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नई दिल्ली, 28 अगस्त । विदेशों में आजादी का अमृत महोत्सव; में तिरंगा फहराने के बाद भारत के 8
जहाजों की वतन वापसी शुरू हो गई है।

ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से लौटते समय भारतीय नौसेना के युद्धपोत
आईएनएस सुमेधा ने मलेशिया के पोर्ट क्लैंग का दौरा किया।

लंबी दूरी की परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में
यह जहाज दक्षिण पूर्व एशिया में तैनात किया गया है। भारत के 8 जहाजों ने भारत की आजादी के 75 साल पूरे

होने पर छह महाद्वीपों, तीन महासागरों और छह अलग-अलग बंदरगाहों पर तिरंगा फहराया था। इन्हीं में से एक
जहाज आईएनएस सुमेधा भारत लौटते समय मलेशिया पहुंचा है।

आईएनएस सुमेधा की पोर्ट क्लैंग की यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, भारतीय नौसेना और
रॉयल मलेशियाई नौसेना (आरएमएन) के बीच समुद्री सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है। दोनों नौसेनाएं

विभिन्न मोर्चों पर सहयोग कर रही हैं और वैश्विक कॉमन्स की समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मई, 2022 में कोटा किनाबालु में भारत और मलेशिया ने द्विपक्षीय समुद्री

अभ्यास ;लक्ष्मण; में और इसके बाद विशाखापत्तनम में ;मिलन-2022 में भागीदारी की थी

इसके बाद दोनों
नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय जुड़ाव बढ़ रहा है।

पोर्ट क्लैंग में पोर्ट कॉल के दौरान आईएनएस सुमेधा के चालक दल सदस्य रॉयल मलेशियाई नौसेना के कर्मियों के
साथ पेशेवर बातचीत करने के साथ ही क्रॉस डेक यात्राओं, खेल जुड़नार में भी हिस्सा लेंगे। यह जहाज स्कूली बच्चों

की यात्रा के लिए भी खुला रहेगा। युद्धपोत सुमेधा मलेशियाई जहाजों के साथ एक समुद्री साझेदारी अभ्यास
(एमपीएक्स) में भी भाग लेगा।

आईएनएस सुमेधा स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती पोत है जिसे कई भूमिकाओं के
लिए तैनात किया गया है। वह विशाखापत्तनम स्थित भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का हिस्सा है।

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव; मनाने के लिए मस्कट (ओमान) में

आईएनएस चेन्नई और आईएनएस कोच्चि, सिंगापुर में आईएनएस सरयू, अफ्रीका मोम्बासा (केन्या) में आईएनएस
तबर, लंदन में आईएनएस तरंगिनी, दक्षिण अमेरिका के रियो डी जनेरियो (ब्राजील) में आईएनएस तरकश,

पर्थ(ऑस्ट्रेलिया) में आईएनएस सुमेधा और उत्तरी अमेरिका के सैन डिएगो (यूएसए) में आईएनएस सतपुड़ा पहुंचे थे।
इन सभी जहाज़ों ने छह महाद्वीपों, तीन महासागरों और छह अलग-अलग बंदरगाहों पर तिरंगा फहराकर आजादी
का जश्न मनाया था।