Budget 2026 में कैपिटल गेन्स टैक्स में ऐतिहासिक बदलाव
शेयर बायबैक पर टैक्स: सभी शेयरधारकों पर पूरा असर
कल्पना कीजिए कि आपकी पसंदीदा कंपनी आपको शेयर बायबैक का ऑफर देती है—और तभी पता चलता है कि टैक्स का खेल अब पहले से ज़्यादा न्यायपूर्ण और आसान हो गया है। Budget 2026 के भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ा ऐलान किया:
अब हर शेयर बायबैक को शेयरधारकों के लिए कैपिटल गेन्स माना जाएगा।
यानि अब कोई अलग नियम नहीं, कोई भ्रम नहीं। पहले की तरह सेक्शन 115QA के तहत कंपनियों द्वारा दिया जाने वाला फ्लैट बायबैक टैक्स खत्म—अब टैक्स सीधे शेयरधारक के स्तर पर लगेगा।
यह बदलाव ऐसे समय आया है जब ऊँचे शेयर प्राइस और मज़बूत मुनाफे के चलते कंपनियाँ तेज़ी से बायबैक कर रही हैं। सरकार का मकसद है टैक्स में समानता, राजस्व बढ़ाना और जटिल रास्तों को बंद करना।
इस लेख में हम समझेंगे कि बजट 2026 का यह कैपिटल गेन्स टैक्स बदलाव आपके निवेश को कैसे प्रभावित करता है, क्यों यह अहम है, और आप इसके लिए कैसे तैयारी करें।
Budget 2026 का बायबैक टैक्स नियम: विस्तार से समझें
बायबैक से मिलने वाली रकम अब कैसे टैक्स होगी?
इस बदलाव के तहत इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन किया गया है (संभवतः सेक्शन 46 या कैपिटल गेन्स से जुड़े नए प्रावधान)।
अब कंपनी जब अपने शेयर वापस खरीदेगी, तो:
शेयरधारक को मिली पूरी रकम Sale Consideration मानी जाएगी
उस पर से आपकी खरीद लागत घटाकर कैपिटल गेन्स निकाला जाएगा
कंपनी पर अब 20% का बायबैक टैक्स नहीं लगेगा
यानी टैक्स की ज़िम्मेदारी पूरी तरह शेयरधारक पर शिफ्ट हो गई है।
इससे वे रास्ते बंद हो जाते हैं जहाँ बायबैक के ज़रिये ज्यादा टैक्स से बचा जाता था। अब सभी के लिए एक जैसा नियम।
पहले और अब: टैक्स ट्रीटमेंट में फर्क
Budget 2026 से पहले
कंपनी 20% बायबैक टैक्स देती थी (सेक्शन 115QA)
कई मामलों में शेयरधारक के लिए टैक्स शून्य या बहुत कम
डिविडेंड जैसे जटिल नियम

Budget 2026 के बाद
कंपनी पर कोई अलग बायबैक टैक्स नहीं
शेयरधारक पर कैपिटल गेन्स टैक्स:
लॉन्ग टर्म (1 साल से ज़्यादा): 10%
शॉर्ट टर्म: आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार
अनलिस्टेड शेयरों पर 20% LTCG + इंडेक्सेशन संभव
अब टैक्स आपकी होल्डिंग अवधि पर निर्भर करेगा, न कि कंपनी की रणनीति पर।
किन बायबैक पर यह नियम लागू होगा?
सभी लिस्टेड कंपनियाँ
प्राइवेट कंपनियाँ
स्टार्टअप्स के अनलिस्टेड शेयर
संभावित अपवाद:
ESOP से जुड़े कुछ मामले
क्रॉस-बॉर्डर बायबैक (DTAA के तहत)
कुल मिलाकर, लगभग सभी घरेलू बायबैक इस दायरे में आएँगे।
कैपिटल गेन्स कैसे निकालें?
कैलकुलेशन का तरीका
कैपिटल गेन्स = बायबैक प्राइस – खरीद लागत
उदाहरण:
100 शेयर @ ₹500 = ₹50,000
बायबैक ऑफर @ ₹1,000
कुल रकम = ₹1,00,000
कैपिटल गेन्स = ₹50,000
इंडेक्सेशन
अनलिस्टेड शेयरों पर LTCG में इंडेक्सेशन का लाभ
लिस्टेड इक्विटी पर अभी इंडेक्सेशन नहीं
लंबे समय तक निवेश करने वालों को यहां साफ़ फायदा मिलता है।

टैक्स रेट: STCG बनाम LTCG
| होल्डिंग अवधि | टैक्स |
|---|---|
| 12 महीने से कम | आपकी टैक्स स्लैब (30% तक) |
| 12 महीने से ज़्यादा | 10% (₹1 लाख से ऊपर) |
अनलिस्टेड शेयर:
20% + इंडेक्सेशन
NRI और FPI निवेशकों पर असर
पहले:
डिविडेंड पर DTAA के तहत 10–15%
अब:
कैपिटल गेन्स टैक्स लागू
शॉर्ट टर्म पर 20% तक TDS
DTAA क्लेम के लिए ज़्यादा डॉक्युमेंटेशन
इससे विदेशी निवेशकों की टैक्स प्लानिंग थोड़ी जटिल होगी।
कंपनियों और निवेशकों पर असर
कंपनियों के लिए
20% बायबैक टैक्स से राहत
कैश रिटर्न आसान
EPS बढ़ाने में मदद

संभावना है कि:
बायबैक + डिविडेंड का मिश्रण बढ़े
IT, बैंकिंग, फार्मा सेक्टर में ज़्यादा बायबैक
शेयरधारकों के लिए
हाई टैक्स स्लैब वालों को सावधानी ज़रूरी
लॉन्ग टर्म होल्डर्स को फायदा
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग अब ज़्यादा अहम
रणनीति:
होल्डिंग पीरियड ट्रैक करें
खरीद लागत का सही रिकॉर्ड रखें
ज़रूरत हो तो टैक्स सलाहकार से मिलें
अनुपालन (Compliance) और आगे की तैयारी
कंपनियों को क्या करना होगा?
Form 16A जारी करना
TDS कटौती:
LTCG: 10%
STCG: स्लैब के अनुमान पर
देरी पर पेनल्टी
शेयरधारकों के लिए टिप्स
1 अप्रैल 2026 से नियम लागू
अगर LTCG बनने वाला है तो होल्ड बढ़ाएँ
डिमैट में कॉस्ट डेटा अपडेट रखें
परिवार को ट्रांसफर से पहले क्लबिंग नियम समझें

संभावित विवाद और स्पष्टता की ज़रूरत
बोनस शेयर की लागत कैसे मानी जाएगी?
राइट्स इश्यू में कॉस्ट एडजस्टमेंट?
CBDT से FAQs और सर्कुलर की उम्मीद है। तब तक कुछ मामलों में विवाद संभव हैं।
बायबैक अब पूरी तरह कैपिटल गेन्स के दायरे में
Budget 2026 ने शेयर बायबैक को एक साफ़, समान और पारदर्शी टैक्स ढांचे में ला दिया है।
कंपनियों के लिए सरल
निवेशकों के लिए अनुमान योग्य
अब मुनाफा इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने कितने समय तक शेयर पकड़े।
समय रहते अपनी निवेश रणनीति अपडेट करें।
अगला बायबैक आए, तो तैयार रहें—पूरी जानकारी के साथ।
अगर चाहें तो मैं इसका संक्षिप्त वर्ज़न, FAQ, या निवेशकों के लिए चेकलिस्ट भी बना सकता हूँ।
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