसको बिजली का करंट भी लगाया गया इतना ही
नहीं जब इन सबसे से पुलिस के भेष में दरिंदों का दिल नहीं भरा तब उसके गुप्तांग में डंडा डाला गया, जिस से रिहान की हालत मरण अववस्था जैसी हो गई
पुलिस के भेष में जालिमों का दिल नहीं पसीजा रिहान को छोड़ने के एवज में पांच हजार रुपये लेकर उसे उसके परिजनों को सौंपा,रिहान और रिहान का परिवार काफी डरा हुआ है
इसी के चलते परिवार जनों ने किसी से इसकी शिकायत नहीं की और वो लोग काफी दिन तक डरे और सहमे रहे, लेकिन रिहान की हालत दिन ब दिन बिगड़ी चली जा रही थी
तब परिवार के लोगों ने शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं से की,वरिष्ठ पुलिस अधीक्ष ने तुरंत संज्ञान लेते हुए इसकी जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी दातागंज को दी गई
जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी दाता गंज ने निष्पक्ष जांच करते हुए उक्त पुलिस कर्मियों को दोषी पाया गया,
जांच में आरोप सही साबित होने पाए जाने पर पीड़ित रिहान की मां की तहरीर पर अलापुर थाने में तत्कालीन चौकी इंचार्ज
सतपाल, सिपाही नरेंद्र, शेखर, सोनू, विपिन और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी देना, गंभीर चोट पहुंचाने,
हिंसा करने के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धारा 7/13 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने तत्कालीन चौकी इंचार्ज सतपाल समेत सभी सातों पुलिस कर्मियों को निलंबित
करते हुए उनकी विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। आपको बता दें कि इस पूरे प्रकरण की खबर को एक दैनिक समाचार पत्र ने प्रमुखत से छापकर पीड़ित परिवार की आवाज बन ने काम किया
,पत्रकारिता जुल्म और अन्याय के खिलाफ होती है तो एक न एक दिन रंग जरूर लाती है।
जानकारी के अनुसार उपरोक्त घटना
2 मई को हुई है इस घटना के बाद से रिहान की हालत में कई बार चिंताजनक हो चुकी थी, सात मई को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद शहर के जैन हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां हालत में सुधार होने के बाद
स्वजन उसे घर ले गए थे। लेकिन 28 मई को उसकी हालत फिर बिगड़ने लगी तब इसके बाद से वह लगातार अस्पताल में ही है। अब उसे बुलंदशहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जहां उसका इलाज चल रहा है।

