National Monetisation Pipeline (NMP) 2.0: 2030 तक ₹16.72 लाख करोड़ की परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना
कल्पना कीजिए कि पुरानी सड़कों, रेलवे ट्रैकों और बिजली लाइनों में फंसी पूंजी को निकालकर नए भारत के निर्माण में लगाया जाए। यही बड़ा कदम वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने NMP 2.0 लॉन्च करके उठाया है।
इस योजना के तहत 2030 तक ₹16.72 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी, बिना सरकारी कर्ज़ बढ़ाए।
NMP 2.0 क्या है? – पैमाना, उद्देश्य और रणनीति
NMP का पहला चरण 2021 में शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य 2025 तक ₹6 लाख करोड़ जुटाना था। अब NMP 2.0 अधिक व्यापक और संरचित तरीके से निजी निवेश को सरकारी परिसंपत्तियों में लाने का प्रयास है।
इसका मकसद है:
निष्क्रिय या कम उपयोग वाली परिसंपत्तियों से आय उत्पन्न करना
जुटाई गई राशि को नई परियोजनाओं में निवेश करना
राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखना
₹16.72 लाख करोड़ का लक्ष्य: चरणबद्ध योजना
2024–2027: लगभग ₹7.5 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य
2027–2030: शेष राशि संग्रह
यह समयसीमा भारत के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसमें 2030 तक तेज विकास दर बनाए रखना शामिल है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
NMP 2.0 में निम्न क्षेत्रों की परिसंपत्तियाँ प्रमुख रूप से शामिल होंगी:
1. सड़कें और राजमार्ग
टोल आधारित राजमार्ग निजी कंपनियों को दिए जाएंगे, जिससे उनकी दक्षता बढ़ेगी।
2. रेलवे
स्टेशन पुनर्विकास, माल ढुलाई कॉरिडोर और ट्रैक संचालन में निजी भागीदारी।
3. पावर ट्रांसमिशन
बिजली ट्रांसमिशन लाइनों में InvIT मॉडल के जरिए निवेश।
4. हवाई अड्डे और बंदरगाह
संचालन दक्षता बढ़ाने और यात्री सुविधाओं में सुधार के लिए निजी प्रबंधन।

व्यापक आर्थिक रणनीति से जुड़ाव
यह योजना National Infrastructure Pipeline (NIP) से जुड़ी है, जिसके तहत ₹111 लाख करोड़ की परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं।
NMP 2.0 “कैपिटल रीसाइक्लिंग” मॉडल पर आधारित है —
पुरानी परिसंपत्तियों से धन निकालकर नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में निवेश।
क्रियान्वयन ढांचा
PPP और InvIT मॉडल
Public-Private Partnership (PPP): जोखिम और लाभ साझा
Infrastructure Investment Trust (InvIT): निवेशकों को नियमित रिटर्न
पहले चरण में सड़कों के InvIT से हजारों करोड़ रुपये जुटाए गए थे।
IPMU की भूमिका
NITI Aayog के अंतर्गत Infrastructure Pipeline Management Unit (IPMU) पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
इसकी जिम्मेदारियाँ:
परिसंपत्तियों का मूल्यांकन
निवेशकों से संवाद
पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना
आर्थिक प्रभाव: विकास और रोजगार
1. रोजगार सृजन
निर्माण क्षेत्र में हजारों नौकरियां
लॉजिस्टिक्स और संचालन में स्थायी रोजगार

2. सरकारी वित्त पर सकारात्मक असर
कर्ज़ घटाने में मदद
सामाजिक क्षेत्रों (स्वास्थ्य, शिक्षा) में अधिक निवेश
3. सेवा गुणवत्ता में सुधार
बेहतर सड़क रखरखाव
आधुनिक रेलवे स्टेशन
तेज और सुरक्षित हवाई अड्डा सेवाएं
चुनौतियां और समाधान
पारदर्शिता और उचित मूल्य निर्धारण
स्वतंत्र ऑडिट और ऑनलाइन बोली प्रक्रिया से निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी।
नियामकीय बाधाएं
सिंगल-विंडो क्लियरेंस और त्वरित विवाद समाधान तंत्र लागू किया जाएगा।

भारत की कैपिटल रीसाइक्लिंग रणनीति का आधार
NMP 2.0 केवल धन जुटाने की योजना नहीं, बल्कि भारत के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने की रणनीति है।
मुख्य बिंदु:
लक्ष्य: ₹16.72 लाख करोड़ (2030 तक)
प्रमुख क्षेत्र: सड़क, रेलवे, बिजली, एयरपोर्ट, पोर्ट
रोजगार और निजी निवेश में वृद्धि
सरकारी कर्ज़ पर नियंत्रण
यह पहल भारत को 2030 तक अधिक मजबूत, कनेक्टेड और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अगर आप इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के क्षेत्र में रुचि रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में NMP 2.0 भारत की विकास गाथा का महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है।
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