फरीदाबाद, 02 अगस्त । किसी भी काम को शुरू करने की कोई उम्र नहीं होती। बस काम करने का
जुनून और लगन होनी चाहिए।
कुछ ऐसा ही उत्साह कन्फेडरेशन आफ आरडब्ल्यूए दिखा रही है। इसमें कई
पदाधिकारी बुजुर्ग हैं। इसके बावजूद पर्यावरण संरक्षण के लिए वे खूब दौड़-भाग कर रहे हैं। जनहित का कोई भी
मामला हो, उनके कदम नहीं थकते। अब पालीथिन हटाओ, पर्यावरण बचाओ नामक मुहिम के साथ कन्फेडरेशन
आफ आरडब्ल्यूए और सेक्टर-29 आरडब्ल्यूए कपड़े के थैले बांटकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है। वे अपने
खर्चे पर पांच हजार कपड़े के थैले बनवा रहे हैं। काफी बन भी गए हैं। इन्हें बांटना शुरू कर दिया है। हाल ही में
सेक्टर-15 सामुदायिक केंद्र में काफी लोगों को थैले बांटे थे।
सोमवार को कन्फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल
अतिरिक्त आयुक्त इंद्रजीत कुलड़िया से मिला।
अधिकारियों को भी सलाह दी गई कि वह बड़े स्तर पर लोगों को
जागरूक करें।
कन्फेडरेशन आफ आरडब्ल्यूए के महासचिव एएस गुलाटी कहते हैं कि सिगल यूज प्लास्टिक सभी के लिए घातक
है। सरकार ने इस पर पाबंदी लगाकर बहुत अच्छा काम किया है। आज पालीथिन का विकल्प मौजूद है। इसलिए
हमें कपड़े के थैलों का ही प्रयोग करना चाहिए। वे बताते हैं कि कपड़े के थैले बनवाने से नहीं केवल पर्यावरण
संरक्षण होता है, बल्कि काफी लोगों को रोजगार भी मिलता है। अब सभी को बाजार में जाते समय कपड़े का थैला
रखने की आदत डालनी होगी, तभी बदलाव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि सिगल यूज प्लास्टिक के बेहतर विकल्प
हैं। इन सभी का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। पिछले दिनों सामुदायिक केंद्र सेक्टर-15 में प्रदर्शनी के दौरान कई
विकल्प उनकी स्टाल पर मौजूद थे। सभी लोगों ने सराहना की। सेक्टर-29 आरडब्ल्यूए के महासचिव सुबोध
नागपाल ने बताया कि उनके सेक्टर के लोग जागरूक हैं। उन्होंने पालीथिन का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।

