पीरा गढ़ी ट्रिपल मर्डर केस: स्वयंभू ‘बाबा’ की गिरफ्तारी से हिला पश्चिमी Delhi
पश्चिमी Delhi के पीरा गढ़ी इलाके में हुई एक दिल दहला देने वाली ट्रिपल मर्डर की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। एक ही घर में तीन लोगों की बेरहमी से हत्या और फिर एक स्वयंभू ‘बाबा’ की गिरफ्तारी ने आस्था, भरोसे और अंधविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पश्चिमी दिल्ली में सनसनी
पीरा गढ़ी में भयावह खोज
15 जनवरी 2026 की शाम पीरा गढ़ी के एक फ्लैट से चीखने की आवाजें सुनाई दीं। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर तीन शव खून से लथपथ हालत में मिले।
मृतकों की पहचान सुनीता देवी (45), उनके बेटे अमित (22) और पड़ोसी राजू शर्मा (38) के रूप में हुई। तीनों की धारदार हथियार से कई बार वार कर हत्या की गई थी। घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले, जिससे शक किसी परिचित पर गया।
Delhi पुलिस ने तुरंत मामले को ट्रिपल मर्डर घोषित कर विशेष जांच टीम गठित की।
आरोपी ‘बाबा’ की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 52 वर्षीय राजेश कुमार के रूप में हुई, जो खुद को ‘बाबा जी’ कहता था। वह इलाके में आध्यात्मिक उपचार और समस्याओं के समाधान का दावा करता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुनीता देवी अक्सर उससे पारिवारिक परेशानियों को लेकर सलाह लेती थीं। आरोपी का पीड़ित परिवार से नियमित संपर्क था, जिससे उस पर शक गहराया।
28 जनवरी 2026 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, क्योंकि कई लोग उसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक मानते थे।
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हत्या की पूरी कहानी: कैसे हुआ खुलासा
अपराध का तरीका और सबूत
पुलिस जांच के अनुसार, हत्या में घर के रसोईघर से लिया गया चाकू इस्तेमाल हुआ। फोरेंसिक टीम को घटनास्थल से आरोपी के फिंगरप्रिंट और डीएनए साक्ष्य मिले।
खून से सना चाकू आरोपी के घर की दीवार में छिपा मिला।
आरोपी के कपड़ों पर मिला खून पीड़ितों से मेल खाता है।
सीसीटीवी फुटेज में उसे घटनास्थल के आसपास देखा गया।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से उसकी लोकेशन घटना के समय वहीं पाई गई।
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी घोषित किया।
संभावित मकसद
पुलिस की जांच में दो प्रमुख संभावनाएं सामने आई हैं:
पैसों का विवाद – बताया जा रहा है कि सुनीता देवी ने ‘बाबा’ को कुछ पैसे देने थे, जिसे लेकर विवाद हुआ।
अहं और नियंत्रण – अमित ने कथित रूप से ‘बाबा’ की कथित शक्तियों पर सवाल उठाए थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी आर्थिक धोखाधड़ी में शामिल रहा है।

कानूनी कार्रवाई
राजेश कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 380 (चोरी) और 506 (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
5 मार्च 2026 को अदालत में चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है। यदि दोष सिद्ध हुआ, तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
समाज के लिए चेतावनी: अंधभक्ति का खतरा
यह मामला दिखाता है कि कैसे कुछ लोग आध्यात्मिकता का चोला पहनकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और उसका दुरुपयोग करते हैं।
लोग क्यों फंस जाते हैं?
पारिवारिक या आर्थिक परेशानियां
बीमारी या बेरोजगारी जैसी समस्याएं
त्वरित समाधान की चाह
ऐसे समय में कोई भी व्यक्ति जो “चमत्कार” का दावा करे, आकर्षक लग सकता है।
कैसे पहचानें फर्जी ‘बाबा’?
बड़ी रकम की मांग करना
परिवार से अलग-थलग रहने की सलाह देना
डर या श्राप का भय दिखाना
चमत्कारों के दावे बिना किसी प्रमाण के
यदि कोई व्यक्ति इन संकेतों को दिखाए, तो सतर्क रहें और जरूरत पड़े तो पुलिस को सूचना दें।

प्रशासन की भूमिका
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब ऐसे स्वयंभू धर्मगुरुओं पर निगरानी बढ़ाने की बात कर रहे हैं। छोटे-छोटे ‘डेरों’ और प्रार्थना स्थलों पर भी जांच की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पीरा गढ़ी में न्याय की उम्मीद
15 जनवरी की भयावह घटना से लेकर 28 जनवरी की गिरफ्तारी तक, यह मामला तेजी से आगे बढ़ा है। लेकिन असली न्याय अदालत में तय होगा।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि आस्था व्यक्तिगत हो सकती है, पर अंधविश्वास खतरनाक होता है। किसी भी व्यक्ति को आंख मूंदकर भगवान का दर्जा देना गंभीर परिणाम ला सकता है।
संदेश साफ है:
सतर्क रहें, सवाल पूछें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज है।
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