Delhi टैक्सी क्रांति: निजी ईवी और BS-VI कारें कैसे बदलेंगी शहर की यात्रा
Delhi की हवा अक्सर धुंध और धुएँ से भारी रहती है। पीक ऑवर में सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। अब सरकार सड़कों को स्मार्ट तरीके से साफ़ करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। योजना है कि निजी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और BS-VI मानक वाली कारों को टैक्सी के रूप में चलाने की अनुमति दी जाए। इससे प्रदूषण घटेगा, ट्रैफिक बेहतर होगा और साझा राइड्स (शेयर राइड) को भी बढ़ावा मिलेगा। सोचिए—बिना झंझट के एक साफ़-सुथरी सवारी। शहर की मोबिलिटी के लिए यह बड़ा बदलाव है।
नीति का ढांचा: नई टैक्सी एग्रीगेटर गाइडलाइंस को समझें
Delhi परिवहन विभाग ने यह प्रस्ताव 2025 के अंत में रखा। मकसद है टैक्सी सेवाओं में निजी कारों की भागीदारी बढ़ाना। अभी केवल पीली नंबर प्लेट वाली गाड़ियाँ ही किराये पर सवारी ढो सकती हैं, जिससे विकल्प सीमित रहते हैं और किराए बढ़ते हैं।
नई ड्राफ्ट नीति कुछ पुराने नियमों में ढील देती है। निजी कार मालिक तब शामिल हो सकते हैं जब उनकी गाड़ी ग्रीन मानकों पर खरी उतरे। प्राथमिकता इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी, जबकि BS-VI पेट्रोल/डीज़ल कारों को भी अनुमति होगी—ये सबसे कड़े उत्सर्जन मानकों को पूरा करती हैं।
यह नीति Uber, Ola जैसे ऐप्स से जुड़ती है या संभव है कि शहर का अपना प्लेटफॉर्म बने। ड्राइवर इन्हीं के ज़रिए जुड़ेंगे। इससे उपलब्ध राइड्स बढ़ेंगी और इंतज़ार कम होगा।
निजी वाहनों को टैक्सी में बदलने की पात्रता
वाहन EV या BS-VI होना चाहिए
गाड़ी 5 साल से पुरानी नहीं हो
परिवहन विभाग से फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य
कमर्शियल परमिट लेना होगा
ड्राइवर का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन ज़रूरी
यह नियम राष्ट्रीय ग्रीन लक्ष्यों से मेल खाते हैं। Delhi 2030 तक 50% वाहन इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखती है—यह नीति उसी को तेज़ करती है।

सुरक्षा, निगरानी और यात्री संरक्षण
हर गाड़ी में GPS ट्रैकिंग होगी। पैनिक बटन सीधे पुलिस से जुड़े होंगे। डैश कैम यात्राओं की रिकॉर्डिंग करेंगे। ये वही मानक हैं जो मौजूदा टैक्सियों पर लागू हैं।
हर छह महीने में निरीक्षण होगा। चूक पर परमिट रद्द हो सकता है। छोटे उल्लंघन पर 5,000 रुपये से जुर्माना शुरू होगा। इन उपायों से यात्रियों—खासतौर पर रात में अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं—को अधिक सुरक्षा मिलेगी।
ईवी पर ज़ोर: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को रफ्तार
इस योजना में इलेक्ट्रिक कारें सबसे आगे हैं। कई निजी मालिक पहले ही सब्सिडी के साथ EV खरीद चुके हैं। अब वे इससे कमाई भी कर सकेंगे।
Delhi में 10,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट हैं, लेकिन टैक्सियों की संख्या बढ़ने से मांग भी बढ़ेगी। मॉल, ऑफिस और सार्वजनिक जगहों पर नए चार्जिंग स्टेशन लगेंगे। टैक्स में छूट और कम रजिस्ट्रेशन फीस जैसे प्रोत्साहन भी मिलेंगे।
नतीजा—कम धुआँ, बेहतर AQI और साफ़ हवा।

निजी EV मालिकों के लिए कमाई का गणित
पार्ट-टाइम चलाकर ~₹50,000/महीना कमाई संभव
बिजली का खर्च पेट्रोल से आधा
200 किमी की फुल चार्ज ~₹200
मेंटेनेंस कम (ऑयल चेंज नहीं, ब्रेक कम घिसते हैं)
हाँ, भारी इस्तेमाल से बैटरी पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ दोहरे उपयोग (सुबह परिवार, दोपहर यात्री) की सलाह देते हैं। अन्य शहरों के डेटा में EV टैक्सी चालकों की आय ~20% बढ़ी है।
साझा राइड्स और बेहतर उपयोग
शेयर राइड्स से खाली सीटें कम होंगी। एक ही दिशा में जाने वाले चार लोग—एक कार। किराया घटकर ~₹20/किमी हो सकता है।
इससे जाम कम होगा और ऐप्स स्मार्ट तरीके से रूट मिलान करेंगे। चुनौतियाँ हैं—पिक-अप देरी, ज़्यादा ट्रिप्स—लेकिन फायदे भारी हैं। अन्य जगहों पर ट्रायल में 15% तक भीड़ कम हुई है।
पारंपरिक टैक्सी और ऑटो पर असर
पारंपरिक टैक्सी चालकों को प्रतिस्पर्धा का डर है। किराए दबाव में आ सकते हैं। यूनियनें विरोध जता रही हैं।
सरकार ने सहारा देने की योजना बनाई है—ट्रेनिंग, सस्ती EV लोन स्कीम। ऑटो-रिक्शा छोटे सफ़रों में अपनी जगह बनाए रखेंगे। धीरे-धीरे सभी अनुकूलन करेंगे और शहर को लाभ होगा।

चुनौतियाँ और आगे का रोडमैप
कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बीमा महँगा होगा
ड्राइवर वेरिफिकेशन में समय लग सकता है
हितधारकों से चर्चा जनवरी 2026 से
अंतिम नियम मध्य-2026 तक
रजिस्ट्रेशन Q3 में शुरू होने की उम्मीद
योग्य वाहन मालिकों के लिए प्रक्रिया: परिवहन वेबसाइट देखें, फिटनेस टेस्ट बुक करें, छोटा सेफ्टी वर्कशॉप अटेंड करें। बीमा कंपनियाँ नई पॉलिसी लाएँगी—टैक्स छूट से लागत संतुलित होगी।
Delhi की यात्रा व्यवस्था का नया अध्याय
यह नीति निजी पहियों और सार्वजनिक ज़रूरतों का संतुलन बनाती है। EV और BS-VI कारें टैक्सी बनेंगी, शेयर राइड्स से दक्षता बढ़ेगी। प्रदूषण घटेगा, ट्रैफिक सुधरेगा और यात्राएँ सस्ती होंगी।
अगर आपके पास योग्य EV या BS-VI कार है, तो यह बदलाव का हिस्सा बनने का मौका है। अपडेट्स पर नज़र रखें—और हरित, स्मार्ट सफ़र के लिए तैयार हो जाइए।
Uttarakhand के मुख्यमंत्री धामी ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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