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गुरुग्राम, 02 सितंबर  कर्मचारियों की मांगों के प्रति बिजली मंत्री पर घोर उपेक्षापूर्ण रवैए

का आरोप लगाकर शुक्रवार को नाराज बिजली कर्मचारियों ने यहां महरौली रोड स्थित सर्कल कार्यालय
पर आक्रोश प्रदर्शन किया।

आक्रोशित बिजली कर्मचारियों ने महावीर चौक तक जुलूस निकाला और
बिजली मंत्री का पुतला दहन किया।

ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के बेनर तले आयोजित इस प्रदर्शन एवं पुतला दहन
की अध्यक्षता राज्य सचिव बिजेंद्र फोगाट ने की। संचालन सर्कल सचिव सुशील शर्मा ने किया। इस

अवसर पर सर्व सम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव में सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर 15
नवंबर तक हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग कर ठेका कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने

तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने,

पुरानी पेंशन बहाली आदि 30 सुत्रीय मांगों
का समाधान नहीं किया जा

 

बिजली कर्मचारी 22 नवंबर को राज्य व्यापी हड़ताल करने पर मजबूर
होंगे।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि
केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल 2022 को लाने के लिए तत्पर है। जिससे बिजली का तमाम ढांचा

निजी कंपनियों के हाथों में चला जाएगा तथा सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी बंद हो जाएगी और बिजली
की दरों में भारी बढ़ोतरी होगी। उसके कारण उपभोक्ताओं को भारी नुकसान होगा। यदि केन्द्र सरकार

ने बिजली कर्मचारियों, इंजीनियर व किसानों के विरोध के बावजूद आगामी शीतकालीन सत्र में बिजली
संशोधन बिल 2022 को पास करने का प्रयास किया तो बिजली कर्मचारी जमकर विरोध करेंगे।

उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा पर रोक लगवाने, पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करवाने तथा रेगुलर
पॉलिसी बनवाने के लिए संगठन निर्णायक आंदोलन की तरफ बढ़ रहा है। राज्य प्रधान सुरेश राठी ने

कहा कि यदि हरियाणा सरकार समय रहते कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान नहीं करती है

तो फिर 22 नवंबर को बिजली के कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा

के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, उपप्रधान सुरेश नोहरा, ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन
के चेयरमैन देवेन्द्र हुड्डा,

 

प्रधान सुरेश राठी, डिप्टी जरनल सेकेट्री जितेंद्र तेवतिया, एसकेएस के जिला
सचिव रामनिवास ठाकरान भी पहुंचे।