नवीकरणीय ऊर्जा से नई शुरुआत-CM
रूफटॉप सोलर को बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य 2030 तक 5,000 मेगावाट सौर क्षमता हासिल करना है। घरों और दुकानों को टैक्स छूट और कम ब्याज ऋण दिए जा रहे हैं। कई हाउसिंग सोसाइटियों में सोलर पैनल लगने के बाद बिजली बिल आधा हो गया है।
सब्सिडी लागत का 40% तक कवर करती है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देने पर अतिरिक्त लाभ भी मिलता है।
स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा दक्षता
पुरानी बिजली लाइनें 20% तक ऊर्जा बर्बाद करती हैं। स्मार्ट मीटर और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम से यह नुकसान घटाया जा रहा है। पूर्वी दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट से बिजली कटौती में 25% कमी आई है।
सरकारी वाहनों का विद्युतीकरण
डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसें लाई जा रही हैं। 2028 तक सार्वजनिक बस बेड़ा पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य है। नगर निगम के वाहन भी चरणबद्ध तरीके से बदले जाएंगे।
कचरा प्रबंधन: ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ की ओर
दिल्ली रोज 10,000 टन से अधिक कचरा पैदा करती है। नई नीति का लक्ष्य “जीरो लैंडफिल” है।

विकेंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण
बड़े डंपिंग ग्राउंड की जगह छोटे स्थानीय प्रोसेसिंग यूनिट लगाए जा रहे हैं। गीले कचरे से खाद बनेगी, जिससे पार्क और हरित क्षेत्र मजबूत होंगे।
स्रोत पर कचरा अलग करना अनिवार्य
अब हर घर को गीला, सूखा और सैनिटरी कचरा अलग करना होगा। नियम न मानने पर 500 रुपये तक जुर्माना है। अच्छी आदतों पर पानी बिल में छूट मिलेगी।
वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र
ओखला जैसे इलाकों में आधुनिक फिल्टर के साथ संयंत्र अपग्रेड किए जा रहे हैं ताकि प्रदूषण न बढ़े। इनसे 50,000 घरों के लिए बिजली उत्पन्न हो सकती है।
जल संरक्षण और सुरक्षा
दिल्ली प्रतिदिन लगभग 1,200 मिलियन गैलन पानी उपयोग करती है, लेकिन एक-तिहाई लीकेज में बर्बाद हो जाता है।
जलाशयों का पुनर्जीवन
Hauz Khas जैसे जल निकायों की सफाई और पुनर्भरण की योजना है। वर्षा जल संग्रह और चेक डैम से भूजल स्तर 2030 तक 20% बढ़ाने का लक्ष्य है।
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वर्षा जल संचयन अनिवार्य
नई इमारतों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूरी है। पुराने घरों को 10,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। ग्रे वाटर (रसोई/सिंक का पानी) का पुनः उपयोग भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पाइपलाइन सुधार
500 किमी पुरानी पाइपलाइन बदली जा रही है। लक्ष्य है प्रति व्यक्ति पानी उपयोग 200 लीटर से घटाकर 150 लीटर प्रतिदिन करना।
हरित दिल्ली: जैव विविधता और स्वच्छ हवा-CM
‘ग्रीन कैनोपी’ अभियान
दिल्ली का हरित आवरण 20% से बढ़ाकर 40% करने का लक्ष्य है। नीम और पीपल जैसे देशी पेड़ लगाए जाएंगे। हर साल 1 करोड़ पौधे लगाने की योजना है।
वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण
ऑड-ईवन से आगे बढ़कर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रवेश शुल्क, कड़े PUC नियम और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मेट्रो नेटवर्क का विस्तार भी किया जाएगा।
ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर
नई इमारतों में ग्रीन रूफ और वर्टिकल गार्डन अनिवार्य किए जा रहे हैं। इससे हीट आइलैंड प्रभाव कम होगा और वर्षा जल जमीन में समाएगा।

वित्त और जनभागीदारी
ग्रीन बॉन्ड और PPP मॉडल
मार्च में 1,000 करोड़ रुपये का ग्रीन बॉन्ड जारी किया गया। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए सोलर प्लांट और कचरा इकाइयां बनाई जा रही हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही
ऑनलाइन डैशबोर्ड पर वायु गुणवत्ता, वृक्षारोपण और कचरा प्रबंधन के आंकड़े साप्ताहिक अपडेट होंगे। नागरिक ऐप के जरिए सुझाव और शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
जागरूकता अभियान
स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा, कॉलोनियों में कंपोस्टिंग वर्कशॉप और सोशल मीडिया अभियान चलाए जा रहे हैं। लक्ष्य है व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना।
एक हरित राजधानी की ओर
CM रेखा गुप्ता की योजना तीन मजबूत स्तंभों पर आधारित है—सौर ऊर्जा का विस्तार, कचरे का पुनर्चक्रण, और जल संरक्षण।
दिल्ली के सामने जनसंख्या दबाव, प्रदूषण और जल संकट जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। लेकिन ठोस नीति, तकनीक और नागरिक भागीदारी से बदलाव संभव है।
अब बारी हमारी है—एक पेड़ लगाएं, कचरा अलग करें, पानी बचाएं। मिलकर हम दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ राजधानी बना सकते हैं।
Amit शाह ने बिहार में कहा: भाजपा सरकार अवैध प्रवासियों को हटाने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
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