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गाजियाबाद, 21 अक्टूबर । थाना नंदग्राम क्षेत्र अंतर्गत एक महिला के साथ गैंगरेप की
घटना का मामला सामने आया था।

जिसे पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए तमाम जांच शुरू की और
जो इस पूरे मामले में खुलासा हुआ वह बेहद चौंकाने वाला निकला। क्योंकि यह पूरा मामला फर्जी

पाया गया और गैंगरेप की घटना महज प्रॉपर्टी के विवाद के चलते कथित पीड़ित महिला व उसके
अन्य तीन साथियों के द्वारा रची गई थी। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे मामले में महिला के मित्र व

उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले का खुलासा आईजी मेरठ रेंज
प्रवीण कुमार ने प्रेस वार्ता में किया।

इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए आईजी मेरठ प्रवीण कुमार ने एक प्रेस वार्ता करते हुए जानकारी
दी कि थाना नंदग्राम क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली की रहने वाली एक महिला को अगवा कर उसके साथ 5

लोगों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने और उसके गुप्तांग में रॉड डालने का मामला सामने आया
था। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कथित पीड़ित महिला को सबसे पहले

जिला एमएमजी अस्पताल भेजा गया। लेकिन महिला ने अपना उपचार कराने व मेडिकल परीक्षण के

लिए साफ तौर पर इंकार कर दिया।उसके बाद चिकित्सकों ने उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज/हायर सेंटर

रेफर किया।लेकिन महिला ने अपना उपचार दिल्ली स्थित ज़ीटीबी अस्पताल में कराने की इच्छा
जाहिर की तो महिला को जीटीबी अस्पताल में भर्ती किया गया।

आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि उधर इस पूरे मामले में कथित पीड़ित महिला के भाई की तरफ
से थानानंद ग्राम में 5 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई। जिसके बाद चार लोगों को हिरासत में लेकर

गहन पूछताछ की गई,तो कई ऐसे तथ्य सामने आए। जिसमें पुलिस को इस पूरे प्रकरण में शक
हुआ। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की पुलिस अधीक्षक अपराध डॉक्टर दीक्षा शर्मा खुद एमबीबीएस

की पढ़ाई कर चुकी हैं। उसके बाद ही वह आईपीएस चयनित हुई। उन्होंने और क्षेत्राधिकारी द्वितीय

आलोक दुबे ने जीटीबी अस्पताल पहुंचकर महिला का उपचार कर रही चिकित्सकीय टीम से पूरी
जानकारी की।

उधर पुलिस ने जो गहनता से जांच की तो पता चला कि कथित पीड़िता का मित्र आजाद पुत्र तहसील
निवासी कबीर नगर थाना वेलकम दिल्ली जो कि अपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।उसी ने

महिला के मोबाइल का स्विच ऑफ किया था एवं जहां पीड़िता मिली है।उसी रास्ते पर मिलने के
समय के आप पास में घूमता रहा।पुलिस ने आजाद के मोबाइल को खंगाला तो पता चला कि आजाद

के फोन से जो साक्ष्य प्राप्त हुए हैं कि बलात्कार की इस खबर को बढ़ा चढ़ाकर प्रसारित कराया जाए।

इतना ही नहीं एक व्यक्ति विशेष को पेटीएम से इसके प्रचार-प्रसार के लिए भी भुगतान के साक्ष्य भी
पुलिस को मिल गए हैं।