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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध आज धरने के 80 वे दिन किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पिछले लंबे समय से किसान सभा के नेतृत्व में चल रहे धरने में आज बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने भाग लिया और उन्होंने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब तक समस्याओं का हल नहीं तब तक घर वापसी नहीं।
आज धरने की अध्यक्षता विजयपाल मायचा ने व संचालन संदीप भाटी ने किया।

किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकारियों से ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बनी है परंतु जो जटिल मुद्दे हैं उनको लेकर उनके पास अभी कोई ठोस जवाब नहीं है और जब तक हमें अपने मुद्दों को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं मिल जाता हम पीछे हटने वाले नहीं हैं प्राधिकरण के अंदर वर्षों से बैठे हुए अधिकारियों की मानसिकता किसान और मजदूर विरोधी है वह चीजों को बहुत ही विकृत रूप देकर शासन के सामने प्रस्तुत करते हैं जिससे समस्याओं का हल होने में बाधा उत्पन्न होती है ऐसे अधिकारियों को या तो जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए या उनको यहां से ट्रांसफर कर किसी दूसरी जगह पर भेज दिया जाए, इस मानसिकता के अधिकारी किसी भी रूप में किसान को समृद्ध नहीं होते देखना चाहते।

किसान सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल नागर का कहना है कि इस धरने का नेतृत्व कर रहे किसान सभा के सभी साथी मुद्दों के प्रति गंभीर हैं और उनको क्षेत्र के मुद्दों को लेकर समझ भी है अगर कोई अधिकारी किसानों को गुमराह करना चाहता है तो यह हम हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे और अधिकारियों को अपनी मानसिकता हर सूरत में बदलनी होगी।

किसान गवरी मुखिया का कहना है कि हमारे क्षेत्र में बड़ी मात्रा में युवा बेरोजगार हैं और हमारी ही जमीनों पर उद्योग धंधे लगाए जा रहे हैं लेकिन उसमें हमारे ही युवाओं को रोजगार ना मिले यह हमारे साथ सरासर अन्याय है।
किसान सभा के जिला सचिव जगबीर नंबरदार ने कहा कि जिले के जनप्रतिनिधियों को यहां के किसानों ने बहुत बड़ी संख्या में वोट देकर सदनों में भेजा है परंतु हमारे जनप्रतिनिधि हमारी ही बातों को सदनों में उठाने में संकोच करते हैं और प्रदेश के मुखिया के सम्मुख हमारी पैरवी करने में असमर्थ है, हमारे साथ पिछले दिनों धोखा किया गया था हम को लिखित आश्वासन देने के बावजूद हमारी समस्याओं का निदान नहीं किया गया।इसलिए हमें पुनः धरने पर आना पड़ा।

किसान संजय नागर ने कहा कि हमने संकल्प लिया है जब तक एक एक किसान परिवार को 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट नहीं मिल जाएगा तब तक हम अपने कदम पीछे नहीं हटाने वाले।
महिला किसान राजेश भाटी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो महिलाएं जेल भरने का काम भी करेंगी और जो प्रतिनिधि हमारे धरने को समाप्त करा कर आराम से बैठे हैं हम उनको भी चैन से नहीं रहने देंगे और भविष्य में जरुरत पड़ी तो उनके घरों को भी घेरने का कार्य किया जाएगा।
युवा किसान प्रशांत भाटी ने कहा कि देश के अंदर एक जनवरी 2014 से नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू हो गया है परंतु अभी तक इस जिले के किसान नए भूमि अधिग्रहण कानून से वंचित है ये हमारे साथ सरासर धोखा है हम सभी संगठनों को एक करके इस जिले के किसानों को उनके अधिकार दिला कर ही रहेंगे। इसी कड़ी में हमने 6 अगस्त को सभी किसान संगठनो को एक साथ धरना स्थल पर आमंत्रित किया है और उसके बाद हम आगे की रणनीति के विषय में निर्णय लेंगे।

किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि गांव में किसानों के साथ-साथ खेती पर गुजारा करने वाले भूमिहीन बड़ी मात्रा में निवास करते हैं और जब से किसानों की जमीन अधिग्रहण हुई है तब से उनके सामने जीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है हमारी हर गांव में बड़ी मात्रा में एलएमसी जमीन व चकबंदी के दौरान की गई कटौती की जमीन का मुआवजा प्राधिकरण किसी को नहीं देता उस जमीन पर हम अपने भूमिहीन भाइयों के लिए 40 वर्ग मीटर का प्लॉट मांग रहे हैं यह मांग हमारी न्याय संगत है और हम अपने भूमिहीन भाइयों को उनका अधिकार दिला कर रहेंगे।

आज के धरने में मुख्य रूप से नरेंद्र भाटी राजेश प्रधान बुद्धपाल यादव ल रंगीलाल भाटी हरेंद्र खारी रणपाल गुर्जर अमित भाटी अभय भाटी नरेंद्र सुनपुरा सतीश यादव अतर सिंह मास्टर शीशांत भाटी निशांत रावल पुष्पा देवी पूनम भाटी गीता भाटी रामवती धर्म पति सुनीता पुष्पा पूजा सहित हजारों की संख्या में किसान मौजूद रहे। भवदीय, डॉक्टर रुपेश वर्मा, प्रवक्ता, अखिल भारतीय किसान सभा गौतम बुध नगर