Delhi SIR: 4 दिसंबर की डेडलाइन से पहले 20 लाख वोटरों के पात्रता मामलों का निपटारा, जानें अब क्या होगा
Delhi SIR में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। राजधानी में मतदाताओं की पात्रता और उनके रिकॉर्ड की जांच के लिए जारी किए गए नोटिसों में से करीब 20 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के मुताबिक, कुल 33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मामलों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
निर्वाचन अधिकारियों के सामने अब शेष मामलों को समय पर निपटाने की चुनौती है। चुनाव आयोग ने दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के लिए 4 दिसंबर 2026 की तारीख तय की है। इससे पहले नोटिसों, दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
1. Delhi SIR में 20 लाख मामलों का निपटारा, 33 लाख मतदाताओं को नोटिस
दिल्ली के CEO कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, SIR के तहत लगभग 33 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए गए थे। इन नोटिसों का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों और पात्रता से संबंधित विसंगतियों की जांच करना था।
कई मतदाताओं के रिकॉर्ड में ऐसी समस्याएं थीं, जिनके लिए अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत पड़ी। इनमें वर्ष 2002 की पिछली गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से नाम का मिलान नहीं होना या दूसरे विवरणों में अंतर जैसी स्थितियां शामिल थीं।
अब तक लगभग 20 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसका मतलब है कि करीब 13 लाख मामले अभी निपटाए जाने बाकी हैं, हालांकि आगे की प्रक्रिया में यह संख्या बदल सकती है। अधिकारियों का लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर सभी मामलों पर निर्णय लेना है।
2. शुरुआत में धीमी थी प्रक्रिया, अब बढ़ी रफ्तार
Delhi SIR में SIR की प्रक्रिया के शुरुआती चरण में नोटिसों के निपटारे की गति अपेक्षाकृत धीमी रही। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद शुरुआती 30 दिनों में, 29 सितंबर तक, लगभग 4 लाख नोटिसों का ही निपटारा हुआ था।
इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई कदम उठाए। इनमें बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के माध्यम से घर-घर जाकर संपर्क करना, ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था में सुधार और पात्रता संबंधी मामलों के निपटारे को आसान बनाना शामिल है।
इसके अलावा, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (AEROs) की संख्या 297 से बढ़ाकर 902 किए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। इन बदलावों का उद्देश्य अधिकारियों पर काम का दबाव कम करना और लंबित मामलों को तेजी से निपटाना है।
3. अंतिम मतदाता सूची की नई तारीख क्या है?
दिल्ली में SIR का कार्यक्रम पहले भी संशोधित किया जा चुका है। चुनाव आयोग ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में समयसीमा में बदलाव करते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 4 नवंबर से बढ़ाकर 4 दिसंबर 2026 कर दी थी।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
प्रक्रिया | निर्धारित तारीख |
|---|---|
ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन | 31 अगस्त 2026 |
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख | 30 अक्टूबर 2026 |
नोटिस, दावों और आपत्तियों का निपटारा | 30 नवंबर 2026 |
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 4 दिसंबर 2026 |
इन तारीखों का उद्देश्य मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड की जांच कराने और पात्रता से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए पर्याप्त अवसर देना है।
4. ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम गायब है तो क्या करें?
निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जरूर जांचें। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो उसे संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना चाहिए।
Delhi SIRमतदाता अपना नाम और विवरण दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं: CEO Delhi की आधिकारिक वेबसाइट
जरूरत के अनुसार अलग-अलग फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है:
फॉर्म 6: मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए।
फॉर्म 7: किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या नियमानुसार नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए।
फॉर्म 8: पता बदलने, विवरणों में सुधार और अन्य निर्धारित संशोधनों के लिए।
कौन-सा फॉर्म लागू होगा, यह संबंधित मामले पर निर्भर करता है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक निर्देश और समयसीमा जरूर जांचें।
5. SIR का उद्देश्य क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से स्थान बदल चुके लोगों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और पात्रता या विवरण संबंधी विसंगतियों की जांच की जाती है।
दिल्ली में इस प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगभग 97.5 लाख नाम शामिल किए गए, जबकि पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की संख्या लगभग 1.45 करोड़ बताई गई थी। करीब 47.5 लाख प्रविष्टियों को विभिन्न कारणों से ड्राफ्ट सूची से बाहर रखा गया। इनमें मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट प्रविष्टियों जैसी श्रेणियां शामिल थीं।
हालांकि, ड्राफ्ट सूची से किसी नाम का गायब होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि संबंधित व्यक्ति मतदान के लिए अपात्र है। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावे, दस्तावेज और आपत्तियों की जांच जरूरी है।
6. मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया?
Delhi SIR मतदाता सूची में नाम होना मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को समय रहते अपने नाम और अन्य विवरणों की पुष्टि करनी चाहिए।
यदि किसी मतदाता को नोटिस मिला है, तो उसे उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संबंधित अधिकारी से संपर्क करके आवश्यक दस्तावेज जमा करना और सुनवाई की जानकारी लेना उपयोगी होगा। किसी भी भ्रम की स्थिति में केवल सोशल मीडिया संदेशों पर भरोसा करने के बजाय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
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