इंडिया सावधान न्यूज़
लखनऊ, हम अक्सर सुनते है- यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमन्ते तत्र देवता। अर्थात जहां पर नारी की पूजा होती है, वही देवता भी निवास करते हैं। भारतीय समाज में महिलाओं को देवी का दर्जा प्राप्त है।
महिलाओं की पूजा होती है। हालांकि वर्तमान में महिलाओं की स्थिति को देखने के बाद यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर प्राचीन काल में इनके स्थिति क्या रही होगी? आज भी महिलाओं को लेकर समाज में कई तरह की बंधन हैं।
किसी सभ्यता की आत्मा को समझने तथा उसकी उपलब्धियों एवं श्रेष्ठता का मूल्यांकन करने का सर्वोत्तम आधार उसमें स्त्रियों की दशा का अध्ययन करना है। स्त्री-दशा किसी देश की संस्कृति का मानदण्ड मानी जाती है।
समुदाय का स्त्रियों के प्रति दृष्टिकोण अत्यन्त महत्वपूर्ण सामाजिक आधार रखता है। हिन्दू समाज में इसका अध्ययन निश्चयत: उसकी गरिमा को द्योतित करता है। हिन्दू सभ्यता में स्त्रियों को अत्यन्त आदरपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है।
भारत की प्राचीनतम सभ्यता, सैन्धव सभ्यता के धर्म में माता देवी को सर्वोच्च पद प्रदान किया जाना उसके समाज में उन्नत स्त्री-दशा का सूचक माना जा सकता है। ऋग्वैदिक काल में समाज ने उसे आदरपूर्ण स्थान दिया।
नारी को अपने वास्तविक स्वरूप को समझना होगा। समाज और संस्कृति के उत्थान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। सतयुग से कलयुग तक सभी युगों में महान महिलाएं हुईं हैं।
नारी वेद मंत्रों की दृष्टा, योद्धा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सेविका, वैज्ञानिक, साध्वी, कलाकार, खिलाडी, व्यवसाय, चिंतक, शिक्षिका, चिकित्सक और नेत्री रही है। नारी को गर्भ धारण
करने से पूर्व एवं गर्भ काल में अपने आचार विचार उच्च रखने चाहिए, जिससे आने वाली संतति उत्पन्न हो। इस हेतु गर्भकाल में गायत्री परिवार द्वारा पुंसवन संस्कार कराया जाता है।
गर्भिणी के पढ़ने के लिए साहित्य भी प्रकाशित किया गया है।
मुद्रा योजना से मिलेगा 1 लाख तक का लोन
ओवरड्राफ्ट की सुविधा
2014 में मोदी सरकार आने के बाद से ही जनधन योजना के तहद बैंक खाते खुलवाने का काम किया गया है। जिस महिला का जनधन खाता है,
अगर उसके खाते में एक भी पैसा ना हो तब भी वह उससे पैसे निकाल सकती है। अब तक महिलाएं अपने जनधन खाते से सिर्फ 2 हजार रुपए ही निकाल सकती थीं,
जिसे बढ़ाकर अब 5 हजार रुपए कर दिया गया है। इसे ही ओवरड्राफ्ट की सुविधा कहा जाता है।
बढ़ेगी औरतों की भागीदागी
सरकार एक समिति बनाएगी, जिसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे। ये विशेषज्ञ औरतों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सुझाव देंगे।
महिलाओं की सेहत भी दिया खास ध्यान
सीतारमण ने 2 घंटे से ज्यादा लंबे अपने भाषण में कई जगहों पर महिलाओं और उनसे जुड़े मुद्दों का जिक्र किया।
मसलन, मोदी सरकार की आयुष्मान योजना का जिक्र करते हुए उन्हें महिलाओं के स्वास्थ्य के बारे में बात की।
महिलाओं के लिए बनाए गए शौचालय
उन्होंने स्वस्थ भारत अभियान के जरिए महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए शौचालय बनवाने की उपलब्धि भी गिनाई।
योगी सरकार ने उठाया महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम
यूपी में अब महिलाओं को शाम सात बजे के बाद काम के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। महिला सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। निर्देश के मुताबिक, महिला कर्मचारी को उसके लिखित सहमति के बिना सुबह छह बजे से
पहले और शाम सात बजे के बाद कार्य के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यूपी की योगी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बात फैसला लिया है।
सीएम योगी द्वारा जारी किए गए इस आदेश में कहा गया है, ये फैसला सरकारी संस्थानों से लेकर प्राइवेट संस्थानों तक सभी पर समान रूप से लागू किया जाएगा।
जानिए- क्या हैं निर्देश?
इस अवधि में महिला अगर काम करने से इनकार करे तो भी उसे काम से हटाया नहीं जाएगा।
राज्य के समस्त कारखानों में महिला कर्मकारों के नियोजन के संबंध में कारखाना अधिनियम 1948 में नीतियों के तहत छूट दी गई. अपर मुख्य सचिव श्रम सुरेश चंद्र ने अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के अनुसार, यदि महिला लिखित सहमति देती है तो शाम सात से सुबह छह बजे के बीच कारखाना के
नियोजक द्वारा उसके निवास से कार्यस्थल तक आने और वापस जाने के लिए निशुल्क परिवहन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवधि में कार्यरत महिला को नियोजक द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यस्थल के निकट वाशरूम, परिवर्तन कक्ष और पेयजल सहित अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी।
इस अवधि में कार्य के लिए एक साथ कम से कम 4 महिला कर्मियों को परिसर में या किसी विशिष्ट विभाग में कार्य करने की अनुमति देनी होगी।
अगर कोई सरकारी या निजी संस्थान यूपी सरकार की इन गाइडलाइंस को फॉलो करता हुआ नहीं पाया गया तो सरकार उस पर कार्रवाई करेगी।
सरकार की इन गाइडलाइंस के बाद भी काम करना है या नहीं ये महिला कर्मचारी पर निर्भर करेगा ना कि कंपनी की जरूरत पर।

