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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर । दिल्ली में कई महीनों से चल रही ऑटो-टैक्सी का किराया
बढ़ाने की मांग को लेकर आखिरकार कैबिनेट ने फैसला ले लिया। उन्होंने प्रत्येक किलोमीटर पर डेढ़

रुपये शुल्क बढ़ा दिया। लेकिन इससे न तो ऑटो चालक ही खुश नजर आ रहे हैं और ना हीं उसमें
सफर करने वाले यात्री। एक तरफ जहां यात्री इससे उनके ऊपर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की बात कह रहे

हैं तो वहीं दूसरी तरफ ऑटो चालक इस बढ़ोत्तरी को बहुत कम बता रहे हैं। उनका मानना है कि कम

से कम 3 रुपेय प्रतिकिलोमीटर किराया बढ़ाया जाना चाहिए थे। इसे लेकर हिन्दुस्तान टीम ने
शनिवार को पड़ताल कर लोगों से बातचीत की।

ऑटो चालक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि वह बीते 22 वर्षों से गाड़ी चला रहे हैं। दिल्ली सरकार की

कैबिनेट ने हाल ही में जो डेढ़ रुपये प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने की मंजूरी दी है, वह नाकाफी है।

इससे ऑटो चालक को कोई खास मदद नहीं मिलेगी। सरकार को सीएनजी के दामों में हुई बढ़ोत्तरी
को ध्यान में रखते हुए किराया बढ़ाना चाहिए था। शैलेन्द्र ने बताया कि बीते जनवरी माह में

सीएनजी का दाम 43 रुपये था। अभी के समय में महज 10 माह के भीतर यह किराया लगभग
दोगुना होकर 78.80 रुपये हो रखा है। पहले जहां सीएनजी से प्रति किलोमीटर का खर्चा लगभग दो

रुपये आता था तो वहीं अभी के समय में लगभग 4 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्चा आता है। पहले
जहां एक टायर 900 का आता थो तो वहीं अब उसकी कीमत 1200 हो गई है। ऑटो की सर्विस का

खर्च भी महंगा हो गया है। लेकिन इसके बावजूद सरकार ने केवल डेड़ रुपये किराया प्रति किलोमीटर
बढ़ाया है जो बहुत कम है। सरकार को कम से कम 3 रुपये प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाना चाहिए

था। वह इस बात को भी मानते हैं कि यात्रियों पर बोझ बढ़ेगा। लेकिन ऑटो चालकों को भी महंगाई
से परेशानी हो रही है।

ऑटो किराये में वृद्धि का फैसला था आवश्यक
दिल्ली में ऑटो चालक किराये में हुई बढ़ोतरी को लेकर खुश लग रहे हैं। पेशे से ऑटो चालक और

आपका अपना ऑटो टैक्सी यूनियन के महासचिव उपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार का ऑटो किराये
में वृद्धि का फैसला अच्छा है। सीएनजी के दामों में बीते कुछ महीनों के दौरान काफी बढ़ोतरी हुई है।

कोरोना के चलते समय-समय पर लगे लॉकडाउन के चलते चालकों का काम-धंधा भी प्रभावित हुआ
था। इसके चलते चालक अपनी लागत भी नहीं निकाल पर रहे थे।

उपेंद्र ने बताया कि सीएनजी के दाम में लगभग दोगुना वृद्धि हो चुकी है। आज दिल्ली में सीएनजी
लगभग 79 रुपये प्रतिकिलो मिल रही है। चालक लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

किराये में बढ़ोतरी न होने की वजह से कुछ चालक मीटर से भी नहीं चलते थे। इसको लेकर भी

शिकायते मिल रही थी। उम्मीद है कि अब चालक भी मीटर से सवारी को गंतव्य स्थल पर लेकर
जाएंगे।

सीएनजी रेट के हिसाब से किराया बढ़े तो ही राहत मिलेगी
पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके में रहने वाले वकील ऑटो चलाते हैं।

शनिवार दोपहर तीन बजे वह
लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन के पास ऑटो लेकर खड़े थे। वकील ने बताया कि सरकार ने ऑटो व टैक्सी

के किराये में बढ़ोत्तरी की मंजूरी दे दी है, लेकिन सीएनजी रेट के आधार पर किराया बढ़े तो ही राहत
मिलेगी।

वकील ने बताया कि सीएनजी की लगातार बढ़ोत्तरी से ऑटो वालों की कमाई करीब आधी हो गई है,
चालक इसकी भरपाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं उन्होंने डीटीसी बस और ई रिक्शा को लेकर चिंता

जाहिर करते हुए कहा कि इनका किराया कम है। अगर इनका किराया कम रहेगा तो उन्हें यात्री कम

मिलेंगे। इसलिए उनके किराये पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। ताकि किराये बढ़ने के बाद
यात्री को लेकर ऑटो वालों पर कोई प्रभाव नहीं पड़े।

किराया बढ़ जाए, लेकिन चालक भी मीटर से चले
ऑटो का किराया बढ़ाए जाने के बाद लोगों का कहना है कि अगर सरकार ऑटो का किराया बढ़ा रही

है तो उन्हें चालकों के लिए नियम भी बनाने चाहिए। ऑटो में सफर करने वाले लोगों का कहना है
कि चालक किराया बढ़ाए जाने के बाद भी अपनी मनमर्जी करते हैं। शाहदरा मेट्रो स्टेशन से कर्मपुरा

जाने के लिए ऑटो पकड़ने वाली प्रीति झा ने बताया कि कई ऑटो चालकों से उन्होंने कर्मपुरा चलने
के लिए कहा लेकिन कोई मीटर से चलने के लिए तैयार नहीं हुआ। ज्यादत्तर ऑटो चालक 300 रुपए

से कम मांग ही नहीं रहे थे। ऐसे में सरकार को मीटर से नहीं चलने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ

कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों के लिए एक प्लेटफार्म तैयार करना चाहिए, जिस पर ऐसे ऑटो चालकों
की शिकायत की जा सके।

किराया महंगा होने का जेब पर असर पड़ेगा
दक्षिणी दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी में काम करने वाली प्रीति नाहर ने बताया कि उन्हें क्षेत्र में

काम के सिलसिले में हर सप्ताह कई बार अलग अलग स्थानों पर जाना पड़ता है। अभी ऑटो का
किराया देना काफी महंगा साबित हो रहा है। महीने में 2 से 3 हजार रुपए उनको ऑटो का किराया

देना पड़ता है। अब किराया बढ़ने से जेब पर एक हजार से 1200 रुपए तक का अतिरिक्त खर्च आ

सकता है। ऐसे में महीने का खर्च भी बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा की अगर सीएनजी के दाम कम हो
जाएं तो ऑटो वालों का खर्च भी नहीं बढ़ेगा।

इससे किराया भी बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी।
किराया न बढ़ाकर सरकार दे सब्सिडी-राजेन्द्र सोनी

दिल्ली सरकार की केबिनेट द्वारा किराया बढ़ाने की मजूरी से दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ एवं दिल्ली
प्रदेश टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेन्द्र सोनी नाखुश है। उनका कहना है कि इस वर्ष में 35 रुपये

सीएनजी पर बढ़ चुके हैं। किराया बढ़ने से यात्री उनकी जगह ऑनलाइन ऑटो लेने पसंद करेगा।
इसलिए वह दिल्ली सरकार से मांग करते हैं कि किराया बढ़ाने की जगह उन्हें सीएनजी पर प्रतिकिलो

35 रुपये की सब्सिडी दें। इससे यात्री भी परेशान नहीं होंगे और उनकी समस्या का भी समाधान

होगा। उन्होंने बताया कि अगर कोई ऑटो चालक मीटर से नहीं चलता तो उसके खिलाफ शिकायत
का प्रावधान है।

ऐसे करें ऑटो से संबंधित शिकायत

हेल्पलाइन नंबर-011258444449, 1095

 

व्हाट्सएप नंबर-8750871493

एसएमएस-56767