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इंडिया सावधान न्यूज़ मजहर अंसारी

 

लखनऊ बदायूं लोक सभा के सपा से प्रबल दावेदार धमेंद्र यादव बदायूं संसदीय क्षेत्र छोड़ भागे आज़म गढ़ जबकि बदायूं के मतदाताओं ने धर्मेंद्र यादव को बे पनाह मोहब्बत और प्यार देने का काम किया था

मगर उसके एवज में धर्मेंद्र यादव ने बदायूं की जनता के साथ खिलवाड़ किया मगर बात यहीं खत्म नहीं होती जनता के दिमाग में यह बात उठना लाजमी है कि जब जब बाहरी प्रत्याशी बदायूं आया उसको यहां की जनता ने गले लगाने का

काम किया और उसको अपने सिर का ताज बनाने का काम किया इसी मगर अब शायद बदायूं की जनता यह मन बना रही है कि 2024 के चुनाव में घरेलू प्रत्याशी को जीतकर देश की संसद में भेजने का काम करेंगे,

यूं तो धर्मेंद्र यादव का समाजवादी पार्टी में कद बड़ा होने के नाते वोह जिस भी लोक सभा क्षेत्र से चाहते चुनाव लड़ सकते थे मगर उनको बदायूं से भागने के लिए रास्ते की तलाश थी

शायद वोह यह रास्ता आजमगढ़ की शकल में नजर आया और बदायूं छोड़ आजमगढ़ का रास्ता चुन लिया,

 

धर्मेंद्र यादव का बदायूं से इस तरह छोड़कर जाने से घरेलू प्रत्याशी हाजी मुसर्रत अली उर्फ बिट्टन के लिए किसी हद तक रास्ता आसान हुआ है जो कि 2024 के लोक सभा चुनाव में सशक्त दावेदारी हो सकती ,

1952 से लेकर अब तक कांग्रेस प्रत्याशी पांच बार चुनाव जीतकर संसद तक पहुंचे वहीं जनसंघ ने दो बार ,जनता पार्टी ने एक बार जनता दल ने एक बार, भारतीय जनता पार्टी ने दो बार, जबकि सबसे अधिक छः बार समाज वादी पार्टी

प्रत्याशियों ने जीत दर्ज करने का काम किया है, धर्मेंद्र यादव के बदायूं छोड़ जाने से हाजी मुसर्रत अली लोक सभा बदायूं सीट से एक ऐसे प्रत्याशी होंगे जो अपनी हो लोकसभा के होंगे जबकि सात वीं लोकसभा में असरार अहमद के बाद से अब

तक जितने भी प्रत्याशी जीतकर गए वोह सब बदायूं के बाहर से आए हुए प्रत्याशी हैं,इस बार बदायूं लोकसभा के क्षेत्र का ही प्रत्याशी लोकसभा में जाने का काम करेगा जनता का कहना है कि जितना प्यार दुलार बाहरी प्रत्याशियों को बदायूं की

जनता देती है उतना प्यार दुलार अगर क्षेत्रीय प्रत्याशी को दिया जाएगा वोह हमारे हर सुख दुःख में काम आयेगा और बाहरी तो बाहरी है उसको कितना भी प्यार दिया जाए

वो एक न एक दिन छोड़कर चला जाता है और पराया हो जाता है इस लिए इस बार बदायूं की जनता आने वाले लोक सभा चुनाव में क्षेत्रीय प्रत्याशी को ही महत्त्व देने का काम करेगी।