Ethiopia

मोदी की कूटनीतिक जीत: Ethiopia के सम्मान के बाद प्रधानमंत्री को ओमान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “सुल्तान क़ाबूस ग्रैंड क्रॉस” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें Ethiopia द्वारा दिए गए सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार के ठीक बाद मिला है। लगातार दो देशों से मिले इन उच्च सम्मानों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वैश्विक मंच पर भारत और उसके नेतृत्व की साख लगातार मज़बूत हो रही है।

अफ्रीका से लेकर खाड़ी क्षेत्र तक, देश भारत को एक भरोसेमंद और अहम साझेदार के रूप में देख रहे हैं। सवाल यह है कि इसका असर व्यापार, सुरक्षा और भारत की वैश्विक भूमिका पर कैसे पड़ेगा? आइए विस्तार से समझते हैं।

सुल्तान क़ाबूस ग्रैंड क्रॉस: ओमान का सर्वोच्च सम्मान

पुरस्कार का महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सुल्तान क़ाबूस ग्रैंड क्रॉस ओमान का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। यह उन विशिष्ट व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने ओमान के साथ असाधारण योगदान या अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई हो। यह पुरस्कार ओमान के दिवंगत शासक सुल्तान क़ाबूस बिन सईद के नाम पर है, जिन्होंने 1970 से 2020 तक देश को स्थिरता और प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया।

प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत–ओमान संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिए मिला है। इससे पहले यह सम्मान महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय जैसे वैश्विक नेताओं को भी मिल चुका है, जो इसकी प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक पदक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।

भारत–ओमान संबंध: गहरे और ऐतिहासिक रिश्ते

भारत और ओमान के रिश्ते सदियों पुराने हैं। आज भी ये संबंध ऊर्जा, व्यापार और लोगों से लोगों के जुड़ाव में साफ़ दिखते हैं।

  • व्यापार: 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर से अधिक रहा

  • ऊर्जा: ओमान भारत की कच्चे तेल की ज़रूरतों का लगभग 10% पूरा करता है

  • प्रवासी भारतीय: ओमान में करीब 8 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं

Narendra Modi: UAE honours PM Modi with highest civilian award | India News  - Times of India

हाल के वर्षों में रक्षा सहयोग, बंदरगाहों के उपयोग और समुद्री सुरक्षा पर कई समझौते हुए हैं। 2018 में मोदी की ओमान यात्रा के बाद से रिश्तों में लगातार गति आई है। इस सम्मान के बाद तकनीक और हरित ऊर्जा में और सहयोग की उम्मीद है।

साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र

  • ऊर्जा आपूर्ति और एलएनजी

  • नौसैनिक अभ्यास और समुद्री सुरक्षा

  • सांस्कृतिक जुड़ाव (दीवाली, योग आदि)

Ethiopia का सम्मान: अफ्रीका में भारत की मज़बूत मौजूदगी

Ethiopia सम्मान का संदर्भ

ओमान से ठीक एक दिन पहले, Ethiopia ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान “ग्रैंड ऑर्डर ऑफ़ द स्टार ऑफ़ इथियोपिया” प्रदान किया। यह पुरस्कार उन नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने अफ्रीका में शांति और विकास में योगदान दिया हो।

Ethiopia में भारत की मदद से सड़क, कृषि और क्षमता निर्माण परियोजनाएँ चल रही हैं। अफ्रीकी संघ में इथियोपिया की अहम भूमिका के कारण यह सम्मान भारत के लिए विशेष मायने रखता है।

लगातार मिल रहे सम्मान: भारत की विदेश नीति की सफलता

क्या यह एक ट्रेंड है?

Ethiopia और ओमान—दो अलग-अलग क्षेत्र, लेकिन दोनों से एक साथ सम्मान मिलना संयोग नहीं है। दोनों देश भारत की निष्पक्ष विदेश नीति, विकास साझेदारी और समुद्री सुरक्षा भूमिका को महत्व देते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भारत की “वसुधैव कुटुंबकम” और साझेदारी आधारित कूटनीति का नतीजा है।

कुछ संकेत

  • अफ्रीका को 12 अरब डॉलर से अधिक की भारतीय क्रेडिट लाइन

  • खाड़ी देशों से भारत में बढ़ता निवेश

  • वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती स्वीकार्यता

Virtually all Muslim countries have honoured Narendra Modi with their  highest civilian awards

भू-राजनीतिक और आर्थिक असर

हिंद–प्रशांत रणनीति में भारत की भूमिका

ओमान का स्थान होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर है, जहाँ से दुनिया का लगभग आधा तेल गुजरता है। वहीं Ethiopia लाल सागर क्षेत्र में अहम भूमिका निभाता है। इन दोनों देशों से मज़बूत रिश्ते भारत को समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों में रणनीतिक बढ़त देते हैं।

आर्थिक कूटनीति और निवेश

ऐसे सम्मान अक्सर निवेश और व्यापार को नई गति देते हैं।

  • भारत–ओमान व्यापार लक्ष्य: 2027 तक 15 अरब डॉलर

  • इथियोपिया में भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर

  • प्रवासी भारतीयों को बेहतर काम और रेमिटेंस सुविधाएँ

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विशेषज्ञों और जनता की प्रतिक्रिया

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ इसे भारत की संतुलित और भरोसेमंद विदेश नीति का प्रमाण मानते हैं। वहीं देश के भीतर सोशल मीडिया और जनमत में गर्व और भरोसा साफ़ दिखता है। कई लोग इसे रोज़गार, निवेश और वैश्विक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं।

वैश्विक मंच पर भारत की मज़बूत होती पहचान

ओमान और Ethiopia से मिले ये सम्मान भारत के बढ़ते कद का संकेत हैं।

  • ओमान से खाड़ी क्षेत्र में भारत की पकड़ मज़बूत हुई

  • इथियोपिया से अफ्रीका में साझेदारी को बल मिला

मुख्य संदेश:

भारत अब केवल एक उभरती शक्ति नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित हो रहा है।
आने वाले समय में ऐसे कूटनीतिक कदम भारत की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव—तीनों को मज़बूत करेंगे।

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