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Delhi प्रदूषण न्यूज़: AQI गंभीर स्तर पर, उड़ानें प्रभावित, अकुम्स फ़ार्मा के फ़ाइनेंस चीफ़ का इस्तीफ़ा — पूरी जानकारी

Delhi की हवा इस समय किसी भारी कंबल की तरह शहर को ढक चुकी है। दिसंबर 2025 में कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 से ऊपर पहुँच गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। लोग खाँसी और आँखों की जलन से परेशान हैं, स्कूल बंद हो चुके हैं और कम दृश्यता के कारण उड़ानों पर भी असर पड़ा है। इसी बीच कॉरपोरेट जगत से भी बड़ी खबर आई है—अकुम्स ड्रग्स एंड फ़ार्मास्यूटिकल्स के फ़ाइनेंस चीफ़ ने इस्तीफ़ा दे दिया है। आइए समझते हैं कि क्या हो रहा है और इसका आप पर क्या असर पड़ता है।

बढ़ता AQI: आँकड़े और स्वास्थ्य आपात स्थिति

Delhi का स्मॉग अब सिर्फ़ असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संकट बन चुका है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5) सबसे बड़ा खतरा हैं, जो सीधे फेफड़ों और दिल पर असर डालते हैं।

PM2.5 का रिकॉर्ड स्तर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार:

  • आनंद विहार: AQI ~ 480

  • द्वारका: AQI ~ 460

  • ITO: AQI ~ 425

PM2.5 का स्तर कई जगह 500 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर से ऊपर दर्ज किया गया। शांत हवाओं के कारण पराली जलाने और स्थानीय प्रदूषण का धुआँ शहर में ही फँस गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने का योगदान लगभग 30% तक हो सकता है।

स्वास्थ्य सलाह और अस्पतालों पर दबाव

  • स्वास्थ्य विभाग ने बुज़ुर्गों, बच्चों और अस्थमा/दिल के मरीजों को बाहर न निकलने की सलाह दी है।

  • अस्पतालों में सांस संबंधी मामलों में 40% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • डॉक्टरों के अनुसार, थोड़े समय का संपर्क भी सिरदर्द और आँखों में जलन बढ़ाता है, जबकि लंबे समय में हृदय रोग का जोखिम 25% तक बढ़ सकता है।

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परिवहन पर असर: उड़ानें और सड़कें प्रभावित

कम दृश्यता ने Delhi की रफ्तार थाम दी है—हवाई और ज़मीनी, दोनों ही स्तरों पर।

उड़ानें रद्द और डायवर्ट

  • इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 50 से ज़्यादा उड़ानें लेट हुईं।

  • 12 उड़ानें जयपुर डायवर्ट करनी पड़ीं।

  • दृश्यता कई बार 200 मीटर तक गिर गई, जबकि सुरक्षित लैंडिंग के लिए कम से कम 550 मीटर चाहिए।

  • यात्रियों को सलाह है कि एयरलाइन ऐप्स और फ्लाइट ट्रैकर्स से अपडेट लेते रहें।

सड़कों पर अव्यवस्था

  • NCR में सड़क हादसों में 15% की बढ़ोतरी

  • धुंध के कारण बसें देर से चल रहीं हैं, मेट्रो में भीड़ बढ़ी है।

  • ड्राइवरों को फॉग लाइट, कम स्पीड और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कॉरपोरेट असर: अकुम्स फ़ार्मा के फ़ाइनेंस चीफ़ का इस्तीफ़ा

प्रदूषण का असर दफ़्तरों और उद्योगों पर भी साफ़ दिख रहा है।

इस्तीफ़े का समय और कारण

अकुम्स ड्रग्स एंड फ़ार्मास्यूटिकल्स के फ़ाइनेंस चीफ़ राहुल शर्मा ने बुधवार को इस्तीफ़ा दिया। आधिकारिक कारण “व्यक्तिगत” बताया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रदूषण से जुड़ी सप्लाई चेन बाधाएँ और संचालन का दबाव भी एक वजह हो सकता है। NCR में स्थित फ़ार्मा कंपनियों को लॉजिस्टिक्स और कर्मचारियों की अनुपस्थिति से नुकसान हो रहा है।

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कारोबार पर व्यापक प्रभाव

  • प्रदूषण के कारण कंपनियों को हर साल अरबों रुपये का नुकसान होता है।

  • बीमारियों के चलते उत्पादकता में 20% तक गिरावट

  • कई कंपनियाँ वर्क-फ़्रॉम-होम और ग्रीन नीतियों पर ज़ोर दे रही हैं ताकि कर्मचारियों को रोका जा सके।

सरकार और अदालत की प्रतिक्रिया

आपात कदम

  • GRAP स्टेज-IV लागू: ट्रकों की एंट्री पर रोक, डीज़ल जेनसेट बंद।

  • स्कूल एक हफ्ते के लिए बंद, ऑड-ईवन स्कीम फिर से लागू।

  • पराली जलाने पर जुर्माना, धूल दबाने के लिए पानी का छिड़काव।

  • SMS अलर्ट के ज़रिए नागरिकों को जानकारी।

न्यायिक सख़्ती

  • सुप्रीम कोर्ट और NGT ने इसे “जन स्वास्थ्य आपातकाल” बताया।

  • प्रदूषण फैलाने वालों पर 50 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना

  • राज्यों को सख़्त समयसीमा के साथ रिपोर्ट देने के निर्देश।

स्मॉग से कैसे बचें: आम लोगों के लिए ज़रूरी टिप्स

घर के अंदर की हवा सुरक्षित रखें

  • खिड़कियाँ सील करें, HEPA फ़िल्टर एयर प्यूरीफ़ायर का इस्तेमाल करें।

  • मोमबत्ती, अगरबत्ती और ज़्यादा तलने से बचें।

  • AC और फ़िल्टर नियमित साफ़ करें।

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बाहर निकलते समय सावधानी

  • N95/FFP2 मास्क पहनें।

  • सुबह की सैर टालें, AQI ऐप से स्तर जाँचें।

  • पानी ज़्यादा पिएँ, हरी सब्ज़ियाँ और फल लें।

  • बच्चों को बाहर खेलने से रोकें।

तात्कालिक राहत से आगे की ज़रूरत

Delhi का प्रदूषण संकट स्वास्थ्य, परिवहन और कारोबार—तीनों को एक साथ प्रभावित कर रहा है। AQI का गंभीर स्तर, उड़ानों की अव्यवस्था और कॉरपोरेट इस्तीफ़े इस बात का संकेत हैं कि समस्या गहरी है। सरकार और अदालतें कदम उठा रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए पराली, ट्रैफ़िक और औद्योगिक प्रदूषण पर सालभर काम करना होगा।

तब तक, अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें और साफ़ हवा की माँग को अपनी आवाज़ बनाएँ। दिल्ली को बेहतर हवा चाहिए—अभी और हमेशा।

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