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चार पीढ़ियों से ये मुस्लिम परिवार बना रहा रावण का पुतला,कलाकारी के लोग हैं दीवाने

अलीगढ़।असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरे की देश में धूम है।पूरे देश में बड़े ही धूम-धाम से दशहरा मनाया जाता है।लंकापति रावण को दसवीं के दिन मृत्युदंड दिया गया था। पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए लोग नवरात्रि के बाद दशहरे का पर्व मनाते हैं।उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भी इसका खास असर देखने को मिल रहा है।दशहरे के दिन रावण के पुतले को दहन करने की तैयारी एक महीने पहले से चल रही है। 10 सितंबर से रावण के पुतले को बनाने की तैयारी यहां शुरू की गई थी।कारीगरों द्वारा रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

चार पीढ़ियों से बना रहे हैं रावण का पुतला

मुख्य कारीगर मोहम्मद अशफाक हर साल अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में रावण के पुतले को बनाने के लिए आते हैं। पिछली चार पीढ़ियों से अशफाक का परिवार यहां रावण का पुतला बनाता आ रहा है।पिछले 40 सालों से अशफाक खुद रावण का पुतला बनाते आ रहे हैं।सर साल अशफाक द्वारा बनाया गया रावण का पुतला अलग छाप छोड़ जाता है और लोग दीवाने हो जाते हैं।इस बार भी अशफाक द्वारा 65 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है।वहीं मेघनाथ और कुंभकरण का भी 60 फीट के पुतला बनाया गया है।कड़ी मेहनत और मशक्कत से दिन-रात रावण के पुतले बनाने की तैयारी चल रही है। 15 कारीगर रावण के पुतले को बनाने में जुटे हुए हैं।

रावण के पुतले में लगाए जाएंगे 600 पटाखे

मोहम्मद अशफाक ने बताया कि इस बार रावण के पुतले में जान डालने का काम किया जाएगा।रावण के सिर के ऊपर लगने वाली छतरी घूमेगी और रावण के मुंह से चिल्लाहट की आवाज निकलेगी।साथ ही रावण की आंख से आंसू भी निकलेंगे।रावण के पुतले में 600 पटाखे लगाए जाएंगे,जिसमें सिर पर 50 पटाखे लगाने की योजना है।अशफाक ने बताया कि हर साल पुतले में कुछ अलग करने की कोशिश की जाती है।इस बार भी तीन खास काम किए जा जा रहे है।पुतला दहन आकर्षक दिखे इसके लिए तैयारी की जा रही है।

बता दें कि अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में 40 साल से रावण के पुतले को बनाने वाले मोहम्मद अशफाक बुलंदशहर जिले के दानपुर के रहने वाले हैं।अशफाक का बेटा शकील अब अशफाक के कार्यो को आगे बढ़ा रहा है।अशफाक को इस कार्य से गर्व महसूस होता है।