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BJP नेता रवि शंकर प्रसाद के आवास पर लगी आग: अब तक क्या पता चला

दिल्ली जैसे सुरक्षित और वीवीआईपी इलाके में किसी बड़े नेता के घर आग लगने की खबर तुरंत ध्यान खींच लेती है। जनवरी 2026 की एक ठंडी रात को ऐसा ही हुआ, जब BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के पटियाला हाउस स्थित सरकारी आवास में आग लग गई। यह इलाका उच्च सुरक्षा वाला माना जाता है, जहाँ नियमित सुरक्षा और निगरानी रहती है। इस घटना ने राजधानी को हिला दिया, हालांकि समय पर कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।

इस लेख में हम रवि शंकर प्रसाद आग की घटना की पूरी समयरेखा, नुकसान का आकलन, अधिकारियों की प्रतिक्रिया और दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में अग्नि सुरक्षा के महत्व पर चर्चा करेंगे।

घटना की समयरेखा: आग कैसे फैली

आग लगने की पहचान और शुरुआती अलर्ट

15 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे सबसे पहले आवास के रसोई क्षेत्र से धुआँ उठता देखा गया। मौजूद स्टाफ ने तुरंत अलार्म बजाया और दिल्ली फायर सर्विस को सूचना दी। आसपास के सुरक्षा कर्मियों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को सतर्क किया।
एक कर्मचारी ने बताया कि जले हुए तारों की तेज गंध आई और आग तेजी से फैलती दिखी, जिसके बाद तुरंत आपात कॉल की गई। शुरुआती अलर्ट ने हालात बिगड़ने से बचा लिया।

दमकल अभियान और आग पर काबू

करीब 10 मिनट में दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँच गईं। दिल्ली फायर सर्विस की पाँच गाड़ियाँ आग बुझाने में लगीं। सुरक्षा गेट और आवास की बनावट के कारण काम चुनौतीपूर्ण रहा। ठंड के कारण पानी की लाइनों में भी दिक्कत आई, जिससे आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब दो घंटे लगे।

रात 12 बजे तक मुख्य आग बुझा दी गई, हालांकि धुआँ कुछ समय तक बना रहा। टीमों ने शिफ्ट में काम किया ताकि धुएँ से दमकलकर्मियों को नुकसान न हो।

Fire breaks out at BJP leader Ravi Shankar Prasad's residence in Delhi - The Statesman

निवासियों की सुरक्षित निकासी

सबसे राहत की बात यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने के समय रवि शंकर प्रसाद अपने परिवार और कुछ सहयोगियों के साथ घर में मौजूद थे। सुरक्षा कर्मियों ने तय प्रक्रिया के अनुसार सभी को पीछे के रास्तों से बाहर निकाला।
पाँच मिनट से भी कम समय में सभी सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए। मौके पर मेडिकल टीमें भी तैनात रहीं। यह घटना बताती है कि नियमित मॉक ड्रिल कितनी जरूरी होती हैं।

नुकसान का आकलन और आग के कारण की जाँच

संपत्ति को कितना नुकसान हुआ

आग से सबसे ज्यादा नुकसान रसोई और उससे जुड़े लिविंग एरिया में हुआ।

  • इलेक्ट्रिक पैनल और वायरिंग जल गई

  • किचन उपकरण और कुछ फर्नीचर नष्ट हो गए

  • अध्ययन कक्ष में रखी किताबें और कागजात पानी से खराब हुए

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान करीब 50 लाख रुपये तक हो सकता है। हालांकि, इमारत की संरचना सुरक्षित रही और बेडरूम व बाहरी हिस्सों को नुकसान नहीं पहुँचा।

आग लगने का प्रारंभिक कारण

शुरुआती जाँच में रसोई में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। आशंका है कि कोई पुराना विद्युत उपकरण चालू रह गया, जिससे चिंगारी निकली।
दमकल विभाग और फॉरेंसिक टीमें मौके से सैंपल लेकर CCTV फुटेज की जाँच कर रही हैं। फिलहाल किसी साजिश या आगजनी के संकेत नहीं मिले हैं। अंतिम रिपोर्ट आने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं।

जाँच की प्रमुख प्रक्रियाएँ:

  • जले हुए हिस्सों का सर्वे

  • मलबे की लैब जाँच

  • प्रत्यक्षदर्शियों के बयान

Fire breaks out at BJP MP Ravi Shankar Prasad's Delhi home, brought under control immediately

आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ और राजनीतिक संदर्भ

सरकार और पार्टी की प्रतिक्रिया

BJP ने बयान जारी कर दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रवि शंकर प्रसाद से फोन पर बात कर हालचाल जाना।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से भी चिंता जताई गई। गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएँ दीं।

दिल्ली में वीवीआईपी आवासों की साल में दो बार अग्नि सुरक्षा जाँच होती है, लेकिन इस घटना के बाद कुछ स्थानों पर इसे और सख्त करने का निर्णय लिया गया है।

सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा

घटना के बाद गृह मंत्रालय ने सभी वीवीआईपी आवासों की अग्नि सुरक्षा समीक्षा के आदेश दिए।
रवि शंकर प्रसाद के आवास में अब:

  • अतिरिक्त फायर एक्सटिंग्विशर

  • पूरी इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जाँच

  • अधिक बार सुरक्षा ड्रिल

नए निर्देशों में शामिल हैं:

  • रोज़ाना खतरे की जाँच

  • बेहतर स्मोक मास्क और उपकरण

  • मासिक की जगह साप्ताहिक ड्रिल

Fire Breaks Out at BJP MP Ravi Shankar Prasad's New Delhi Residence, No Casualties Or Damage Reported | English Bombay Samachar

व्यापक संदर्भ: दिल्ली में अग्नि सुरक्षा की चुनौती

दिल्ली में आग की पिछली घटनाएँ

2019 और 2022 में भी दिल्ली के सरकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के परिसरों में आग लगने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इससे साफ है कि आग का खतरा हर जगह मौजूद है, चाहे सुरक्षा कितनी भी सख्त क्यों न हो।

लुटियंस दिल्ली जैसे पुराने इलाकों में पुरानी इमारतें और वायरिंग जोखिम बढ़ाती हैं। हर घटना से सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने की सीख मिलती है।

विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान

दिल्ली में करीब 40% आग की घटनाएँ बिजली से जुड़ी खराबी के कारण होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:

  • हर 10 साल में वायरिंग बदलनी चाहिए

  • सर्टिफाइड प्लग और उपकरण इस्तेमाल करें

  • ओवरलोडिंग और एक्सटेंशन बोर्ड से बचें

नियमित निरीक्षण से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

सतर्कता ही सुरक्षा है

रवि शंकर प्रसाद के आवास पर लगी आग एक गंभीर घटना थी, लेकिन समय पर कार्रवाई से जान-माल की बड़ी क्षति टल गई। दमकल और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता सराहनीय रही। शुरुआती जाँच में शॉर्ट सर्किट को कारण माना गया है और मरम्मत व नवीनीकरण का काम जल्द शुरू होगा।

यह घटना याद दिलाती है कि आग किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन तैयारी और सतर्कता से जोखिम कम किया जा सकता है।
अपने घर में स्मोक डिटेक्टर लगाएँ, वायरिंग की जाँच कराएँ और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

आगे की जाँच और अपडेट्स पर नज़र बनाए रखें—और आज ही सोचें, आप अपने घर को कितना सुरक्षित बना सकते हैं?