देहरादून, 23 मार्च उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सरदार गुरमीत सिंह ने
बुधवार को श्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य के मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
श्री धामी राज्य के
12वें मुख्यमंत्री होंगे। श्री धामी के साथ आठ और विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की
शपथ ली।
श्री सिंह ने सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, धनसिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य,
चंदन राम दास और सौरभ बहुगुणा को कैबिनेट मंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
श्री अग्रवाल ने
संस्कृत में शपथ ली जबकि श्री जोशी ने शपथ लेने के बाद राज्यपाल को सैल्यूट किया। सुश्री आर्य शपथ ग्रहण के
दौरान परम्परागत कुमाउंनी वेशभूषा धारण कर रखी थी।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री
नितिन गडकरी, मीनाक्षी लेखी, संजीव बालियान भी शामिल हुए।
इस मौके पर गोवा के मनोनीत मुख्यमंत्री प्रमोद
सावंत, उत्तर प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, हरियाणा
के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर,
असम के मुख्यमंत्री हेमन्त बिस्वा शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज
सिंह चौहान भी मौजूद थे।
इनके अलावा, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखण्ड के पूर्व
मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र रावत और तीर्थ सिंह रावत भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
शपथ ग्रहण समारोह में साधु-संतों के अलावा, बड़ी संख्या में आम जनता उपस्थित रही। समारोह का सीधा प्रसारण
किया गया। गौरतलब है
भाजपा ने हाल ही संपन्न चुनावों में 70 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें जीतकर प्रचंड
बहुमत हासिल किया था। भाजपा ने राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल करके इतिहास रचा है।
राज्य गठन
के बाद से अब तक किसी भी दल को लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल नहीं हुई है।
इन आठ मंत्रियों ने ली शपथ
सबसे पहले सतपाल महाराज ने शपथ ली। इसके बाद प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध
उनियाल
, रेखा आर्य, चंदनराम दास और सौरभ बहुगुणा ने शपथ ली। इस बार तीन नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल
हुए।
जानते हैं इनके बारे में
1 सतपाल महाराज
सतपाल महाराज ने चौबट्टाखाल सीट से जीत दर्ज की है। वह 2017 में बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके
हैं।
इससे पहले तक वह कांग्रेस में सक्रिय थे। सतपाल महाराज आध्यात्मिक गुरु भी हैं। महाराज केंद्र की देवेगौड़ा
और गुजराल सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
2 प्रेमचंद अग्रवाल
भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने संस्कृत में शपथ ली। वह राज्य की चौथी विधानसभा के स्पीकर थे।
स्पीकर
पद के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में एकमात्र नामांकन उन्होंने ही किया था। तत्कालीन प्रोटेम स्पीकर हरबंस
कपूर ने सदन में उनके स्पीकर बनने की घोषणा की थी।
पांचवीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों में इन्होंने
ऋषिकेश सीट से चुनाव लड़ा था।
3 गणेश जोशी
गणेश जोशी मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले हैं।
इनका जन्म 1958 में मेरठ में हुआ था। मेरठ में
उनके पिता स्वर्गीय श्याम दत्त जोशी भारतीय सेना के जवान के रूप में तैनात थे।
गणेश जोशी 1976 से 1983
तक एक सैनिक के रूप में भारतीय सेना में रहे। वर्तमान में वह देहरादून के कालीदास रोड स्थित आवास में रहते
हैं।
4 धन सिंह रावत
धन सिंह रावत रावत पौड़ी जनपद की श्रीनगर सीट से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। पिछली धामी सरकार
में वह उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री थे।
धामी सरकार में वह दूसरी बार मंत्री बने हैं। धन सिंह रावत अपने
विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।
5 सुबोध उनियाल
सुबोध उनियाल टिहरी जनपद की नरेंद्रनगर विधानसभा सीट से विधायक है।
वह लगातार दूसरी बार यहां से जीते
हैं। इससे पहले वह उत्तराखंड सरकार में कृषि मंत्री रहे हैं। पहले वह कांग्रेस पार्टी में थे।
वर्ष 2016 में इन्होंने
भाजपा ज्वाइन की थी।
6 रेखा आर्य
रेखा आर्य सोमेश्वर से विधायक हैं। रेखा आर्य 2003 में पहली बार जिला पंचायत सदस्य बनीं। 2012 में उन्होंने
सोमेश्वर विधानसभा से चुनाव लड़ा। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और दूसरे नंबर पर रहीं।
उसके
बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गईं।
2014 में सोमेश्वर विधानसभा से रेखा आर्या ने कांग्रेस के टिकट पर उपचुनाव
लड़ा और जीतीं। 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रेखा आर्या बीजेपी में शामिल हो गईं
और बीजेपी के
टिकट पर विधानसभा पहुंचीं। बीजेपी ने उन्हें राज्य मंत्री बनाया।
7 चंदनराम दास
चंदनराम दास बागेश्वर से विधायक हैं। वह पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं।
चंदनराम दास लगातार चार
बार विधायक रह चुके हैं। वह अपने सरल स्वभाव के लिए जनता के बीच खासा प्रसिद्ध हैं।

