नई दिल्ली, 09 अक्टूबर )। दिल्ली सरकार ने सिंगल विंडो सुविधा के तहत एक साल से भी
कम समय में एक हजार इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग पॉइंट लगाने का काम पूरा कर लिया है।
इसमें बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीएसईएस) द्वारा 315 स्थानों पर 682 चार्जिंग पॉइंट,
बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) द्वारा 70 स्थानों पर 150 चार्जिंग पॉइंट और टाटा
पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) द्वारा 50 स्थानों पर 168 चार्जिंग पॉइंट शामिल
हैं। इनमें से 59 प्रतिशत चार्जर आरडब्ल्यूए द्वारा, 15 प्रतिशत कार्यालय परिसर में और 13
प्रतिशत ई-रिक्शा पार्किंग में लगाए गए हैं। दिल्ली सरकार इन एक हजार चार्जिंग पॉइंट्स पर
सब्सिडी के तौर पर 60 लाख रुपये खर्च करेगी।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने रविवार को कहा कि, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के
नेतृत्व में पूरी दिल्ली में दिल्ली सरकार ने हर तीन किमी. के दायरे में निजी और सार्वजनिक चार्जिंग
सुविधाओं का नेटवर्क प्रदान करके पूरे शहर में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए
प्रतिबद्ध है। यह सिर्फ शुरुआत है क्योंकि दिल्ली सरकार अगले तीन वर्षों में 18,000 चार्जिंग पॉइंट
स्थापित करने की योजना बना रही है, जिससे दिल्ली के नागरिकों के लिए आईसीई वाहन के बजाय
इलेक्ट्रिक वाहन चुनना आसान हो जाएगा। 2024 के अंत तक, दिल्ली में खरीदे गए हर चार नए
वाहनों में से एक इलेक्ट्रिक वाहन होगा।
एक हजार इंस्टालेशन पूरा करने पर, डीडीसी के उपाध्यक्ष और दिल्ली सरकार के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष जैस्मीन शाह ने कहा दिल्ली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में नए इनोवेशन लाने के
लिए जानी जाती है, सिंगल विंडो सेवा उन्हीं में से एक है। यह अपने आप में पूरे देश में एक अनूठी
पहल है। सिंगल विंडो सुविधा का उद्देश्य दिल्ली में ईवी चार्जर्स की खरीद को आसान और परेशानी
मुक्त बनाना है। इस पहल की सफलता का श्रेय
दिल्लीवासियों, दिल्ली के डिस्कॉम्स और पैनल में
शामिल एजेंसियों को जाता है।
उल्लेखनीय है कि चार्जिंग पॉइंट्स की व्यापक स्थापना दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से
अपनाने का एक प्रमुख कारण रही है। दिल्ली ईवी नीति अगस्त 2020 में दिल्ली को भारत की ईवी
राजधानी के रूप में स्थापित करने और वाहन क्षेत्रों में ईवी अपनाने की गति में तेजी लाने के
उद्देश्य से शुरू की गई थी। दिल्ली ईवी नीति 2020 के तहत, अब तक 72,000 से अधिक
इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जा चुके हैं, जिसमें वर्ष 2022 में ही 41,000 से अधिक ईवी बेचे गए हैं। हर
महीने बेचे जाने वाले कुल वाहनों में ईवी का योगदान लगभग 10 प्रतिशत है। दिल्ली ने भी इस
साल मार्च में बीके कुल वाहनों का 12.5 फीसदी ईवी था , जो भारत में सभी राज्यों में सबसे ज्यादा
है।

