लखनऊ, 17 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां हस्तशिल्पियों एवं
कारीगरों का सम्मान किया।
विश्वकर्मा दिवस पर एमएसएमई एवं हस्तशिल्प पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि हस्तशिल्पियों ने तमाम अभाव और चुनौतियों के
बावजूद इस परम्परा और हुनर को बचा के रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके हुनर को एक मंच दिया है। उनकी प्रेरणा से
2017 में उप्र में नई सरकार का गठन होने के बाद इस क्षेत्र में कई कार्यक्रम प्रारंभ किए गए। यूपी
में 90 लाख से भी ज्यादा एमएसएमई की इकाई है। एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) और
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की।
ओडीओपी योजना के तहत प्रत्येक जिले के उत्पाद की
ब्रांडिंग, पैकेजिंग और उसके विकास को लेकर कार्य किया जा रहा है। वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान
योजना के माध्यम से हस्तशिल्पियों को सम्मान दिया। उन्हें प्रशिक्षण दिलाया गया। इससे उन्हें
आर्थिक लाभ भी हुआ।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी के बारे में कोई नहीं जानता था। 2017 के पहले
आजमगढ़ को लोग आतंकवाद का गढ़ के रूप में जानते थे।
गोरखपुर के टेराकोटा के बारे में किसी
को जानकारी नहीं थी। फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग,
कन्नौज का इत्र, अलीगढ़ के ताले, भदोही की
कालीन और सहारनपुर का क्राफ्ट उद्योग आज आगे बढ़ रहा है।

