Bihar बजट 2024: महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस
Bihar के वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में एक बड़ा ऐलान किया है। इस बजट में महिलाओं के उत्थान और सड़कों, बिजली तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारी निवेश किया गया है। यह कदम राज्य के विकास की दिशा और रफ्तार दोनों बदल सकता है।
Bihar लंबे समय से कम रोजगार अवसरों और कमजोर बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। यहां महिलाओं को शिक्षा और काम के समान अवसर कम मिल पाते हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर न सिर्फ व्यापार को तेज़ करता है, बल्कि यात्रा को सुरक्षित भी बनाता है। अगर बिहार को सालाना 10% जीडीपी वृद्धि जैसे लक्ष्यों को हासिल करना है, तो ये क्षेत्र बेहद अहम हैं।
इस लेख में हम बजट के प्रमुख बिंदुओं पर नज़र डालेंगे—महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, सड़कों-बिजली-डिजिटल नेटवर्क में बड़े निवेश और इन सबका आम लोगों पर पड़ने वाला असर।
महिला सशक्तिकरण को बजट में सर्वोच्च प्राथमिकता
इस बजट में कुल व्यय का 25% हिस्सा महिला केंद्रित योजनाओं के लिए रखा गया है। इसका मकसद महिलाओं को रोजगार, सुरक्षा और स्वास्थ्य के बेहतर अवसर देना है। यह साफ संकेत है कि सरकार राज्य की आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा में लाना चाहती है।
महिला श्रम भागीदारी और उद्यमिता को बढ़ावा
महिलाओं के लिए 5 लाख रुपये तक के कम ब्याज ऋण की नई योजना शुरू की गई है, जिससे वे दुकान, खेती या छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। सिलाई, तकनीक और कृषि से जुड़े कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए इस साल 2 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। लक्ष्य है कि महिला श्रम भागीदारी दर को मौजूदा 20% से बढ़ाकर 2026 तक 35% किया जाए।
‘जीविका’ जैसी पुरानी योजनाओं से पहले ही 10 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इस बजट में इसके लिए आवंटन बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अब राज्य की गारंटी के साथ महिलाओं को बैंक ऋण आसानी से मिलेगा।
ग्रामीण इलाकों जैसे मुजफ्फरपुर में महिलाएं मोबाइल ऐप के जरिए सीधे बाजार से जुड़ सकेंगी। इससे प्रशिक्षण और पूंजी की कमी जैसी बाधाएं कम होंगी और स्थायी रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती
महिला सुरक्षा के लिए 1,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त रखे गए हैं। इसके तहत महिलाओं की शिकायतों के लिए 500 नए महिला पुलिस थाने/डेस्क बनाए जाएंगे। सभी जिलों में महिला अपराधों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट शुरू किए जाएंगे।

181 हेल्पलाइन को और मजबूत किया जाएगा। 2023 में कॉल्स में 40% बढ़ोतरी हुई थी; अब जवाब देने का समय घटाकर 10 मिनट से कम करने का लक्ष्य है। सड़कों पर लाइटिंग और सीसीटीवी के लिए फंड में 20% की बढ़ोतरी की गई है।
सुरक्षा मिलने से महिलाएं देर शाम काम कर सकेंगी और बेझिझक यात्रा कर पाएंगी। गया जैसे जिलों में पायलट प्रोजेक्ट से अपराध की रिपोर्टिंग पहले ही घटी है।
महिलाओं के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाएं
लड़कियों की शिक्षा के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें छात्रावास, प्रयोगशालाएं, मुफ्त किताबें और साइकिलें शामिल हैं, जिससे 5 लाख छात्राओं को फायदा मिलेगा। लक्ष्य है पास प्रतिशत को 60% से बढ़ाकर 80% करना।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में गांवों के लिए मोबाइल क्लिनिक शुरू होंगे। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के लिए पोषण किट दी जाएंगी, ताकि एनीमिया जैसी समस्या से निपटा जा सके, जो बिहार में 60% लड़कियों को प्रभावित करती है। इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
शिक्षित और स्वस्थ महिलाएं परिवार और समाज दोनों को मजबूत बनाती हैं। इससे गरीबी के चक्र को तोड़ने में मदद मिलेगी।
बुनियादी ढांचे में बड़ा निवेश: कनेक्टिविटी से विकास तक
इस बजट में 50,000 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं। इसमें सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी प्रमुख हैं, जिससे दूर-दराज के गांव शहरों से जुड़ सकें।
सड़क, हाईवे और ग्रामीण संपर्क
राज्य में 5,000 किमी नई सड़कों के निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 1,000 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्गों जैसे पटना–पूर्णिया मार्ग के लिए 2,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
बेगूसराय जैसे इलाकों में किसानों की फसल अब घंटों में बाजार पहुंचेगी। सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, जिनमें हर साल करीब 15,000 लोगों की जान जाती है।
बिजली क्षेत्र का आधुनिकीकरण
8,000 करोड़ रुपये से बिजली ग्रिड को सुधारा जाएगा, जिससे रोज़ाना 12 घंटे तक की कटौती घटकर 2 घंटे रह जाएगी। 20 जिलों में नए सब-स्टेशन बनेंगे और 1 लाख घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
ग्रामीण विद्युतीकरण 95% तक पहुंचेगा। भागलपुर जैसे औद्योगिक इलाकों में उत्पादन 25% तक बढ़ने की उम्मीद है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम
10,000 किमी फाइबर ऑप्टिक लाइन बिछाई जाएगी, जिस पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 500 प्रखंडों में कॉमन सर्विस सेंटर खुलेंगे। मोबाइल नेटवर्क कवरेज 70% से बढ़कर 90% होगा।
महिलाओं को ई-बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं का प्रशिक्षण मिलेगा। दूरदराज के इलाकों जैसे जमुई में अब बच्चे बिना रुकावट ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला विकास का तालमेल
बेहतर सड़कें महिलाओं के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेंगी। डिजिटल नेटवर्क से घर बैठे काम के अवसर मिलेंगे। यह तालमेल विकास को कई गुना बढ़ाएगा।
वैशाली की महिला बुनकरों के समूह ने सड़क सुधार के बाद अपनी बिक्री तीन गुना बढ़ाई। यूपीआई भुगतान से उन्हें सीधा लाभ मिला और बिचौलियों पर निर्भरता घटी।

वित्तीय अनुशासन और आर्थिक असर
बजट में बिना बड़े टैक्स बढ़ाए खर्च बढ़ाया गया है। राज्य का कर्ज जीडीपी का करीब 30% ही रहेगा।
जीएसटी संग्रह में 20% बढ़ोतरी का लक्ष्य
सरकारी दफ्तरों के डिजिटलीकरण से 1,000 करोड़ की बचत
सोलर परियोजनाओं के लिए ग्रीन बॉन्ड
सरकार का अनुमान है कि:
5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार
10 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार
महिला कौशल योजनाओं से 2 लाख नई महिला कर्मचारी
2025 तक बेरोजगारी दर 7% से घटकर 4% होने की उम्मीद है।
Bihar के भविष्य की दिशा
Bihar बजट 2024 महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को विकास की धुरी बनाता है। कौशल, सुरक्षा, सड़क, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी—सब मिलकर राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाने का वादा करते हैं।
अब ज़रूरत है सख्त निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन की। नागरिक सवाल पूछें, योजनाओं की प्रगति देखें और भागीदारी निभाएं।
यह बजट बिहार के उत्थान की शुरुआत है—अब इसे ज़मीन पर उतारना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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