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नई दिल्ली, 07 सितंबर (पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में मंगलवार रात एक युवक ने
अपनी पत्नी और बेटे को चाकू मारने के बाद खुद की नस काट ली। 42 वर्षीय नीरज, उसकी 37

वर्षीय पत्नी ज्योति और 13 वर्षीय बेटे को डॉ. हेडगवार अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने

ज्योति को मृत घोषित कर दिया। नीरज को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के
दौरान उसकी भी मौत हो गई। वहीं 13 वर्षीय बेटे का उपचार चल रहा है।

प्राथमिक जांच में पता चला है कि आर्थिक तंगी और संपत्ति को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद
रहता था। वहीं नीरज अपनी पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था। पुलिस रिश्तेदारों और परिजनों से

पूछताछ कर रही है। मृतक नीरज परिवार के साथ लक्ष्मी नगर के पश्चिमी गुरु अंगद नगर इलाके में
रहता था। परिवार में दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 13 और आठ साल है। नीरज एसी मरम्मत का काम

करता था। नीरज की मां और तीनों भाई इसी मकान में अलग फ्लोर पर रहते हैं। नीरज और ज्योति
के बीच आर्थिंग तंगी और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।

उनके बीच झगड़े होते थे। मंगलवार
रात को ज्योति और बच्चे घर पर मौजूद थे।

तभी नीरज पहुंचा और उनमें कहासुनी होने लगी।
नीरज अचानक भड़क गया और चाकू से ज्योति पर हमला कर दिया।

मां के बीच-बचाव में बड़ा बेटा आया तो उसे भी चाकू मार दिया। इसे देख उनका छोटा बेटा चौथी
मंजिल से भागकर नीचे गली में आया और शोर मचाने लगा।

परिवार के सदस्य व पड़ोसी ऊपर पहुंचे
तो नीरज ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था।

उन्होंने पुलिस को सूचना देकर कमरे की कुंडी
तोड़ी। अंदर ज्योति और नीरज दोनों खून से लथपथ थे।

बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने
दंपति के शव परिजनों को सौंप दिए।

जांच में पता चला कि पश्चिमी गुरु अंगद नगर में ज्योति के नाम पर मकान था। ज्योति यहां से
अपना फ्लोर बेचकर पालम में घर खरीदना चाहती थी। जबकि नीरज इसे बेचना नहीं चाहता था।

नीरज अपनी पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था। दोनों के बीच झगड़े के बाद कई बार पुलिस
कॉल भी हुई थी।

ज्योति ने मामले की शिकायत महिला अपराध शाखा के अलावा दिल्ली महिला
आयोग से भी की हुई थी।

पड़ोसियों के अनुसार, नीरज अपने बच्चों को मारता-पीटता था और उन्हें डराता था। वह बच्चों को
चौथी मंजिल से कूदने के लिए भी कहता था। इससे उसके बच्चे डरे हुए रहते थे। वह पड़ोसी बच्चों

से इस बारे में बताते थे। परिवारिक मामला होने के चलते पड़ोसी भी कुछ नहीं बोल पाते थे। इसके

अलावा नीरज पत्नी और बच्चों से दूरी बनाकर रहता था। अपनी मां के साथ अधिक समय बीताता
था।