नई दिल्ली, 03 अक्टूबर ( दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने
सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार समाज के दलित और पिछड़े वर्ग के हितों के विरुद्ध काम
करती है। आप सरकार अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के कल्याण के नाम पर जनता
को धोखा देती रही है। इस वर्ग के लिए जितना फंड बजट में आवंटित किया जाता है, उसमें से करीब
90 फीसदी खर्च ही नहीं किया जा रहा। बिधूड़ी ने वर्ष 2020-21 और 2021-22 के बजट में इस वर्ग
के साथ हुए धोखे का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के बजट में अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्ग के कल्याण
के मद में सरकार ने 433 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च करने का ऐलान करके वाहवाही लूट ली लेकिन
सरकार इस बजट को खर्च करने में पूरी तरह नाकाम रही। उसमें से सिर्फ 49 करोड़ 27 लाख रुपए
ही खर्च किए गए, जो कि आवंटित राशि 433 करोड़ का केवल 11 प्रतिशत ही था। इसी प्रकार
दिल्ली सरकार ने 2020-21 में अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए जो
राशि रखी थी, उसमें से 89 प्रतिशत से ज्यादा खर्च ही नहीं हुई। सरकार ने 2021-22 में इस वर्ग के
कल्याण के लिए 465.72 लाख रुपए आवंटित किए थे। जब इस राशि को खर्च करने का समय आया
तो केवल 137 करोड़ रुपए ही खर्च कर पाई जो कि मूल आवंटित बजट का 31 प्रतिशत ही है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली के दलित वर्ग का हमदर्द होने का दावा करती है लेकिन
सच्चाई यह है कि वह इस वर्ग के साथ धोखा कर रही है और उसे भ्रमित करने की कोशिश करती
रही है।

