Delhi

Delhi जा रहा चार्टर्ड विमान रडार से गायब, हादसे में 7 लोगों की मौत

Delhi के लिए उड़ान भरने वाला एक चार्टर्ड विमान बीच रास्ते अचानक रडार से गायब हो गया और कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने निजी और चार्टर्ड उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे की टाइमलाइन और शुरुआती जांच

रडार संपर्क कब टूटा?

विमान ने दक्षिण भारत के एक छोटे हवाई अड्डे से दोपहर लगभग 2 बजे उड़ान भरी।
करीब 2:45 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से अंतिम संपर्क हुआ। इसके तुरंत बाद विमान का सिग्नल रडार से गायब हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार विमान Delhi से लगभग 200 मील दक्षिण में पहाड़ी इलाके के ऊपर था। कोई आपातकालीन संदेश (Distress Call) दर्ज नहीं हुआ।

शाम होते-होते बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा पहाड़ी ढलान पर बिखरा मिला।

विमान और यात्रियों की जानकारी

दुर्घटनाग्रस्त विमान एक Beechcraft King Air 350 था — दो इंजन वाला टर्बोप्रॉप विमान, जिसका इस्तेमाल अक्सर निजी और चार्टर्ड उड़ानों के लिए किया जाता है।

  • कुल 7 लोग सवार थे

    • 4 यात्री

    • 3 क्रू सदस्य (पायलट, सह-पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट)

पायलट को 15 वर्षों का अनुभव था। विमान हाल ही में सर्विसिंग से गुजरा था और प्रारंभिक रिकॉर्ड में कोई बड़ी तकनीकी समस्या दर्ज नहीं थी।

Tragedy in Jharkhand: All 7 Dead as Delhi-Bound Air Ambulance Carrying Burn  Patient Crashes in Chatra Forest

बचाव अभियान

रडार संपर्क टूटने के तुरंत बाद खोज अभियान शुरू हुआ।

  • वायुसेना के हेलीकॉप्टर 30 मिनट के भीतर रवाना किए गए

  • स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने भी तलाश में मदद की

  • रात तक मलबा बरामद कर लिया गया

खराब मौसम और घने कोहरे के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई।

संभावित कारण: तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि?

1. मौसम की भूमिका

घटना के समय अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज़ हवाएं और कम दृश्यता ने उड़ान को प्रभावित किया हो सकता है।

2. तकनीकी खराबी

प्रारंभिक जांच में ट्रांसपोंडर या ईंधन प्रणाली में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। हालांकि अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।

3. कॉकपिट रिकॉर्डर की अहम भूमिका

कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) बरामद कर लिए गए हैं। इनसे यह पता चलेगा कि अंतिम क्षणों में क्या हुआ।

Ranchi–Delhi air ambulance crash: All seven victims identified, bodies  recovered

भारत में चार्टर्ड उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था

भारत में चार्टर्ड और निजी उड़ानों की निगरानी Directorate General of Civil Aviation (DGCA) द्वारा की जाती है।

  • ऑपरेटर सर्टिफिकेट अनिवार्य

  • नियमित तकनीकी जांच

  • पायलटों का आवधिक प्रशिक्षण

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे ऑपरेटरों पर निगरानी को और सख्त करने की आवश्यकता है।

जांच प्रक्रिया कैसे होगी?

दुर्घटना की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा की जाएगी।

जांच के मुख्य चरण:

  • दुर्घटनास्थल से साक्ष्य संग्रह

  • विमान के पुर्जों की तकनीकी जांच

  • ब्लैक बॉक्स डेटा विश्लेषण

  • मौसम और ATC रिकॉर्ड की समीक्षा

अंतरिम रिपोर्ट कुछ महीनों में आने की संभावना है, जबकि अंतिम रिपोर्ट में 6–12 महीने लग सकते हैं।

Ranchi–Delhi air ambulance crash: All seven victims identified, bodies  recovered

भविष्य के लिए जरूरी कदम

  1. चार्टर्ड विमानों के लिए उन्नत रडार और सैटेलाइट ट्रैकिंग अनिवार्य करना

  2. पायलटों के लिए आपातकालीन सिम्युलेटर प्रशिक्षण बढ़ाना

  3. पुराने विमानों के लिए अतिरिक्त तकनीकी निरीक्षण

  4. खराब मौसम के दौरान उड़ान मानकों को और सख्त करना

सुरक्षा सुधार की जरूरत

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
रडार संपर्क टूटना, अचानक मौसम परिवर्तन और संभावित तकनीकी खामी — सभी पहलुओं की गहन जांच जरूरी है।

सरकार, नियामक एजेंसियों और चार्टर्ड ऑपरेटरों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

इन सात जिंदगियों की कीमत पर मिली यह सीख भारतीय विमानन सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होनी चाहिए।

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