नई दिल्ली, 16 जून । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार के नेतृत्व में आज केन्द्र
सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करने के खिलाफ हजारों
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज निवास का घेराव किया। सत्याग्रह की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस
की बर्बरता चौथे दिन भी जारी रही जिसमें पुलिस ने मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर केनन चलाकर प्रहार
किया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार के सर पर गहरी चोट आई और उनका कंधा टूट गया है, मौके पर
कुछ समय के लिए वे बेहाश भी हो गए थे।
अनिल कुमार ने कहा कि मोदी सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा की
जा रही दमनकारी कार्यवाही से कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नही है और तानाशाही सरकार के खिलाफ सत्य और
न्याय की लड़ाई के लिए सत्याग्रह जारी रहेगा। पुलिस द्वारा कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर लाठीचार्ज के खिलाफ
माननीय उपराज्यपाल कार्यालय में एक ज्ञापन भी दिया गया।
राज निवास घेराव में प्रदेश अध्यक्ष चौ. अनिल
कुमार के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी शक्तिसिन्ह गोहिल, कांग्रेस महासचिव अजय
माकन, मुकुल वासनिक, कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक लालजी देसाई, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविन्दर सिंह लवली,
पूर्व सांसद रमेश कुमार, प्रवक्ता पवन खेड़ा,
सचिव देवेन्द्र यादव, सी.पी. मित्तल, तरुण कुमार, दिल्ली सरकार के
पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ, डॉ. नरेन्द्र नाथ, प्रो. किरण वालिया, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जय किशन, प्रदेश
उपाध्यक्ष अभिषेक दत्त, मुदित अग्रवाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष संदीप गोस्वामी, पूर्व विधायक मुकेश शर्मा, हसन अहमद,
हरी शंकर गुप्ता, विजय लोचव, भीष्म शर्मा, मालाराम गंगवाल,
कुंवर करण सिंह, वीर सिंह धींगान, सुरेन्द्र कुमार
और अमरीश गौतम, वरिष्ठ नेता चत्तर सिंह और ब्रहम यादव, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष रणविजय सिंह, दिल्ली
प्रदेश कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, के साथ कैलाश जैन, आदेश भारद्वाज, वेद प्रकाश बेदी,
मुकेश पांचाल, आर.डी.कौशिक, हाजी गुफरान,
हाजी जरीफ जिला अध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवा
कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे।
अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा के इशारे पर प्रवर्तन
निदेशालय लगातार पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से बिना सबूत,
बिना तथ्यों के निराधार और मनगढ़ंत आरोपों
के चलते नेशनल हेराल्ड मामले में राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित होकर की जा रही पेशी के खिलाफ कांग्रेस
कार्यकर्ताओं को सत्याग्रह जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 4 दिनों से केन्द्र सरकार द्वारा कांग्रेस मुख्यालय में
पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर प्रतिबंद्ध लगाना और मुख्यालय को छावनी में
तबदील करना तानाशाही की मिसाल है।

