Delhi पुलिस का एनकाउंटर में बड़ी सफलता: एंटी-नारकोटिक्स सेल ने कुख्यात ‘भाऊ गैंग’ के सदस्य अंकित को दबोचा
भारत की व्यस्त राजधानी के बीचोंबीच, Delhi पुलिस की एक साहसिक कार्रवाई ने संगठित अपराध की जड़ें हिला दीं। कुख्यात भाऊ गैंग का अहम सदस्य अंकित एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) के हाथों एक तनावपूर्ण एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार हुआ। यह गिरफ्तारी एनसीआर में फैले नशे के गिरोहों को एक मजबूत झटका देती है।
यह कार्रवाई पुलिस और अपराध जगत के बीच चल रही अनवरत लड़ाई को दर्शाती है—जहाँ गैंग नशे की तस्करी के साथ स्थानीय लोगों से जबरन वसूली भी करते हैं। अंकित की गिरफ्तारी सिर्फ एक घटना नहीं—बल्कि इस बात का संकेत है कि कानून-व्यवस्था अपराध की जड़ों तक पहुँचने लगी है। क्यों मायने रखता है? क्योंकि सुरक्षित सड़कें ऐसे ही कदमों से बनती हैं।
ऑपरेशन: कैसे एंटी-नारकोटिक्स सेल ने की कार्रवाई
गुप्त सूचनाएँ और निगरानी से हुई पकड़
ANC की टीम ने पुख्ता खुफिया जानकारी और निरंतर निगरानी के आधार पर कार्रवाई की रूपरेखा बनाई।
स्थानीय मुखबिरों से मिले इनपुट
फोन टैपिंग
गुप्त कैमरों की निगरानी
अंकित की दिनचर्या और ठिकानों की पहचान
इन तैयारियों में कई सप्ताह लगे। यह दिखाता है कि कैसे मानवीय खुफिया और तकनीक मिलकर बड़े अपराधियों को पकड़ने में कारगर साबित होते हैं। अंततः जानकारी ने पुलिस को उस शांत इलाके तक पहुँचा दिया, जहाँ अंकित खुद को सुरक्षित समझ रहा था।
गिरफ्तारी का स्थान और समय
कार्रवाई दक्षिण Delhi के छतरपुर क्षेत्र की एक संकरी गली में हुई—जो भाऊ गैंग के ड्रग ड्रॉप पॉइंट्स से जुड़ी मानी जाती है।
रात करीब 2 बजे, जब सड़कें खाली थीं, पुलिस ने घेराबंदी की।
अंकित भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस का घेरा बेहद मजबूत था।
एनकाउंटर का तनाव मौजूद था, हालांकि गोली चलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
रात के समय की गई यह कार्रवाई सामान्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई।

अभियुक्त की प्रोफाइल: अंकित और उसका भाऊ गैंग से कनेक्शन
अंकित का आपराधिक इतिहास और गैंग में भूमिका
अंकित, उम्र लगभग 35 वर्ष, कई मामलों में वांछित था—
हेरोइन व कोकीन की तस्करी
जबरन वसूली
गिरोह के लिए हथियारों की व्यवस्था
2020 से उसके खिलाफ कई FIR दर्ज हैं, जिनमें नकली पहचान पत्र और भारी नकदी का बरामद होना शामिल है।
वह सप्लायरों और दिल्ली की अंडरवर्ल्ड के बीच कड़ी का काम करता था।
पुलिस की मानें, तो अंकित गैंग के “मिड-लेवल ऑपरेटर” से बढ़कर एक मुख्य फैसले लेने वाला सदस्य बन चुका था।
भाऊ गैंग: संरचना, ताकत और ऑपरेशन
भाऊ गैंग लगभग 50 सक्रिय सदस्यों के साथ Delhi और आस-पास के क्षेत्रों में सक्रिय है।
उनका धंधा—
नशे की तस्करी (60% आय)
जबरन वसूली (30%)
सुपारी किलिंग और अवैध हथियार
गैंग NCR और हरियाणा सीमा के रास्तों पर ड्रग सप्लाई चलाता है।
पिछले साल पुलिस ने उनके 12 गुर्गों को गिरफ्तार कर 20 से अधिक केस सुलझाए थे।
मुख्य कमज़ोरियाँ—
अंकित जैसे मध्य-स्तरीय ऑपरेटरों पर निर्भरता
अस्थायी ड्रग लैब्स
सीमित स्रोतों पर आधारित नेटवर्क

ज़ब्त सामान और गिरफ्तारी के सबूत
कब्ज़े से बरामद—नशीला पदार्थ और अवैध हथियार
कार्रवाई में पुलिस ने बरामद किए:
4 किलो शुद्ध हेरोइन
दो .32 कैलिबर पिस्तौल और अतिरिक्त कारतूस
15 लाख रुपये नकद
इस हेरोइन से लगभग 40,000 डोज़ बनाई जा सकती थीं, जिनकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बैठती है।
हथियार गैंग युद्ध और जबरन वसूली की घटनाओं में इस्तेमाल होते थे।
ड्रग सैंपल लैब में भेजे गए हैं जिससे इनके सप्लायर नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पूछताछ से नए सुराग और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के तुरंत बाद अंकित से पूछताछ शुरू हुई।
उद्देश्य—
सप्लाई चेन का पता
पैसों का प्रवाह
पंजाब और अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क
2023 की एक समान ड्रग बरामदगी से कनेक्शन
संभावना है कि अंकित से मिले इनपुट पर जल्द ही फॉलो-अप रेड किए जाएँगे।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जनता की सुरक्षा पर असर
Delhi पुलिस नेतृत्व के बयान
Delhi पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने इस गिरफ्तारी को “नशे के सिंडिकेट पर बड़ा वार” बताया।
ANC टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा—
“जो लोग हमारे शहर को ज़हर बेचते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं। कार्रवाई और तेज होगी।”
ANC प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन आने वाले दिनों में बढ़ाए जाएँगे।

स्थानीय अपराध और समुदायिक विश्वास पर असर
अंकित जैसे अपराधियों की गिरफ्तारी से छतरपुर जैसे इलाकों में डर कम हुआ है।
हाल ही में ऐसे ऑपरेशनों के बाद नशे से जुड़े केसों में 15% की गिरावट दर्ज की गई है।
लोग पुलिस को पहले से अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं।
ANC की हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली टिप-offs बढ़ी हैं।
आप भी मदद कर सकते हैं—
संदिग्ध गतिविधियाँ
देर रात बार-बार आने वाले अजनबी
असामान्य पैकेट डिलीवरी
इनकी सूचना देने से अपराध कम होते हैं।
अपराध के इकोसिस्टम को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम
अंकित की गिरफ्तारी भाऊ गैंग की ड्रग सप्लाई चेन को कमजोर करती है और गैंग के बीच डर पैदा करती है।
यह साबित करती है कि इंटेलिजेंस-ड्रिवन पुलिसिंग ही बड़े अपराध नेटवर्कों पर सबसे असरदार वार है।
मुख्य संदेश:
अपराधियों के “मिड-लेवल ऑपरेटर्स” को निशाना बनाना पूरे नेटवर्क को हिला देता है।
जनता की सतर्कता और पुलिस की तत्परता मिलकर दिल्ली को सुरक्षित बना सकती है।
सवाल यह है—आप अगला कदम क्या उठाएँगे?
सतर्क रहें, जागरूक रहें और अपराध के खिलाफ अपनी भूमिका निभाएँ।
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