नई दिल्ली, 31 अक्टूबर । यहां की एक अदालत ने पत्नी की हत्या के प्रयास के आरोप से
एक व्यक्ति को यह कहते हुए बरी कर दिया कि शिकायतकर्ता,
प्रत्यक्षदर्शी और महत्वपूर्ण गवाहों ने
अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया तथा आरोपी के खिलाफ रिकॉर्ड में कोई ऐसी
सामग्री नहीं लाई गई जिससे कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके।
अदालत मुकेश कुमार नामक व्यक्ति के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिस पर
आरोप था कि 30 मार्च, 2019 को उसने अपनी पत्नी को देसी रिवॉल्वर से गोली मार दी थी, जो
उसके कान के दाहिने हिस्से से निकल गई और वह मामूली रूप से घायल हो गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार ने हाल में दिए एक आदेश में कहा,
;आरोपी के
खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं लाया गया है जिससे मामले को आगे बढ़ाया जा सके।
तदनुसार,
आरोपी मुकेश कुमार को आरोप से बरी किया जाता है।
अदालत ने उल्लेख किया कि मामले में मुख्य गवाह आरोपी की पत्नी एवं शिकायतकर्ता रेखा रानी
तथा उसकी बहन कुसुम को प्रत्यक्षदर्शी बताया गया।
इसने कहा कि जहां आरोपी की पत्नी ने स्पष्ट रूप से बयान दिया कि वह अंधेरे के कारण सड़क पर
गिर गई और उसे मामूली चोटें आईं,
वहीं उसकी बहन ने बयान दिया कि उसे इस बात की जानकारी
नहीं थी कि उक्त चोटें कैसे लगीं।
अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता, प्रत्यक्षदर्शी और महत्वपूर्ण गवाहों ने अभियोजन पक्ष के मामले
का समर्थन नहीं किया तथा आरोपी के खिलाफ रिकॉर्ड में कोई ऐसी सामग्री नहीं लाई गई जिससे
कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके, इसलिए आरोपी को बरी किया जाता है।

